Gum Disease And Smoking: मसूड़ों की बीमारी जिसे गम डिजीज कहते हैं, मसूड़ों का इंफेक्शन है जो दांतों को सपोर्ट करने वाली हड्डियों को भी प्रभावित करता है. कई मामलों में गम डिजीज के कारण व्यक्ति के दांत टूटने की भी नौबत आ सकती है. मसूड़ों की दिक्कतें दांतों पर बैक्टीरिया के जमने से शरू होती हैं. इसमें कीटाणु दांतों पर लंबे समय तक रहते हैं जिससे दांतों पर प्लाक और टार्टर जमने लगता है और मसूड़े खराब होने लगते हैं. जब मसूड़ों की दिक्कत बढ़ने लगती है तो दांतों के टूटने और ढीले पड़ने जैसी स्थिति भी आने लगती है. लेकिन, मसूड़ों की ये दिक्कतें स्मोकिंग से भी प्रभावित होती हैं. सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC), यूएस की रिपोर्ट में स्मोकिंग के मसूड़ों पर होने वाले असल के बारे में बताया गया है.
मसूड़ों की दिक्कतों के क्या लक्षण होते हैं
- मसूड़े लाल या सूजे हुए नजर आने लगते हैं
- मसूड़ों से खून निकलता है
- मसूड़ों कमजोर पड़ने लगते हैं
- दांत ढीले होने लगते हैं
- दांत सेंसिटिव हो जाते हैं
- मसूड़े दांतों से अलग दिखने लगते हैं.
स्मोकिंग से मसूड़े कैसे होते हैं प्रभावित
धूम्रपान करने पर शरीर के इंफ्केशन से लड़ने की क्षमता यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है. इससे मसूड़ों में इंफेक्शन हो जाए तो शरीर इस इंफेक्शन से नहीं लड़ पाता है. अगर पहले से मसूड़े डैमेज हो गए हैं तो धूम्रपान मसूड़ों को ठीक होने में मुश्किल पैदा करने लगता है. जो लोग धूम्रपान करते हैं उनमें मसूड़ों की दिक्कतें धूम्रपान ना करने वालों से ज्यादा देखी जाती हैं. व्यक्ति जितना स्मोकिंग करता है उतना ही उसे गम डिजीज होने का खतरा रहता है. वहीं, जो लगो सिगरेट पीते हैं या किसी भी तरह से तंबाकू का सेवन करते हैं उनमें मसूड़ों की दिक्कतें होने का खतरा तो ज्यादा होता ही है, साथ ही मसूड़ों के ट्रीटमेंट ज्यादा काम नहीं करते हैं.
मसूड़ों की दिक्कतों से कैसे बचें
अपने दांतों को दिन में 2 बार ब्रश करें, कोशिश करें कि आप स्मोकिंग ना करें, जमे हुए प्लाक को साफ करने के लिए फ्लॉस करें और डेंटिस्ट से रेग्यूलर चेकअप करवाएं.
मसूड़ों की दिक्कत के इलाज की बात की जाए तो गम लाइन के नीचे डीप क्लीनिंग करवाई जा सकती है. डॉक्टर माउथ रिंस या दवा दे सकते हैं. जरूरत पड़ने पर मसूडों में जमे टार्टर को हटाने के लिए सर्जरी करवाई जा सकती है. कई बार मसूड़ों के जिस हिस्से से दांत का हिस्सा हट जाता है वहां फिलिंग करवाई जाती है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.