आंखों की ये खतरनाक बीमारी छीन सकती है आपकी रोशनी! अभी जानें इसके शुरुआती लक्षण

आंखें हर किसी के लिए जरूरी होती हैं, लेकिन सही देखभाल की कमी के कारण आंखों में एक गंभीर बीमारी का खतरा बना रहता है, जो हमेशा के लिए रोशनी छीन सकता है. आइए जानते हैं कौन सी बीमारी के कारण आंखें देखना बंद कर देती हैं?

EYE Problem

कौन सी आंखों की बीमारी रोशनी छीन लेती है?

कुदरत ने इस दुनिया को बहुत खूबसूरत बनाया है, यही वजह है कि इसे देखने को लिए उसनें इंसानों से लेकर जानवरों आदि सभी को आंख भी दी है. शरीर का ये अंग उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना दिल, दिमाग और फेफड़े. हालांकि, कई लोग ऐसे होते हैं, जो आंखों से देख नहीं सकते, उन्हें इस कारण बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. लेकिन जिन लोगों के पास आंख हैं, वह अपनी पूरी कोशिश करते हैं कि उनकी आंखों की सेहत बनी रहे. लेकिन आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि एक खतरनाक बीमारी ऐसी है, जो लोगों की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए छीन लेती है. इस स्टोरी में हम उसी बीमारी के बारे में बात करेंगे और आपको उसके शुरुआती लक्षण भी बताएंगे.

विज्ञापन
विज्ञापन

आंखों का ख्याल रखना बहुत जरूरी

आज के वक्त कई लोगों ने अपनी लाइफस्टाइल इतनी ज्यादा खराब कर ली है कि वे देर रात तक जागे रहते हैं, मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं, बाहर का प्रदूषण उनकी आंखों को नुकसान पहुंचाता रहता है, जिससे बचाव के लिए वे कुछ करते नहीं हैं. इन्हीं सब चीजों के कारण आंखों पर दबाव पड़ने लगता है, जिसका नतीजा यह होता है कि एक गंभीर बीमारी जिसका नाम ग्लूकोमा है उसका खतरा बढ़ जाता है, जो व्यक्ति की आंखों को कमजोर कर हमेशा के लिए रोशनी छीन लेता है.

विज्ञापन

क्या है खतरनाक बीमारी ग्लूकोमा

ग्लूकोमा (Glaucoma) को काला मोतिया (Kala Motiya) भी कहा जाता है, जिसमें आंखों के अंदर धीरे-धीरे दबाव बढ़ने लगता है, जिसका सीधा असर आंखों के ऑप्टिक नर्व यानी नेत्र तंत्रिका पर पड़ता है. शायद आपको मालूम न हो, यही वह नर्व है, जो आंखों से मिली जानकारी को दिमाग तक पहुंचाती है. इस बीमारी के कारण आंखों में इतना ज्यादा दबाव पड़ने लगता है कि यह नर्व कमजोर हो जाती है और इससे देखने की क्षमता कम हो जाती है.

विज्ञापन

नहीं दिखते शुरुआती लक्षण

आपको जानकर हैरानी होगी कि ग्लूकोमा के शुरुआती लक्षण साफ तौर पर दिखाई नहीं देते हैं. हालांकि, जो लोग इस बीमारी का शिकार हो जाते हैं, उन्हें आमतौर पर लगता है कि सब ठीक है आंखों में कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन वक्त के साथ-साथ धीर-धीरे रोशनी कम होती चली जाती है यानी वह विशेष नर्व कमजोर होने लगती है.
हालांकि, सामान्य जानकारी के अनुसार, जब इस बीमारी के कारण नजर कम होने लगती है, तो किनारों से दिखना कम होने लगता है, जिसे ब्लाइंड स्पॉट कहा जाता है. साथ ही, कई मामलों में सिर में दर्द, आंखों में दर्द, रोशनी के चारों ओर घेरे दिखना, आंखों का लाल होना, मतली और उल्टी जैसी शिकायतें भी सामने आती हैं, इसलिए कभी भी किसी भी संकेत को नजरअंदाज न करें.

विज्ञापन

किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा

सामान्य जानकारी के अनुसार, ग्लूकोमा यानी काला मोतिया का खतरा बढ़ती उम्र में बढ़ जाता है, आमतौर पर 40 के बाद. साथ ही, जिन लोगों के परिवार में किसी को यह बीमारी रही हो उनमें भी इसका खतरा रहता है. इन सबके अलावा ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, आंखों में गंभीर चोट, आंखों की पुरानी सर्जरी और यहां तक कि माइग्रेन भी ग्लूकोमा का खतरा बढ़ा सकता है.

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Azhar Naim

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ