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ठंडा पानी पीने से गला खराब हो जाता है… हेल्थ से जुड़े ये मिथक कितने सही? AIIMS के न्यूरोसर्जन ने बताया सच 

हमें कुछ बातें ऐसी बताई जाती हैं, जिनका कोई लॉजिक नहीं होता और हेल्थ से जुड़ी चीजों का लॉजिक होना बहुत जरूरी है. इसको लेकर एम्स के डॉक्टर आमिर खान का कहना है कि ठंडा पानी पीने से गला खराब होना भी एक मिथक का हिस्सा है.

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हेल्थ या उससे जुड़ी चीजों पर आसानी से यकीन करना ठीक नहीं. ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ दावे जिन्हें हम बचपन से सुनते आ रहे हैं जैसे- ठंडा पानी पीने से गला खराब हो जाता है, रात में दही खाने से कफ बढ़ता है या पेन किलर खाने से दर्द बिल्कुल गायब हो जाता है आदि. इनमें से कुछ बातें आपकी आजमाई हुई हो सकती हैं, लेकिन जरूरी नहीं वजह यही रही हो. ऐसा इसलिए क्योंकि AIIMS के न्यूरोसर्जन डॉक्टर आमिर खान का कहना है कि ये हेल्थ से जुड़े सिर्फ मिथक हैं. इनकी हकीकत कुछ और हो सकती है. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ आम हेल्थ मिथकों की सच्चाई और समझते हैं कि विज्ञान इन दावों के बारे में क्या कहता है. 

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क्या ठंडा पानी पीने से गला खराब होता है?

ठंडा पानी पीने से सीधे तौर पर वायरल सर्दी-जुकाम या गले का इंफेक्शन नहीं होता. कॉमन कोल्ड वायरस की वजह से होता है तो यह कहना कि ठंडे पानी से गला खराब हो जाता है. हां, यह बात अलग है कि अगर आपका पहले से गला खराब है और ठंडा पानी पिया जा रहा है तो नुकसान हो सकता है. 

क्या गीले बालों के साथ बाहर निकलने से सर्दी होती है?

गीले बालों के साथ बाहर निकलने से सीधे कॉमन कोल्ड नहीं होता. सर्दी वायरस से होती है और गीले बाल वायरस को शरीर में एंट्री नहीं देते हैं. हालांकि, ठंडे मौसम में गीले बाल शरीर को ज्यादा ठंडा महसूस करा सकते हैं. इसलिए गीले बालों के साथ बाहर निकलने से परेशानी पैदा हो सकती है. 

क्या रात में दही खाने से सर्दी-जुकाम होती है?

दही खाने से सीधे सर्दी-जुकाम होने के पीछे का कोई साइंस नहीं है. ऐसा कॉमन कोल्ड वायरस से होता है, जबकि दही एक डेयरी फूड है. अगर किसी को दही खाने से एलर्जी है या दूध वाले प्रोडक्ट से परहेज करना है तो दही खाने से किसी भी वक्त ऐसा सकता है. हालांकि, दही को सर्दी-जुकाम की सीधी वजह मानना सही नहीं है. 

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क्या दर्द में पेन किलर लेने से मिलता है छुटकारा?

हमारे कहीं भी दर्द होता है तो हम गोली या दवा खा लेते हैं. यही सोचकर कि अब दर्द में आराम या छुटकारा मिल जाएगा. मगर ऐसा नहीं है क्योंकि दवा से कुछ देर आराम मिल सकता है, लेकिन छुटकारा नहीं मिल पाता. आपको दर्द के सही कारण का पता होना चाहिए, जिसकी जानकारी एक डॉक्टर ही दे सकता है. 

नाक से निकलने वाला हरा या पीला म्यूकस मतलब बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है?

ऐसा बिल्कुल भी जरूरी नहीं है. नाक के म्यूकस का रंग बदलने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि आपको बैक्टीरियल संक्रमण है या एंटीबायोटिक की जरूरत है. Johns Hopkins Medicine भी इस मिथक को गलत बताता है कि म्यूकस का रंग देखकर ही साइनस इंफेक्शन या एंटीबायोटिक की जरूरत तय की जा सकती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source- AIIMS, Johns Hopkins Medicine

First published on: Aug 22, 2026 02:20 PM

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About the Author

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर (Senior Sub Editor) हैं. दिल्ली की रहने वाली शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर डिग्री हासिल की है. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. शादमा मुस्कान का कुल अनुभव  कुल अनुभव - 5 साल डिग्री- शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से बीजेएमसी (BJMC) और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय हिसार से एमजेएमसी (MJMC) की पढ़ाई भी की है. पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की। इसके बाद हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया के हरजिंदगी में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. तहजीब टीवी में भी उन्होंने काम किया. इस दौरान उन्होंने ब्रेकिंग न्यूज, सोशल मीडिया से लेकर न्यूज रूम की बेसिक समझ हासिल की. अब ज्यादा फोकस हेल्थ और लाइफस्टाइल की बीट पर है. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर गाइड के विषय में भी विशेषज्ञों से बातचीत के साथ विस्तृत लेखन में महारत हासिल है.

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