Stones Causes: खराब खान-पान और बिगड़े हुए लाइफस्टाइल के चलते पथरी की समस्या आम हो गई है। पथरी की समस्या में शरीर के कुछ अंगों में स्टोन्स बन जाते हैं, जिससे मरीज को तेज दर्द होता है। यह दर्द असहनीय होता है। कई बार यह दर्द कई घंटों तक ठीक नहीं होता है, जिसके बाद मेडिकल हेल्प की मदद से ही दर्द से छुटकारा पाया जाता है। किडनी स्टोन्स से ज्यादा तकलीफदायक गॉलब्लैडर यानी पित्ताशय की पथरी होती है। किडनी स्टोन्स का बिना सर्जरी के भी इलाज संभव है लेकिन पित्ताशय की पथरी का इलाज सर्जरी से ही होता है। डॉक्टर मनीष अग्रवाल बताते हैं कि छोटी पथरी से हमें ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है लेकिन क्यों? जानिए।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
मैक्स हेल्थकेयर के ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजिस्ट कंसलटेंट डॉक्टर मनीष अग्रवाल फिट रहे इंडिया के पॉडकास्ट शो में बताते हैं कि पथरी को लेकर बहुत सी थियोरिज और स्टडी की जा चुकी है। वे कहते हैं कि हर थियोरी अलग-अलग बातें बताती हैं जैसे कि पानी कम पीने से पथरी हो रही या कुछ खान-पान की चीजों से पथरी बन रही है। मगर यह सब किडनी स्टोन के कारण है, गॉलब्लैडर स्टोन्स का अबतक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। गॉल स्टोन्स में जबतक पेट का दर्द परेशान नहीं करता है, तब तक लोग चेकअप नहीं करवाते हैं। पित्त की पथरी को लेकर डॉक्टर कहते हैं कि मेडिकल में बड़ी से ज्यादा खतरनाक छोटी पथरी होती है।
डॉक्टर बताते हैं कि छोटी पथरी गॉल ब्लैडर में ज्यादा बनती है। गॉल ब्लैडर पहले से ही अंदरूनी शरीर का एक छोटा अंग है, अगर वहां छोटे-छोटे स्टोन्स बन जाते हैं तो वह आंतों में जा सकती है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि गॉलब्लैडर से एक पाइप जैसा हिस्सा निकलकर स्मॉल इंटेस्टाइन यानी की छोटी आंत से जुड़ा होता है। स्मॉल स्टोन्स आसानी से उस पाइप के रास्ते इंटेस्टाइन में प्रवेश कर सकते हैं, जिसके बाद स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो जाती है।
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हो सकती है गंभीर बीमारी
डॉक्टर कहते हैं कि यह सिचुएशन बहुत ज्यादा क्रिटिकल और आउट ऑफ कंट्रोल की होती है। एक बार स्टोन्स इंटेस्टाइन में चले जाएं, तो उसके बाद मरीज को अलग-अलग बीमारियां हो सकती हैं जैसे कि पीलिया। इसलिए, जब भी गॉलब्लैडर में स्टोन्स होते हैं, तो उसकी सर्जरी जल्दी से जल्दी करवा लेनी चाहिए।
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पित्त की पथरी का इलाज क्या?
गॉलब्लैडर स्टोन्स का सिर्फ एक ही इलाज है सर्जरी। जी हां, डॉक्टर कहते हैं कि काफी लोग इस बारे में झूठी बातें और अफवाहें फैलाते हैं कि पित्त की पथरी दवा से या आयुर्वेदिक और घरेलू उपायों से सही हो सकती है लेकिन मेडिकल में इस प्रॉब्लम का अबतक सिर्फ और सिर्फ एक ही ट्रीटमेंट मौजूद है, जो कि ऑपरेशन है।
Kidney Stone और गॉलब्लैडर स्टोन्स की सर्जरी में अंतर क्या?
इन दोनों अंगों में स्टोन्स बनते हैं लेकिन इनका इलाज अलग होता है, डॉक्टर बताते हैं कि किडनी स्टोन्स होने पर बिना सर्जरी के भी स्टोन्स को बाहर निकाला जा सकता है लेकिन पित्ताशय की पथरी में ऑपरेशन करवाना जरूरी है। वहीं, किडनी स्टोन में किडनी से स्टोन्स को निकाला जाता है लेकिन गॉलब्लैडर में हमें पूरा गॉलब्लैडर ही रिमूव करवाना होता है।