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ब्लड प्रेशर की दवा लेते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना है जरूरी, जानिए इन मेडिसिन के क्या हो सकते हैं

BP Medicine: यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेश के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर में व्यक्ति कुछ दवाएं लेता है, लेकिन इन दवा से शरीर पर कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं. ऐसे में दवा को सावधानी से लेना जरूरी होता है.

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High Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर कहा जाता है. यह एक ऐसी दिक्कत है जिसमें व्यक्ति की रक्त धमनियां डैमेज होती चली जाती हैं और अगर समय रहते हाई ब्लड प्रेशर का इलाज ना किया जाए तो व्यक्ति की जान भी जा सकती है. हाई ब्लड प्रेशर किडनी फेलियर, स्ट्रोक, आंखों की रोशनी चले जाने, हार्ट अटैक और दिल की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. ऐसे में मरीज ब्लड प्रेशर को कंट्रोल (BP Control) करने की कोशिश में लगे रहते हैं. हेल्दी फूड्स, एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल में बदलाव करके ब्लड प्रेशर को सामान्य करने की कोशिश की जाती है. इसके साथ ही, ब्लड प्रेशर कंट्रोल के लिए दवाएं (BP Medicine) ली जाती हैं. यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, अगर आप ब्लड प्रेशर की दवा लेते हैं तो ऐसी कुछ बातें हैं जिनका खास ख्याल रखना जरूरी है.

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क्या ब्लड प्रेशर कम होने पर भी दवा लेनी चाहिए

एफडीए के अनुसार, ब्लड प्रेशर की दवा रोजाना लेनी चाहिए. अगर आपका ब्लड प्रेशर कम हो गया है या आपको बुरा महसूस नहीं हो रहा है तब भी बीपी की दवा लेना जरूरी है. जब तक आपके डॉक्टर आपको बीपी की दवा लेने से मना नहीं करते हैं तबतक आपको बीपी की दवा (BP Ki Dawa) लेनी है.

ब्लड प्रेशर की दवा से साइड इफेक्ट्स

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ऐसे बहुत से लोग हैं जो ब्लड प्रेशर की दवा लेते हैं और उन्हें शरीर में किसी तरह के लक्षण महसूस नहीं होते हैं. वहीं, बहुत से लोगों को कुछ सामान्य दिक्कतें महसूस हो सकती हैं, जैसे सिर में दर्द होना, सिर घूमना या पेट खराब हो जाना. लेकिन, दवा शुरू करने के कुछ हफ्तों बाद ये लक्षण कम होने लगते हैं.

ब्लड प्रेशर की कौन सी दवाएं होती हैं

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ब्लड प्रेशर की साधारण दवाएं एसीई इनहिबिटर्स, डायरेटिक्स, कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स और बीटा ब्लॉकर्स हैं. ये दवाएं अलग-अलग ब्रांड नाम या जेनरिक नामों से बाजार में बेची जाती हैं. यहां जानिए इन दवाओं को लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और इनके कुछ सामान्य साइड इफेक्ट्स क्या होते हैं.

एसीई इनहिबिटर्स – प्रेग्नेंट महिला को, बच्चे को स्तनपान कराने वाली महिला को, लिवर की दिक्कत वाले व्यक्ति को, डायबिटीज में और दिल की दिक्कतों में डॉक्टर की सलाह लेकर ही यह दवा लेनी चाहिए. इस दवा को लेने पर खांसी, सिर घूमना, सिर में दर्द, थकान महसूस होना या सोने में दिक्कत जैसे सामान्य लक्षण दिख सकते हैं.

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डायरेटिक्स या वॉटर पिल्स – इन दवाओं को लेने पर चक्कर आना, बेहोशी, बार-बार पेशाब लगना, सिर में दर्द और पेट खराब होने जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं. इन दवाओं के कुछ वॉर्निंग साइन भी हैं जो शरीर पर नजर आते हैं तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है, जैसे आंखों में दर्द होना या अचनाक से धुंधला नजर आना, त्वचा पर रैशेज, सांस लेने में दिक्कत, दिल की धड़कन का अनियमित हो जाना, प्यास ज्यादा लगना या फिर मसल्स में क्रैंप्स होना.

कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स – इस दवा को लेने पर नींद जैसा महसूस हो सकता है, सिर में दर्द होता है, पेट खराब हो सकता है, पैर में सूजन आ सकती है या बहुत ज्यादा गर्मी लगती है. इसके अलावा, अगर छाती में दर्द हो या फिर शरीर पर रैशेज निकलने लगें तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें.

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बीटा ब्लॉकर्स – दिल, लिवर और डायबिटीज जैसी गंभीर दिक्कतों के अलावा अगर आप कैटारेक्ट सर्जरी कराने वाले हैं तो यह दवा लेने के बारे में अपने डॉक्टर को जरूर बताएं. इस दवा को बिना डॉक्टर की सलाह के लेना ना रोकें. इसके साइड इफेक्ट्स ये हो सकते हैं – थकान महसूस करना, पेट खराब होना, दस्त या कब्ज होना, सिर में दर्द और चक्कर आना.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

Source - FDA 

First published on: Aug 22, 2026 11:49 AM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती है. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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