CUET 2026 में तकनीकी गड़बड़ी से परेशान छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका, NTA का बड़ा ऐलान
CUET-UG 2026 परीक्षा के दौरान तकनीकी गड़बड़ी का सामना करने वाले छात्रों को NTA ने राहत दी है. एजेंसी ने कहा है कि जिन कैंडिडेट्स की परीक्षा छूट गई, उन्हें दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा.
Written By: Varsha Sikri|Updated: May 30, 2026 21:10
Edited By : Varsha Sikri|Updated: May 30, 2026 21:10
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Credit: Social Media
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कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) 2026 के दौरान सामने आई तकनीकी गड़बड़ी के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने प्रभावित छात्रों को बड़ी राहत दी है. एजेंसी ने घोषणा की है कि जिन कैंडिडेट्स की परीक्षा तकनीकी गड़बड़ी की वजह से पूरी नहीं हो सकी, उन्हें दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा. शुक्रवार को देश के कई एग्जाम सेंटर्स पर CUET-UG 2026 की परीक्षा के दौरान तकनीकी खराबी सामने आई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ केंद्रों पर सर्वर और सिस्टम संबंधी दिक्कतों के कारण परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी. कई छात्रों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ अभ्यर्थी परीक्षा पूरी करने में सफल नहीं हो सके.
NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण छात्रों को हुई परेशानी को एजेंसी समझती है. एजेंसी ने साफ किया कि जिन उम्मीदवारों ने बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया था और परीक्षा केंद्र पर मौजूद थे, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा पूरी नहीं कर पाए, उन्हें फिर से परीक्षा देने का मौका मिलेगा. NTA के मुताबिक, ये समस्या परीक्षा संचालन से जुड़ी तकनीकी सेवाएं संभाल रही कंपनी TCS के सिस्टम में आई गड़बड़ी के कारण हुई. कंपनी ने बताया कि तकनीकी टीम ने समस्या की पहचान कर उसे जल्द ठीक कर दिया, जिसके बाद परीक्षा प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी गई.
NTA ने क्या कदम उठाए?
तकनीकी रुकावट की वजह से NTA ने दोपहर की एग्जाम शिफ्ट के समय में भी बदलाव किया. एजेंसी ने कहा कि सभी छात्रों को परीक्षा का पूरा समय दिया जाएगा ताकि किसी भी उम्मीदवार को नुकसान ना हो. प्रभावित केंद्रों पर परीक्षा की अवधि बढ़ाई गई और जरूरी व्यवस्थाएं की गईं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग 5 प्रतिशत अभ्यर्थी इस तकनीकी समस्या से प्रभावित हुए हैं. कई छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रबंधन पर सवाल उठाए और सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी भी जाहिर की. विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और परीक्षा एजेंसी की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं. इस बीच NTA ने छात्रों से अपील की है कि वो घबराएं नहीं और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. एजेंसी ने हेल्पलाइन नंबर और ईमेल सहायता भी जारी की है ताकि प्रभावित अभ्यर्थियों की समस्याओं का समाधान किया जा सके.
कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) 2026 के दौरान सामने आई तकनीकी गड़बड़ी के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने प्रभावित छात्रों को बड़ी राहत दी है. एजेंसी ने घोषणा की है कि जिन कैंडिडेट्स की परीक्षा तकनीकी गड़बड़ी की वजह से पूरी नहीं हो सकी, उन्हें दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा. शुक्रवार को देश के कई एग्जाम सेंटर्स पर CUET-UG 2026 की परीक्षा के दौरान तकनीकी खराबी सामने आई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ केंद्रों पर सर्वर और सिस्टम संबंधी दिक्कतों के कारण परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी. कई छात्रों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ अभ्यर्थी परीक्षा पूरी करने में सफल नहीं हो सके.
We know today's unfortunate technical disruption caused distress for some CUET (UG) 2026 candidates.
Candidates who did their Biometric Registration and were present at their examination centres today (i.e. 30.05.2026 in Shift-I), but couldn't complete their examination due to…
— National Testing Agency (@NTA_Exams) May 30, 2026
NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण छात्रों को हुई परेशानी को एजेंसी समझती है. एजेंसी ने साफ किया कि जिन उम्मीदवारों ने बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया था और परीक्षा केंद्र पर मौजूद थे, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा पूरी नहीं कर पाए, उन्हें फिर से परीक्षा देने का मौका मिलेगा. NTA के मुताबिक, ये समस्या परीक्षा संचालन से जुड़ी तकनीकी सेवाएं संभाल रही कंपनी TCS के सिस्टम में आई गड़बड़ी के कारण हुई. कंपनी ने बताया कि तकनीकी टीम ने समस्या की पहचान कर उसे जल्द ठीक कर दिया, जिसके बाद परीक्षा प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी गई.
NTA ने क्या कदम उठाए?
तकनीकी रुकावट की वजह से NTA ने दोपहर की एग्जाम शिफ्ट के समय में भी बदलाव किया. एजेंसी ने कहा कि सभी छात्रों को परीक्षा का पूरा समय दिया जाएगा ताकि किसी भी उम्मीदवार को नुकसान ना हो. प्रभावित केंद्रों पर परीक्षा की अवधि बढ़ाई गई और जरूरी व्यवस्थाएं की गईं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग 5 प्रतिशत अभ्यर्थी इस तकनीकी समस्या से प्रभावित हुए हैं. कई छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रबंधन पर सवाल उठाए और सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी भी जाहिर की. विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और परीक्षा एजेंसी की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं. इस बीच NTA ने छात्रों से अपील की है कि वो घबराएं नहीं और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. एजेंसी ने हेल्पलाइन नंबर और ईमेल सहायता भी जारी की है ताकि प्रभावित अभ्यर्थियों की समस्याओं का समाधान किया जा सके.