Rajesh Bharti
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Keep These 5 Points in Mind If You Keep Medicines At Home : काफी लोग घर में कई तरह की दवाई स्टोर करके रखते हैं। इनमें बुखार, खांसी, सिर दर्द, आई ड्रॉप्स आदि शामिल हैं। ये ऐसी दवाइयां हैं जिन्हें लगभग हर शख्स इमरजेंसी में इस्तेमाल कर लेता है। काफी लोग इन दवाइयों को लेकर तो आ जाते हैं लेकिन इनकी देखभाल नहीं कर पाते हैं। यहां देखभाल से मतलब है कि काफी समय बीत जाने के बाद भी एक्सपायरी चेक नहीं कर पाते हैं और यह नहीं देख पाते कि ये दवाइयां खुली हैं या सील बंद हैं।
मार्केट में अब ज्यादातर गोली स्ट्रिप यानी पत्ते के रूप में मिलती हैं। केमिस्ट (मेडिकल स्टोर) वाले इन दवाइयों को खुली नहीं देते। ये पूरे पत्ते (स्ट्रिप) में 10, 15 या इससे ज्यादा गोली के सेट में होती है। हम एक बार में एक गोली निकालते हैं और ले लेते हैं। इससे दूसरी गोली को खोलने की जरूरत नहीं होती। स्ट्रिप इस तरह होती है कि अगर किसी एक गोली का इस्तेमाल करने पर दूसरी गोली कवर में सेफ रहती है। कई बार एक गोली निकालते समय दूसरी गोली के कवर का कोना फट जाता है। ध्यान रखें कि ऐसा न हो। अगर ऐसा होता है उस गोली को फेंक दें।

घर में दवाई स्टोर करके रखते हैं तो कई बातों का ध्यान रखें।
जब हम सिरप या आई ड्रॉप आदि लेते हैं तो पूरी बोतल को खोलना पड़ता है। यानी दवाओं का संपर्क हवाओं से हो जाता है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जब दवाओं की पैकिंग होती है तो बहुत ज्यादा सावधानी बरती जाती है। इसमें तापमान से लेकर, बाहरी हवाओं से संपर्क का भी अच्छी तरह से ध्यान रखा जाता है। दवाएं हमेशा तब ही बेहतरीन तरीके से काम करती हैं जब उनके लिए सही वातावरण दिया जाए। इसलिए लिक्विड दवाओं की ऐसी बोतल जिन्हें हमें एक बार में नहीं लेना होता, हमारी कोशिश यह होनी चाहिए कि लगातार 10 से 15 दिनों में उपयोग करने के बाद अगर बच जाए तो उसे फेंक ही दें।
कई दवाएं ऐसी होती हैं जिन्हें बहुत कम तापमान में रखा जाता है। वहीं ज्यादातर दवाइयों को कमरे के तापमान (25 से 35 डिग्री) पर स्टोर कर सकते हैं। इतना तापमान सर्दियों और गर्मियों दोनों मौसम में हमारे कमरे का होता है। कुछ दवाओं जैसे इंसुलिन या कुछ इंजेक्शन आदि को फ्रिज में 5 से 10 डिग्री सेल्सियस पर रखना होता है। यहां इस बात को समझना भी जरूरी है कि फ्रिज में रखने का मतलब डीप फ्रिजर नहीं, उसके बाहरी हिस्से से होता है। डीप फ्रिजर में जीरो डिग्री सेल्सियस या इससे कम तापमान होता है।
अगर किसी को दवा निगलने में परेशानी हो तो जिस समय दवा लेनी हो, उसी समय उसे तोड़कर या पीसकर ले सकते हैं। लेकिन पीसकर स्टोर करने से वह दवा हवा के संपर्क में आ जाती है। इससे उसकी क्षमता कम हो सकती है। इसलिए पीसकर स्टोर नहीं करना चाहिए।
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आप जिस भी दवाई को स्टोर कर रहे हैं, उसकी एक्सपायरी जरूर ध्यान रखें। कई बार ऐसा होता है कि आप दवाई को सही से स्टोर कर रहे हैं, लेकिन आपने दवाई की एक्सपायरी डेट पर ध्यान नहीं दिया। बाद में पता चला कि इसकी तो एक्सपायरी डेट ही निकल चुकी है। ऐसे में स्टोर की गई दवाइयों की समय-समय पर एक्सपायरी डेट चेक करते रहें।
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