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less sleep, meal skipping cause hormonal imbalance: हार्मोन की हमारे शरीर के स्वास्थ्य में अहम भूमिका होती है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए हार्मोन को बैलेंस में रखना बहुत जरूरी होता है। इसका बैलेंस बिगड़ने के चलते शरीर में कई गंभीर बीमारी पैदा हो सकती हैं। हम जो कुछ खाते या पीते हैं उसका सीधा असर हमारे हार्मोंस पर पड़ता है। प्रोसेस्ड फूड, शुगर और अनहेल्दी फैट से इंसुलिन में बाधा पहुंची है। इसके चलते हार्मोन का बैलेंस बिगड़ने का खतरा रहता है। साथ ही डाइट में विटामिन और मिनरल जैसे न्यूट्रिशन हार्मोन को प्रभावित करते हैं। हार्मोन को बैलेंस में रखने के लिए हेल्दी लाइफ स्टाइल को फॉलो करना बहुत आवश्यक होता है। इसी तरह की हमारी कई कॉमन आदतें होती हैं, जिसके चलते हमारे हार्मोन इंबैलेंस हो जाते हैं और स्वास्थ्य का खतरा पैदा हो जाता है।
हम सभी का शेड्यूल बहुत व्यस्त होता है जिसके कारण हमें अक्सर नाश्ता या कभी-कभी दोपहर का भोजन भी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है। नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन होने के बावजूद, कुछ लोगों नाश्ते में टोस्ट खाते या कॉफी पीते हैं। ऐसी आदतें लंबे समय में आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती हैं और हार्मोनल असंतुलन का कारण बन सकती हैं।
शारीरिक एक्टिविटी करना और कैलोरी जलाना हमेशा अच्छा होता है। लेकिन अगर आप हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) कर रहे हैं, तो इससे आपके हार्मोन में असंतुलन भी हो सकता है।
नींद हमारी दिनचर्या का एक अनिवार्य हिस्सा है और इसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए। डेडलाइन पूरी करने के लिए अपनी नींद का त्याग करने से आपको कुछ प्रशंसा तो मिल सकती है, लेकिन इसका आपके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। नींद के लिए 6 से 7 घंटे न मिलना आपके हार्मोनल असंतुलन का एक और कारण हो सकता है।
पूरा दिन स्क्रीन पर चिपके रहने से भी आपके हार्मोन में बदलाव आ सकता है। इतना ही नहीं कई लोग तो सुबह उठकर चमकदार स्क्रीन देखने लग जाते हैं। इससे हार्मोन का संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। इसलिए सलाह दी जाती है कि हर दिन के लिए एक टाइमर सेट करें ताकि जब आपको आवश्यकता हो तब आप फोन को साइड में रख दें।
पोषण विशेषज्ञ के अनुसार, प्लास्टिक की पानी की बोतलें, एल्यूमीनियम के डिब्बे और सौंदर्य प्रसाधन जैसी चीजों में इंडोकरीन डिस्टर्बिंग केमिकल्स हो सकते हैं। ये केमिकल्स आपके शरीर के इंडोकरीन तंत्र के सामान्य कामकाज में बाधा डाल सकते हैं, जो हार्मोन के स्राव के लिए जिम्मेदार होते हैं।
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