ज्यादातर माता-पिता नहीं पहचान पाते सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण, डॉक्टर ने बताया बच्चे में कौन सी दिक्कतें देती हैं इस बीमारी के संकेत

Cerebral Palsy Symptoms: डॉ. बिस्वरुप चक्रबर्ती, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी डिवीजन, पीडियाट्रिक्स विभाव, एम्स दिल्ली ने बताया है कि सेरेब्रल पाल्सी क्या है, इसके लक्षण कैसे दिखते हैं और माता-पिता को बच्चे की वृद्धि और विकास से जुड़ी किन बातों पर खास नजर रखनी चाहिए.

Cerebral Palsy

क्या है सेरेब्रल पाल्सी, जानिए यहां. AI Generated Image

Cerebral Palsy In Children: सेरेब्रल पाल्सी बच्चे को होने वाली ऐसी बीमारी है जिसका जितनी जल्दी पता लगा लिया जाए उतनी ही बेहतर तरह से इलाज शुरू हो सकता है. डॉ. बिस्वरुप चक्रबर्ती, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी डिवीजन, पीडियाट्रिक्स विभाव, एम्स दिल्ली, ने इस बारे में जानकारी दी है. डॉ. बिस्वरुप चक्रबर्ती ने बताया कि बच्चे के शरीर में ऐसे कुछ लक्षण हैं जिन्हें समय रहते पहचान लिया जाए तो बच्चे की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है. सेरेब्रल पाल्सी बच्चों में होने वाली सबसे आम मोटर विकलांगता में से एक है. ऐसे में अगर बच्चे के विकास में कुछ भी अलग नजर आता है तो समय रहते माता-पिता सही कदम उठाकर सेरेब्रल पाल्सी को पहचान सकते हैं और स्थिति को बिगड़ने से रोक सकते हैं.

विज्ञापन
विज्ञापन

सेरेब्रल पाल्सी क्या होता है

सेरेब्रल पाल्सी को आम भाषा में सीपी कहते हैं. यह दिमाग से संबंधित विकारों का एक समूह है जो गति, मांसपेशियों की टोन यानी वे कितनी टाइट हैं, लूज हैं या जो मोटर कौशल या शारीरिक कौशल हैं उसको प्रभावित करता है. यह विकासशील मस्तिष्क या दिमाग को होने वाली क्षति से होता है. यह अक्सर जन्म से पहले, जन्म के दौरान या जीवन के शुरुआती वर्षों में होता है.

हर माता-पिता को सेरेब्रल पाल्सी के बारे में कुछ अहम बातें पता होनी जरूरी हैं –

विज्ञापन
  • सेरेब्रल पाल्सी प्रगतिशील नहीं है यानी मस्तिष्क की क्षति समय के साथ नहीं बढ़ती है.
  • यह हर बच्चे को अलग-अलग तरह से प्रभावित करती है, हल्की मोटर कठिनाइयों से लेकर अधिक सहायता की जरूरत तक.
  • यह संक्रामक नहीं है. अगर जल्दी से जल्दी सेरेब्रल पाल्सी वाले बच्चे का इलाज शुरू कर दिया जाए तो बच्चे बेहतर प्रगति कर सकते हैं.

उम्र के अनुसार सेरेब्रल पाल्सी के शुरुआती संकेत

3 से 6 महीने का बच्चा – इस दौरान अगर बच्चे को गोद में लेते हैं तो आपको महसूस होगा कि बच्चा असमान्य रूप से कठोर होता है या पिलपिला लगता है. उठाने पर बिना सहारे के बच्चे का सिर पीछे गिर जाता है. बच्चे के पैर अकड़े हुए महसूस होते हैं और उठाने पर आपस में उलझ जाते हैं और ऐसा लगता है जैसे कैंची की तरह मुड़ गए हैं.

विज्ञापन

6 से 12 महीने का बच्चा – 6 महीने तक अगर बच्चा करवट नहीं ले रहा है, 9 महीने तक अगर वह बगैर सहारे नहीं बैठ पा रहा है, अगर एक हाथ का ही इस्तेमाल करता है, दूसरे हाथ की मुट्ठी बंद रखता है या एक ही तरफ रेंगता या करवट लेता है तो यह सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण हो सकते हैं.

12 महीने के बाद दिखते हैं ये लक्षण – अगर कोई बच्चा 18 महीने तक नहीं चलता है या लगातार पंजों के बल चलता है, शरीर के बाएं और दाएं तरफ की ताकत में स्पष्ट रूप से अंतर नजर आना, छोटी वस्तुएं उठाने में कठिनाई होना, उम्र के हिसाब से ज्यादा लार टपकना या निगलने में दिक्कत आना तो यह सामान्य नहीं है. इस स्थिति में एक्सपर्ट से मिलना चाहिए.

विज्ञापन

ये लक्षण दिखें तो क्या करें

अगर बच्चे में इनमें से कोई भी लक्षण नजर आते हैं तो बच्चे की डेवलपमेंट असेसमेंट करवाना जरूरी है. एक्सपर्ट से मिलकर यह जांच कराएं कि बच्चा अपनी उम्र के हिसाब से बढ़ रहा है या नहीं. इससे डॉक्टर सही जांच के साथ बच्चे की थेरेपी और ट्रीटमेंट शुरू कर देते हैं.

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

विज्ञापन

Source - AIIMS

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ