PM मोदी और स्विस प्रेसिडेंट गाय पारमेलिन के बीच बातचीत के बाद, भारत और स्विट्जरलैंड ने सोमवार को एक माइग्रेशन और मोबिलिटी पार्टनरशिप समझौते पर साइन किए. दोनों देशों ने भारतीय एक्सपोर्ट के लिए स्विस मार्केट एक्सेस बढ़ाने का फैसला किया और न्यूक्लियर एनर्जी और डिफेंस के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई. पारमेलिन ने आज सुबह भारत की अपनी तीन दिन की यात्रा शुरू की, जो देश की उनकी पहली सरकारी यात्रा और इस साल की उनकी दूसरी यात्रा है. इससे पहले वो फरवरी में AI इम्पैक्ट समिट में शामिल हुए थे.
पीएम मोदी ने क्या कहा?
मोबिलिटी और माइग्रेशन समझौते के साथ दोनों पक्षों ने चार और समझौतों पर साइन किए, जिसमें एक यंग प्रोफेशनल्स एक्सचेंज स्कीम और ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजी, मोबिलिटी सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी डील शामिल है. दोनों देशों के बीच यूक्रेन विवाद और पश्चिम एशिया को हालातों पर भी चर्चा हुई. पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्ष शांति के लिए सभी सही कोशिशों का समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड में भारतीय एक्सपोर्ट के लिए मार्केट एक्सेस बढ़ाने और दोनों देशों के बीच निवेश को और आसान बनाने के लिए कई खास फैसले लिए गए.
’10 लाख नौकरी और 10 अरब डॉलर का निवेश’
स्विट्जरलैंड यूरोप में भारत का एक बड़ा आर्थिक पार्टनर है. अभी 330 से ज्यादा स्विस कंपनियां भारत में इंजीनियरिंग, सर्विसेज, प्रिसिजन इंस्ट्रूमेंट्स, केमिकल्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर्स में काम कर रही हैं. जबकि भारतीय कंपनियां IT, फार्मास्यूटिकल्स और मशीनरी जैसे सेक्टर्स में स्विट्जरलैंड में मौजूद हैं. पीएम मोदी ने कहा कि TEPA इन्वेस्टमेंट, इनोवेशन, नौकरियों और साझा खुशहाली के लिए एक महत्वाकांक्षी ब्लूप्रिंट है. उन्होंने कहा, ”इसके जरिए हम अगले 15 सालों में भारत में 100 बिलियन के डॉलर के इन्वेस्टमेंट और दस लाख डायरेक्ट नौकरियों के अपने लक्ष्य को पूरा करेंगे.” प्रधानमंत्री ने इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को भारत-स्विट्जरलैंड पार्टनरशिप का मजबूत आधार बताते हुए कहा कि दोनों पक्ष इस जुड़ाव को नई रफ्तार देंगे.