सुबह सूर्य नमस्कार से दिन की करें शुरुआत, एक्सपर्ट से जानिए दिल और मांसपेशियों को क्या फायदे मिल सकते हैं
अगर आपने पहले कभी सूर्य नमस्कार नहीं किया है तो शुरुआत धीरे-धीरे करें. फिर आसनों को समझें और सांस लेने के तरीके पर ध्यान दें. बाबा रामदेव का कहना है कि अगर नियमित रूप से इस आसन का अभ्यास किया जाए तो परेशानी को काफी हद तक हल किया जा सकता है.
सूर्य नमस्कार करने से शरीर पर क्या असर पड़ता है? Image Credit- AI
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सुबह की शुरुआत अगर कुछ मिनट योग और एक्सरसाइज से की जाए तो शरीर को एक्टिव रखने में मदद मिल सकती है. सूर्य नमस्कार ऐसा ही एक योग अभ्यास है, जिसमें कई आसनों को एक क्रम में किया जाता है. इसमें शरीर को आगे-पीछे मोड़ने, स्ट्रेच करने और अपने वजन को संभालने वाली अलग-अलग एक्सरसाइज शामिल होती हैं. इसलिए इसका असर शरीर की कई मांसपेशियों के साथ-साथ दिल और दिमाग पर भी पड़ सकता है. इसको लेकर योग गुरु स्वामी रामदेव का कहना है कि सुबह के वक्त इस आसन को करना फायदेमंद हो सकता है. अगर सूर्य नमस्कार को नियमित योग अभ्यास का हिस्सा बनाया जाए तो शरीर की कई परेशानियां हल होती रहेंगी. साथ ही, जो लोग एक्सरसाइज की शुरुआत कर रहे हैं या जिनके पास ज्यादा समय नहीं है, उनके लिए सूर्य नमस्कार के कई राउंड फायदेमंद हो सकते हैं.
सूर्य नमस्कार में लगातार मूवमेंट, सांसों का तालमेल, बैलेंस, कोआर्डिनेशन और शरीर की मूवमेंट कई तरह से फायदा देने का काम करती है. इस दौरान आगे झुकने और पीछे स्ट्रेच करने वाली मुद्राओं भी की जाती हैं, जो दिल, दिमाग, पीठ, पेट और मसल्स को इफेक्ट करती हैं. इसलिए इस आसन को रोजाना करने की सलाह दी जाती है.
सुबह ही क्यों करें सूर्य नमस्कार?
सूर्य नमस्कार पारंपरिक रूप से सुबह किया जाता है. सुबह इसे करने से दिन की शुरुआत अच्छी तरह से हो जाती है और शरीर की कई हिस्से एक्टिव हो जाते हैं. वहीं, इस आसन को सूरज के सामने करने पर उसकी रोशनी, एनर्जी और जिंदगी देने वाली शक्ति का प्रतीक माना जाता है. इससे मन को बहुत ही शांति मिलती है, जिसे करने से महसूस किया जा सकता है.
कितने सूर्य नमस्कार से करें शुरुआत?
अगर आपने पहले कभी सूर्य नमस्कार नहीं किया है तो शुरुआत धीरे-धीरे करें. पहले आसनों की सही पोजीशन और सांस लेने का तरीका समझें. इसके बाद, अपनी एनर्जी और टाइम के हिसाब से राउंड और गति बढ़ाई जा सकती है. शुरुआत में एक आसन करना बेस्ट हो सकता है, फिर 2 से 3 आसन करना हेल्थ के हिसाब से बेस्ट रहता है.
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दिल के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है सूर्य नमस्कार?
सूर्य नमस्कार को अगर लगातार तेज गति से किया जाए तो इससे दिल की धड़कन और सांस लेने की स्पीड बढ़ सकती है. एक स्टडी में भी बताया गया है कि सूर्य नमस्कार के चार राउंड करने वाले हेल्दी लोगों में 80 परसेंट की ग्रोथ देखी गई. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर इंसान के लिए सूर्य नमस्कार कार्डियो एक्सरसाइज से अच्छा ऑप्शन है. इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि इसे कितनी गति से, कितने समय और कितने राउंड किया जा रहा है.
मांसपेशियों के लिए भी हो सकता है फायदेमंद
सूर्य नमस्कार में हाथ, कंधे, पीठ, पेट और पैरों की मांसपेशियां अलग-अलग मूवमेंट के दौरान काम करती हैं यानी यह सिर्फ फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने वाला योग नहीं है, बल्कि इसमें स्ट्रेंथ और मसल्स भी काफी मजबूत होते हैं. एक अध्ययन में सूर्य नमस्कार के रोजाना अभ्यास के बाद मसल्स की फ्लेक्सिबिलिटी में सुधार देखा जा सकता है. इसलिए आप फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने के लिए योग को अपने रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.