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बच्चे की गर्दन पर रैशेज नजर आने का क्या कारण है? डॉक्टर ने बताया लाल निशान पड़ने से कैसे रोकें

Rashes On Neck: बच्चे की गर्दन पर लाल लकीरें पड़ना या स्किन फोल्ड्स के अंदर की त्वचा में रैशेज नजर आना इस एक लापरवाही के कारण हो सकता है. ऐसे में डॉक्टर बता रहे हैं मां को किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए.

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Baby Rash Causes: बच्चे की त्वचा नाजुक होती है और इसीलिए छोटी-छोटी चीजों से भी प्रभावित हो सकती है. ऐसे में अक्सर देखा जाता है कि बच्चे की गर्दन के फोल्ड्स यानी परतों में रैशेज हो गए हैं. ये रैशेज कभी लाल तो कभी सफेद रंग के नजर आते हैं और इनके कारण बच्चे की त्वचा कटने का भी डर रहता है. ऐसे में ये रैशेज (Rashes On Neck) निकलते क्यों है और ये ना निकलें इसके लिए क्या करना चाहिए इस बारे में बता रहे हैं बच्चों के डॉक्टर यानी पीडियाट्रिशियन डॉ. पुनीत आनंद. डॉक्टर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से इस वीडियो को शेयर किया है और बताया है कि बच्चों की गर्दन पर रैशेज क्यों हो जाते हैं और इनसे किस तरह बच्चे को बचाया जा सकता है.

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बच्चे की गर्दन पर रैशेज पड़ने के कारण

पीडियाट्रिशियन डॉ. पुनीत आनंद बताते हैं कि बच्चे की गर्दन पर रैशेज तब हो जाते हैं जब यह हिस्सा दूध की वजह से, बच्चे की लार की वजह से या बहुत ज्यादा पसीना आने से गीला रहता है. यह नाजुक एरिया है और इसके गीला रहने की वजह से बच्चे को रैशेज पड़ने लगते हैं और त्वचा लाल हो जाती है. इसे स्किनफोल्ड डर्मेटाइटिस कहते हैं. इस हिस्से पर ध्यान ना दिया जाए तो यह हिस्सा सफेद होने लगता है और आगे चलकर इसपर बैक्टीरिया या फंगल इंफेक्शन होने का खतरा रहता है.

रैशेज ना हो इसके लिए क्या करें

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  • डॉक्टर की सलाह है कि बच्चे को दूध पिलाने के बाद गर्दन को हल्के से साफ करें. ध्यान रहे कि आपको इस हिस्से को सुखाना है लेकिन रगड़ना नहीं है.
  • बच्चे के नेक फोल्ड्स यानी गर्दन की मुड़ी हुई त्वचा को खोलकर हवा लगने दें.
  • इस बात का ध्यान रहे कि आप बच्चे को ढीले कपड़े पहनाएं. टाइट कपड़े पहनाने से खासा परहेज करें.

अगर बच्चे को रैश हो जाए तो क्या करें

अगर बच्चे की गर्दन पर रैशेज हो गए हैं तो रैश क्रीम का इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे रैशेज ठीक हो जाएंगे. चाहे तो डॉक्टर की सलाह भी ली जा सकती है.

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इन बातों का रखें ध्यान

घमौरियों के कारण भी बच्चे की गर्दन पर रैशेज निकल सकते हैं. इसके अलावा, त्वचा पर एलर्जी या फिर किसी इंफेक्शन के कारण ऐसा हो सकता है. इसीलिए दिक्कत ज्यादा बढ़े तो डॉक्टर को दिखाएं जिससे समस्या की जड़ तक जाया जा सके.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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First published on: Mar 21, 2026 02:35 PM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती है. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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