Chickenpox Symptoms: व्यक्ति को उम्र के किसी ना किसी पड़ाव पर चिकनपॉक्स हो सकता है. यह ज्यादातर बचपन में होता है और इसे चेचक या साधारण भाषा में माता निकलना भी कहा जाता है. चिकनपॉक्स होने से 1-2 दिन पहले से ही शरीर पर इसके अलग-अलग लक्षण (Mata Nikalne Ke Lakshan) नजर आने लगते हैं. इन लक्षणों को पहचानकर बच्चे को घर के बाकी सदस्यों और दूसरे बच्चों से दूर रखना जरूरी होता है क्योंकि चिकनपॉक्स संक्रामक होता है और तेजी से फैलता है. ऐसे में यहां जानिए चिकनपॉक्स होने पर इसके शुरुआती लक्षण कैसे नजर आते हैं और किस तरह इन लक्षणों से चिकनपॉक्स की पहचान की जा सकती है.
चिकनपॉक्स के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं | Early Signs Of Chickenpox
चिकनपॉक्स होने से 24 से 48 घंटे पहले से ही बच्चे के शरीर पर इसके लक्षण दिख सकते हैं. बच्चे को हल्का बुखार आ जाता है, शरीर में थकान और सुस्ती छाने लगती है, भूख में कमी आ जाती है, सिर में दर्द होता है और मांसपेशियों में भी दर्द होने लगता है.
चिकनपॉक्स होने के मुख्य लक्षण क्या हैं
- चिकनपॉक्स हो जाने के 1-2 दिन बाद शरीर पर दाने और फफोले निकलने लगते हैं. ये दाने लाल या सफेद हो सकते हैं और चेहरे, छाती, पीठ, हाथ, पैर और लगभग शरीर के हर हिस्से पर निकलते हैं.
- शरीर पर पानी वाले फफोले हो जाते हैं. ये छाले की तरह दिखते हैं और इन्हें फोड़ दिया जाए तो इनमें जलन होती है और दर्द होने लगता है.
- चेचक हो जाने के 5 से 7 दिनों में ये छाले खुद ही फूटकर सूखने लगते हैं और इनपर पपड़ी जमना शुरू हो जाती है.
बच्चे को चिकनपॉक्स हो जाए तो क्या करें
अगले बच्चे को चिकनपॉक्स हो गया है तो उसे नीम की पत्तियों का गुच्छा बनाकर दें. इस गुच्छे को बच्चे के शरीर पर फेरने से चिकनपॉक्स के दानों की खुजली कम होती है. बच्चे को नीम के पानी से नहलाया भी जा सकता है. इसके अलावा, संक्रमण को रोकने के लिए माता-पिता अपने और बच्चे के नाखून काट दें. बच्चे को समझाएं कि दानों को नाखून से नोचे नहीं, ये दाने फोड़े जाने पर अपने निशान छोड़ देते हैं. बच्चे को सूती कपड़े पहनाकर रखें और उसका बिस्तर अलग लगाएं.
बच्चे के खानपान का रखें ख्याल
- बच्चे के शरीर में हाइड्रेशन बनी रहे इसके लिए उसे खूब सारा नारियल पानी दें, ताजे फलों का रस दें और सादा पानी पीने के लिए देते रहें.
- भोजन ऐसा दें जो हल्का हो और जिसे खाने-चबाने में बच्चे को तकलीफ ना हो. बच्चे को सादा चीजें दें और बिना मिर्च और मसाले वाला खाना खाने के लिए दें.
- अगर बच्चे को बुखार हो तो डॉक्टर से जांच करवाकर डॉक्टर के कहेनुसार ही दवा दें.
यह भी पढ़ें - आंखों में गुलाल चला जाए तो क्या करें? आई सर्जन ने बताया आंख में रंग जाने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Chickenpox Symptoms: व्यक्ति को उम्र के किसी ना किसी पड़ाव पर चिकनपॉक्स हो सकता है. यह ज्यादातर बचपन में होता है और इसे चेचक या साधारण भाषा में माता निकलना भी कहा जाता है. चिकनपॉक्स होने से 1-2 दिन पहले से ही शरीर पर इसके अलग-अलग लक्षण (Mata Nikalne Ke Lakshan) नजर आने लगते हैं. इन लक्षणों को पहचानकर बच्चे को घर के बाकी सदस्यों और दूसरे बच्चों से दूर रखना जरूरी होता है क्योंकि चिकनपॉक्स संक्रामक होता है और तेजी से फैलता है. ऐसे में यहां जानिए चिकनपॉक्स होने पर इसके शुरुआती लक्षण कैसे नजर आते हैं और किस तरह इन लक्षणों से चिकनपॉक्स की पहचान की जा सकती है.
चिकनपॉक्स के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं | Early Signs Of Chickenpox
चिकनपॉक्स होने से 24 से 48 घंटे पहले से ही बच्चे के शरीर पर इसके लक्षण दिख सकते हैं. बच्चे को हल्का बुखार आ जाता है, शरीर में थकान और सुस्ती छाने लगती है, भूख में कमी आ जाती है, सिर में दर्द होता है और मांसपेशियों में भी दर्द होने लगता है.
चिकनपॉक्स होने के मुख्य लक्षण क्या हैं
- चिकनपॉक्स हो जाने के 1-2 दिन बाद शरीर पर दाने और फफोले निकलने लगते हैं. ये दाने लाल या सफेद हो सकते हैं और चेहरे, छाती, पीठ, हाथ, पैर और लगभग शरीर के हर हिस्से पर निकलते हैं.
- शरीर पर पानी वाले फफोले हो जाते हैं. ये छाले की तरह दिखते हैं और इन्हें फोड़ दिया जाए तो इनमें जलन होती है और दर्द होने लगता है.
- चेचक हो जाने के 5 से 7 दिनों में ये छाले खुद ही फूटकर सूखने लगते हैं और इनपर पपड़ी जमना शुरू हो जाती है.
बच्चे को चिकनपॉक्स हो जाए तो क्या करें
अगले बच्चे को चिकनपॉक्स हो गया है तो उसे नीम की पत्तियों का गुच्छा बनाकर दें. इस गुच्छे को बच्चे के शरीर पर फेरने से चिकनपॉक्स के दानों की खुजली कम होती है. बच्चे को नीम के पानी से नहलाया भी जा सकता है. इसके अलावा, संक्रमण को रोकने के लिए माता-पिता अपने और बच्चे के नाखून काट दें. बच्चे को समझाएं कि दानों को नाखून से नोचे नहीं, ये दाने फोड़े जाने पर अपने निशान छोड़ देते हैं. बच्चे को सूती कपड़े पहनाकर रखें और उसका बिस्तर अलग लगाएं.
बच्चे के खानपान का रखें ख्याल
- बच्चे के शरीर में हाइड्रेशन बनी रहे इसके लिए उसे खूब सारा नारियल पानी दें, ताजे फलों का रस दें और सादा पानी पीने के लिए देते रहें.
- भोजन ऐसा दें जो हल्का हो और जिसे खाने-चबाने में बच्चे को तकलीफ ना हो. बच्चे को सादा चीजें दें और बिना मिर्च और मसाले वाला खाना खाने के लिए दें.
- अगर बच्चे को बुखार हो तो डॉक्टर से जांच करवाकर डॉक्टर के कहेनुसार ही दवा दें.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.