शरीर में इंसुलिन कैसे कम करें? बाबा रामदेव से जानिए इंसुलिन से कैसे मिलेगा छुटकारा

How To Reduce Insulin: इंसुलिन को कम करने के लिए, इंसुलिन की दवा ले रहे हैं तो इस दवा से छुटकारा पाने के लिए बाबा रामदेव के बताए नुस्खे आजमाकर देखे जा सकते हैं. बाबा रामदेव ने बताया किस तरह आपको इंसुलिन से मुक्ति मिल जाएगी.

Insulin

जानिए किस तरह मिलेगा इंसुलिन से छुटकारा.

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Diabetes Management: डायबिटीज के मरीजों को अपने खानपान का खासतौर से ख्याल रखने की जरूरत होती है. खानपान अगर ठीक ना हो तो ब्लड शुगर लेवल्स कम या ज्यादा होते रहते हैं और सेहत बिगड़ती है. ऐसे में इंसुलिन को बैलेंस्ड रखने वाली चीजों को खानपान का हिस्सा बनाना जरूरी होता है. इसी बारे में बता रहे हैं योगगुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev). योगगुरु ने बताया कि इंसुलिन को बैलेंस कैसे किया जाता है और अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और इंसुलिन की दवा ले रहे हैं तो यह दवा कैसे छुड़ाई जा सकती है. बाबा रामदेव के बताए टिप्स आपके बेहद काम आएंगे.

कैसे बैलेंस होगा इंसुलिन

बाबा रामदेव बताते हैं कि लोगों में यह भ्रांति है कि एक बार डायबिटीज हो जाए तो फिर जिंदगीभर इंसुलिन (Insulin) की दवाएं लेनी पड़ती हैं या इंजेक्शन लगाना पड़ना है. लेकिन, ऐसा नहीं है. केवल ये 2 आसन कर लिए जाएं तो डायबिटीज की दिक्कत दूर होती है. पहला आसन है मंडूकासन और दूसरा है पवनमुक्तासन. इन दोनों आसन को 10-10 मिनट कर लिया जाए तो डायबिटीज की दिक्कत में राहत महसूस होती है.

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गिलोय और एलोवेरा का जूस पीने पर भी आराम महसूस होता है. बाबा रामदेव कहते हैं इंसुलिन मुक्ति के लिए काला चावल खाया जा सकता है. काला चावल, काला गेंहू, खीरा, टमाटर, घीये का जूस और करेले की सब्जी डायबिटीज की दिक्कतों को कम करते हैं. इससे आपकी इंसुलिन की दवा बंद हो जाएगी. बाबा रामदेव कहते हैं कि इस तरह डायबिटीज (Diabetes) को रिवर्स किया जा सकता है.

बाबा रामदेव कहते हैं कि डायबिटीज के मरीज जामुन का रस पी सकते हैं. खीरा, करेला और टमाटर का जूस पीने के अलावा, अनार, गाजर और चुकंदर का सलाद बनाकर खा सकते हैं. इस सलाद में नींबू जरूर खाएं. इससे सेहत दुरुस्त रहती है.

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क्या होता है इंसुलिन

इंसुलिन एक हार्मोन होता है जो ब्लड शुगर लेवल्स को रेग्यूलेट करने में मदद करता है. आपकी सेल्स ग्लूकोज को कितना एब्जॉर्ब करेंगे यह इंसुलिन पर ही निर्भर करता है. इंसुलिन रेजिस्टेंस हो जाने पर शरीर की सेल्स इंसुलिन से ठीक तरह से रिस्पोंड नहीं करती हैं जिससे ग्लूकोज एनर्जी के लिए सेल्स में अवशोषित नहीं होता और शरीर का ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है और पैनक्रियाज इंसुलिन को ज्यादा प्रोड्यूस करने लगता है. ऐसे में इंसुलिन की बढ़ी हुई मात्रा को कम करना, ब्लड शुगर लेवल्स को कम करना और डायबिटीज में इंसुलिन और ब्लड शुगर को बैलेंस्ड रखना बेहद जरूरी होता है.

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डायबिटीज कितने प्रकार की होती है

टाइप 2 डायबिटीज – इस कंडीशन में शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता है या कोशिकाएं इंसुलिन से रिस्पोंड नहीं कर पाती हैं जिसे इंसुलिन रेजिस्टेंस कहते हैं. यह सबसे कॉमन तरह की डायबिटीज होती है.

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प्रीडायबिटीज – यह टाइप 2 डायबिटीज से पहले की स्टेज की डायबिटीज है. इसमें शरीर के ग्लूकोज लेवल्स नॉर्मल से ज्यादा होते हैं. यह ज्यादातर वयस्कों को प्रभावित करती है लेकिन बच्चे भी इसकी चपेट में आ सकते हैं.

टाइप 1 डायबिटीज – यह एक ओटोइम्यून डिजीज है जिसमें इम्यून सिस्टम इंसुलिन प्रोड्यूसिंग सेल्स को अटैक और डिस्ट्रोय करने लगती हैं.

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गेस्टेशनल डायबिटीज – प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को गेस्टेशनल डायबिटीज हो सकती है. ज्यादातार प्रेग्नेंसी के बाद यह डायबिटीज ठीक हो जाती है. लेकिन, आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज होने की संभावना रहती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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