---विज्ञापन---

आयोडीन की कमी से हो सकता है थायराइड डिसऑर्डर, VMCC सफदरजंग अस्पताल की प्रोफेसर ने बताया क्या-क्या खाने पर मिलेगा Iodine

VMMC सफदरजंग अस्पताल की डॉ. पूर्णिमा अग्रवाल, एमडी, डीएम असोसिएट प्रोफेसर, एंडोक्राइनोलॉजी विभाग, से जानिए आयोडीन की कमी शरीर को किस-किस तरह से प्रभावित करती है और खाने की किन चीजों से पूरी हो सकती है आयोडीन की कमी.

---विज्ञापन---

Iodine Deficiency: थायराइड ग्रंथि गले में स्थित तितली के आकार की एंडोक्राइन ग्लैंड है. यह थायराइड हार्मोन प्रोड्यूस करती है जो खून के जरिए शरीर के हर टिशू तक जाते हैं. थायराइड हार्मोन शरीर को एनर्जी यूज करने में मदद करता है और मस्तिष्क, दिल, मसल्स और अन्य अंगों को सही तरह से काम करने में मददगार होता है. आयोडीन एक ऐसा खनिज है जो थायराइड हार्मोन बनाने में मददगार होता है और शारीरिक व मानसिक डेवलपमेंट के लिए जरूरी है. लेकिन, शरीर आयोडीन को नहीं बनाता है इसीलिए यह खानपान के जरिए लिया जाना जरूरी है. बहुत से लोग डाइट में पर्याप्त आयोडीन शामिल नहीं करते हैं जिस चलते आयोडीन की कमी के कारण थायराइड डिसऑर्डर हो सकता है. इसपर VMMC सफदरजंग अस्पताल की डॉ. पूर्णिमा अग्रवाल, एमडी, डीएम असोसिएट प्रोफेसर, एंडोक्राइनोलॉजी विभाग की रिपोर्ट को स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट से साझा किया गया है. इस रिपोर्ट में डॉ. पूर्णिमा अग्रवाल ने थायराइड डिसऑर्डर और आयोडीन के बारे में बताया है.

यह भी पढ़ें –सांस लेने में दिक्कत होना COPD का लक्षण तो नहीं? डॉक्टर ने बताया किन लोगों को हो सकती है फेफड़ों की यह बीमारी

---विज्ञापन---

आयोडीन के स्त्रोत क्या हैं

  • आयोडीन प्राकृतिक तौर पर मिट्टी और समुद्र के पानी में होता है.
  • दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में खाने में आयोडीन की मात्रा अलग-अलग हो सकती है.
  • लोग अपने खानपान में आयोडीन की मात्रा को टेबल सॉल्ट या आयोडीन से भरपूर फूड्स को शामिल करके बढ़ा सकते हैं.
  • चीज, आयोडाइज्ड टेबल सॉल्ट, सीफूड, मछली, गाय का दूध, सोया मिल्क, सोया सॉस और दही आयोडीन के अच्छे स्त्रोत हैं.

आयोडीन की कमी से क्या होता है

शरीर में आयोडीन की कमी होने पर शरीर पर्याप्त थायराइड हार्मोन नहीं बना पाता है. आयोडीन की कमी से होने वाली सभी दिक्कतें इसके थायराइड पर प्रभाव से जुड़ी होती हैं. ऐसे में आयोडीन की कमी से कई दिक्कतें हो सकती हैं जिन्हें आयोडीन डेफिशिएंसी डिसऑर्डर्स कहा जाता है.

---विज्ञापन---

हाइपोथायराइडिज्म – शरीर में आयोडीन का स्तर कम होने पर हाइपोथायराइडिज्म हो सकता है. वजन बढ़ना, ठंड सहन ना कर पाना, बाल झड़ना, मेंस्ट्रुअल बदलाव, कमजोरी महसूस होना, धीमा हार्ट रेट, कब्ज, डिप्रेशन और जोड़ों में दर्द इसके लक्षण हैं.

घेंघा रोग – आयोडीन की कमी से थायराइड ग्रंथि बढ़ने लगती है जिसे घेंघा रोग कहते हैं.

---विज्ञापन---

प्रेग्नेंसी से जुड़ी दिक्कतें – गर्भवती महिला में आोडीन की कमी से मिस्कैरिज, स्टिलबर्थ, प्रीटर्म डिलवरी या बच्चे में एब्नॉर्मिलिटी की संभावना बढ़ जाती है.

बच्चों में दिक्कतें – बच्चों में आयोडीन की कमी घेंघा रोग, मेंटल फंक्शन कम होना, फिजिकल डेवलपमेंट पर असर और हाइपोथायराइडिज्म का कारण बन सकती है.

---विज्ञापन---

आयोडीन की कमी से

आयोडीन की कमी जांचने के लिए यूरिनरी आयोडीन कंस्ट्रेशन (UIC), गोइटर रेट, थायराइड स्टिम्यूलेटिंग हार्मोन (TSH) और थायरॉग्लोबुलिन (TG) मेथड्स अपनाए जाते हैं.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें –आंखों पर दबाव और सिर के दर्द को कम करेगा यह 20-20-20 रूल, जानिए यह क्या है और कैसे करता है काम

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

---विज्ञापन---


First published on: Sep 16, 2026 04:49 PM

End of Article

About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती है. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola