शरीर में इंसुलिन कैसे कम करें? बाबा रामदेव से जानिए इंसुलिन से कैसे मिलेगा छुटकारा
How To Reduce Insulin: इंसुलिन को कम करने के लिए, इंसुलिन की दवा ले रहे हैं तो इस दवा से छुटकारा पाने के लिए बाबा रामदेव के बताए नुस्खे आजमाकर देखे जा सकते हैं. बाबा रामदेव ने बताया किस तरह आपको इंसुलिन से मुक्ति मिल जाएगी.
Written By: Seema Thakur|Updated: Jan 6, 2026 10:14
Edited By : Seema Thakur|Updated: Jan 6, 2026 10:14
Share :
जानिए किस तरह मिलेगा इंसुलिन से छुटकारा.
Diabetes Management: डायबिटीज के मरीजों को अपने खानपान का खासतौर से ख्याल रखने की जरूरत होती है. खानपान अगर ठीक ना हो तो ब्लड शुगर लेवल्स कम या ज्यादा होते रहते हैं और सेहत बिगड़ती है. ऐसे में इंसुलिन को बैलेंस्ड रखने वाली चीजों को खानपान का हिस्सा बनाना जरूरी होता है. इसी बारे में बता रहे हैं योगगुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev). योगगुरु ने बताया कि इंसुलिन को बैलेंस कैसे किया जाता है और अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और इंसुलिन की दवा ले रहे हैं तो यह दवा कैसे छुड़ाई जा सकती है. बाबा रामदेव के बताए टिप्स आपके बेहद काम आएंगे.
कैसे बैलेंस होगा इंसुलिन
बाबा रामदेव बताते हैं कि लोगों में यह भ्रांति है कि एक बार डायबिटीज हो जाए तो फिर जिंदगीभर इंसुलिन (Insulin) की दवाएं लेनी पड़ती हैं या इंजेक्शन लगाना पड़ना है. लेकिन, ऐसा नहीं है. केवल ये 2 आसन कर लिए जाएं तो डायबिटीज की दिक्कत दूर होती है. पहला आसन है मंडूकासन और दूसरा है पवनमुक्तासन. इन दोनों आसन को 10-10 मिनट कर लिया जाए तो डायबिटीज की दिक्कत में राहत महसूस होती है.
गिलोय और एलोवेरा का जूस पीने पर भी आराम महसूस होता है. बाबा रामदेव कहते हैं इंसुलिन मुक्ति के लिए काला चावल खाया जा सकता है. काला चावल, काला गेंहू, खीरा, टमाटर, घीये का जूस और करेले की सब्जी डायबिटीज की दिक्कतों को कम करते हैं. इससे आपकी इंसुलिन की दवा बंद हो जाएगी. बाबा रामदेव कहते हैं कि इस तरह डायबिटीज (Diabetes) को रिवर्स किया जा सकता है.
बाबा रामदेव कहते हैं कि डायबिटीज के मरीज जामुन का रस पी सकते हैं. खीरा, करेला और टमाटर का जूस पीने के अलावा, अनार, गाजर और चुकंदर का सलाद बनाकर खा सकते हैं. इस सलाद में नींबू जरूर खाएं. इससे सेहत दुरुस्त रहती है.
इंसुलिन एक हार्मोन होता है जो ब्लड शुगर लेवल्स को रेग्यूलेट करने में मदद करता है. आपकी सेल्स ग्लूकोज को कितना एब्जॉर्ब करेंगे यह इंसुलिन पर ही निर्भर करता है. इंसुलिन रेजिस्टेंस हो जाने पर शरीर की सेल्स इंसुलिन से ठीक तरह से रिस्पोंड नहीं करती हैं जिससे ग्लूकोज एनर्जी के लिए सेल्स में अवशोषित नहीं होता और शरीर का ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है और पैनक्रियाज इंसुलिन को ज्यादा प्रोड्यूस करने लगता है. ऐसे में इंसुलिन की बढ़ी हुई मात्रा को कम करना, ब्लड शुगर लेवल्स को कम करना और डायबिटीज में इंसुलिन और ब्लड शुगर को बैलेंस्ड रखना बेहद जरूरी होता है.
डायबिटीज कितने प्रकार की होती है
टाइप 2 डायबिटीज - इस कंडीशन में शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता है या कोशिकाएं इंसुलिन से रिस्पोंड नहीं कर पाती हैं जिसे इंसुलिन रेजिस्टेंस कहते हैं. यह सबसे कॉमन तरह की डायबिटीज होती है.
प्रीडायबिटीज - यह टाइप 2 डायबिटीज से पहले की स्टेज की डायबिटीज है. इसमें शरीर के ग्लूकोज लेवल्स नॉर्मल से ज्यादा होते हैं. यह ज्यादातर वयस्कों को प्रभावित करती है लेकिन बच्चे भी इसकी चपेट में आ सकते हैं.
टाइप 1 डायबिटीज - यह एक ओटोइम्यून डिजीज है जिसमें इम्यून सिस्टम इंसुलिन प्रोड्यूसिंग सेल्स को अटैक और डिस्ट्रोय करने लगती हैं.
गेस्टेशनल डायबिटीज - प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को गेस्टेशनल डायबिटीज हो सकती है. ज्यादातार प्रेग्नेंसी के बाद यह डायबिटीज ठीक हो जाती है. लेकिन, आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज होने की संभावना रहती है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Diabetes Management: डायबिटीज के मरीजों को अपने खानपान का खासतौर से ख्याल रखने की जरूरत होती है. खानपान अगर ठीक ना हो तो ब्लड शुगर लेवल्स कम या ज्यादा होते रहते हैं और सेहत बिगड़ती है. ऐसे में इंसुलिन को बैलेंस्ड रखने वाली चीजों को खानपान का हिस्सा बनाना जरूरी होता है. इसी बारे में बता रहे हैं योगगुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev). योगगुरु ने बताया कि इंसुलिन को बैलेंस कैसे किया जाता है और अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और इंसुलिन की दवा ले रहे हैं तो यह दवा कैसे छुड़ाई जा सकती है. बाबा रामदेव के बताए टिप्स आपके बेहद काम आएंगे.
कैसे बैलेंस होगा इंसुलिन
बाबा रामदेव बताते हैं कि लोगों में यह भ्रांति है कि एक बार डायबिटीज हो जाए तो फिर जिंदगीभर इंसुलिन (Insulin) की दवाएं लेनी पड़ती हैं या इंजेक्शन लगाना पड़ना है. लेकिन, ऐसा नहीं है. केवल ये 2 आसन कर लिए जाएं तो डायबिटीज की दिक्कत दूर होती है. पहला आसन है मंडूकासन और दूसरा है पवनमुक्तासन. इन दोनों आसन को 10-10 मिनट कर लिया जाए तो डायबिटीज की दिक्कत में राहत महसूस होती है.
गिलोय और एलोवेरा का जूस पीने पर भी आराम महसूस होता है. बाबा रामदेव कहते हैं इंसुलिन मुक्ति के लिए काला चावल खाया जा सकता है. काला चावल, काला गेंहू, खीरा, टमाटर, घीये का जूस और करेले की सब्जी डायबिटीज की दिक्कतों को कम करते हैं. इससे आपकी इंसुलिन की दवा बंद हो जाएगी. बाबा रामदेव कहते हैं कि इस तरह डायबिटीज (Diabetes) को रिवर्स किया जा सकता है.
---विज्ञापन---
बाबा रामदेव कहते हैं कि डायबिटीज के मरीज जामुन का रस पी सकते हैं. खीरा, करेला और टमाटर का जूस पीने के अलावा, अनार, गाजर और चुकंदर का सलाद बनाकर खा सकते हैं. इस सलाद में नींबू जरूर खाएं. इससे सेहत दुरुस्त रहती है.
क्या होता है इंसुलिन
---विज्ञापन---
इंसुलिन एक हार्मोन होता है जो ब्लड शुगर लेवल्स को रेग्यूलेट करने में मदद करता है. आपकी सेल्स ग्लूकोज को कितना एब्जॉर्ब करेंगे यह इंसुलिन पर ही निर्भर करता है. इंसुलिन रेजिस्टेंस हो जाने पर शरीर की सेल्स इंसुलिन से ठीक तरह से रिस्पोंड नहीं करती हैं जिससे ग्लूकोज एनर्जी के लिए सेल्स में अवशोषित नहीं होता और शरीर का ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है और पैनक्रियाज इंसुलिन को ज्यादा प्रोड्यूस करने लगता है. ऐसे में इंसुलिन की बढ़ी हुई मात्रा को कम करना, ब्लड शुगर लेवल्स को कम करना और डायबिटीज में इंसुलिन और ब्लड शुगर को बैलेंस्ड रखना बेहद जरूरी होता है.
डायबिटीज कितने प्रकार की होती है
---विज्ञापन---
टाइप 2 डायबिटीज – इस कंडीशन में शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता है या कोशिकाएं इंसुलिन से रिस्पोंड नहीं कर पाती हैं जिसे इंसुलिन रेजिस्टेंस कहते हैं. यह सबसे कॉमन तरह की डायबिटीज होती है.
प्रीडायबिटीज – यह टाइप 2 डायबिटीज से पहले की स्टेज की डायबिटीज है. इसमें शरीर के ग्लूकोज लेवल्स नॉर्मल से ज्यादा होते हैं. यह ज्यादातर वयस्कों को प्रभावित करती है लेकिन बच्चे भी इसकी चपेट में आ सकते हैं.
---विज्ञापन---
टाइप 1 डायबिटीज – यह एक ओटोइम्यून डिजीज है जिसमें इम्यून सिस्टम इंसुलिन प्रोड्यूसिंग सेल्स को अटैक और डिस्ट्रोय करने लगती हैं.
गेस्टेशनल डायबिटीज – प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को गेस्टेशनल डायबिटीज हो सकती है. ज्यादातार प्रेग्नेंसी के बाद यह डायबिटीज ठीक हो जाती है. लेकिन, आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज होने की संभावना रहती है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.