ठंडा पानी पीने से गला खराब हो जाता है… हेल्थ से जुड़े ये मिथक कितने सही? AIIMS के न्यूरोसर्जन ने बताया सच
हमें कुछ बातें ऐसी बताई जाती हैं, जिनका कोई लॉजिक नहीं होता और हेल्थ से जुड़ी चीजों का लॉजिक होना बहुत जरूरी है. इसको लेकर एम्स के डॉक्टर आमिर खान का कहना है कि ठंडा पानी पीने से गला खराब होना भी एक मिथक का हिस्सा है.
Edited By : Shadma Muskan|Updated: Aug 22, 2026 14:33
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क्या ठंडा पानी पीने से गला खराब हो जाता है? Image Credit- Freepik
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हेल्थ या उससे जुड़ी चीजों पर आसानी से यकीन करना ठीक नहीं. ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ दावे जिन्हें हम बचपन से सुनते आ रहे हैं जैसे- ठंडा पानी पीने से गला खराब हो जाता है, रात में दही खाने से कफ बढ़ता है या पेन किलर खाने से दर्द बिल्कुल गायब हो जाता है आदि. इनमें से कुछ बातें आपकी आजमाई हुई हो सकती हैं, लेकिन जरूरी नहीं वजह यही रही हो. ऐसा इसलिए क्योंकि AIIMS के न्यूरोसर्जन डॉक्टर आमिर खान का कहना है कि ये हेल्थ से जुड़े सिर्फ मिथक हैं. इनकी हकीकत कुछ और हो सकती है. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ आम हेल्थ मिथकों की सच्चाई और समझते हैं कि विज्ञान इन दावों के बारे में क्या कहता है.
ठंडा पानी पीने से सीधे तौर पर वायरल सर्दी-जुकाम या गले का इंफेक्शन नहीं होता. कॉमन कोल्ड वायरस की वजह से होता है तो यह कहना कि ठंडे पानी से गला खराब हो जाता है. हां, यह बात अलग है कि अगर आपका पहले से गला खराब है और ठंडा पानी पिया जा रहा है तो नुकसान हो सकता है.
क्या गीले बालों के साथ बाहर निकलने से सर्दी होती है?
गीले बालों के साथ बाहर निकलने से सीधे कॉमन कोल्ड नहीं होता. सर्दी वायरस से होती है और गीले बाल वायरस को शरीर में एंट्री नहीं देते हैं. हालांकि, ठंडे मौसम में गीले बाल शरीर को ज्यादा ठंडा महसूस करा सकते हैं. इसलिए गीले बालों के साथ बाहर निकलने से परेशानी पैदा हो सकती है.
क्या रात में दही खाने से सर्दी-जुकाम होती है?
दही खाने से सीधे सर्दी-जुकाम होने के पीछे का कोई साइंस नहीं है. ऐसा कॉमन कोल्ड वायरस से होता है, जबकि दही एक डेयरी फूड है. अगर किसी को दही खाने से एलर्जी है या दूध वाले प्रोडक्ट से परहेज करना है तो दही खाने से किसी भी वक्त ऐसा सकता है. हालांकि, दही को सर्दी-जुकाम की सीधी वजह मानना सही नहीं है.
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क्या दर्द में पेन किलर लेने से मिलता है छुटकारा?
हमारे कहीं भी दर्द होता है तो हम गोली या दवा खा लेते हैं. यही सोचकर कि अब दर्द में आराम या छुटकारा मिल जाएगा. मगर ऐसा नहीं है क्योंकि दवा से कुछ देर आराम मिल सकता है, लेकिन छुटकारा नहीं मिल पाता. आपको दर्द के सही कारण का पता होना चाहिए, जिसकी जानकारी एक डॉक्टर ही दे सकता है.
नाक से निकलने वाला हरा या पीला म्यूकस मतलब बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है?
ऐसा बिल्कुल भी जरूरी नहीं है. नाक के म्यूकस का रंग बदलने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि आपको बैक्टीरियल संक्रमण है या एंटीबायोटिक की जरूरत है. Johns Hopkins Medicine भी इस मिथक को गलत बताता है कि म्यूकस का रंग देखकर ही साइनस इंफेक्शन या एंटीबायोटिक की जरूरत तय की जा सकती है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.