क्या मोदी मंत्रिमंडल से इस्तीफा देंगे दो मंत्री? राज्यसभा की लिस्ट से गायब है नाम, सारे नए चेहरे

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए BJP की नई लिस्ट जारी होते ही दिल्ली से लखनऊ तक सियासी हलचल तेज हो गई है. मोदी सरकार के दो बड़े मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को इस बार टिकट नहीं मिला है, जिनका कार्यकाल नवंबर में खत्म हो रहा है. संसद सदस्यता जाने की नौबत के बीच अब दोनों मंत्रियों के इस्तीफे और मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की चर्चाएं गर्म हैं.

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BJP ने अपने दो मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और राज्य मंत्री बीएल वर्मा को दोबारा राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाया है. Credit : wikipedia/facebook

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उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई सूची सामने आते ही केंद्र सरकार में बड़े फेरबदल की आहट सुनाई देने लगी है. इस बार चौंकाने वाला फैसला लेते हुए BJP ने अपने दो मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और राज्य मंत्री बीएल वर्मा को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया है. दोनों मंत्रियों का राज्यसभा कार्यकाल इसी साल नवंबर 2026 में खत्म हो रहा है. ऐसे में संसद सदस्य न रहने की स्थिति में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों को जल्द ही मोदी मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ सकता है.

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क्या मोदी कैबिनेट से देना होगा इस्तीफा?

हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा दोनों नवंबर 2020 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए थे. दोनों का कार्यकाल नवंबर 2026 में खत्म हो रहा है. नियमानुसार, केंद्रीय मंत्री बने रहने के लिए संसद के किसी एक सदन (लोकसभा या राज्यसभा) का सदस्य होना जरूरी है. अब जब पार्टी ने उन्हें दोबारा उच्च सदन का टिकट नहीं दिया है तो यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उनका कैबिनेट से हटना तय है. साथ ही केंद्र सरकार में जल्द ही बड़े फेरबदल की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है.

2018 में पहली बार राज्यसभा पहुंचे थे हरदीप पुरी

हरदीप सिंह पुरी पहली बार जनवरी 2018 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे थे, जब मनोहर पर्रिकर के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर उपचुनाव हुआ था. इसके बाद 26 नवंबर 2020 को उन्हें दोबारा निर्विरोध चुना गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपनी कैबिनेट में शामिल किया. जून 2024 में जब तीसरी बार मोदी सरकार बनी तो उन्हें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का अहम जिम्मा सौंपा गया. वहीं बीएल वर्मा भी नवंबर 2020 में यूपी से राज्यसभा गए थे और मोदी 3.0 सरकार में वे उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सामाजिक न्याय मंत्रालय के राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

कैबिनेट में अभी 12 पद खाली

दोनों कद्दावर नेताओं को टिकट न मिलने के बाद अब केंद्रीय कैबिनेट में बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है. संविधान के नियमों के अनुसार केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कुल 81 मंत्री हो सकते हैं, जबकि वर्तमान में केवल 69 मंत्री हैं. हाल ही में नीट (NEET) मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं. इस हिसाब से कैबिनेट में अभी 12 पद खाली पड़े हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए PM नरेंद्र मोदी जल्दमंत्रिपरिषद का पुनर्गठन कर सकते हैं, जिसमें नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है.

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पार्टी ने साधे सामाजिक समीकरण

बीजेपी ने अपनी इस नई सूची में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का पूरा ख्याल रखा है. पार्टी ने 3 ओबीसी, 2 दलित और सामान्य वर्ग से उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं. बीएल वर्मा की जगह प्रमुख लोध चेहरे के तौर पर उत्तर प्रदेश सरकार के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह को राज्यसभा प्रत्याशी बनाया गया है.

इसके अलावा पार्टी ने राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया है. संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे लाकर पार्टी ने जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने की रणनीति अपनाई है.

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Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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