गिलोय का काढ़ा कैसे बनाया जाता है? बाबा रामदेव ने बताया Giloy Kadha कब और कैसे पीना चाहिए
Giloy Benefits: गिलोय औषधीय गुणों से भरपूर होने के चलते सेहत को दुरुस्त रखता है. ऐसे में यहां जानिए बाबा रामदेव किस तरह गिलोय का काढ़ा बनाकर पीने की सलाह दे रहे हैं.
Written By: Seema Thakur|Updated: Dec 31, 2025 17:59
Edited By : Seema Thakur|Updated: Dec 31, 2025 17:59
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गिलोय का काढ़ा बनाने की विधि क्या है, जानिए यहां.
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Giloy Ka Kadha: गिलोय सेहत को फायदा देने वाली एक बेहद ही लाभकारी आयुर्वेदिक औषधि है जिसे संस्कृत में अमृता कहा जाता है. योगगुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev) अक्सर ही गिलोय के फायदे गिनाते हैं. बाबा रामदेव के अनुसार, गिलोय के सेवन से शरीर निरोगी बनता है. बीमारियों को दूर रखने के लिए और बीमारी हो जाने पर उसे ठीक करने पर गिलोय का काढ़ा बनाकर पिया जाता है. बाबा रामदेव बताते हैं डेंगू जैसी बीमारी में गिलोय का काढ़ा खासतौर से फायदेमंद होता है. जिन्हें भयंकर आर्थराइटिस है, बार-बार सर्दी जुकाम होता है और सर्दी लगती है वे एक गिलास काढ़ा बनाकर पी सकते हैं, वहीं स्वस्थ लोग आधा गिलास गिलोय का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं. ऐसे में चलिए बाबा रामदेव से ही जानते हैं किस तरह बनाएं गिलोय का काढ़ा.
गिलोय का काढ़ा कैसे बनाया जाता है
गिलोय का काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले गिलोय को अच्छे से कूटा जाता है. डेढ़ गिलास पानी में एक मुट्ठीभर के करीब गिलोय डालकर उबालें. जब पानी एक गिलास के करीब बचे तो इसे छानकर निकाल लें. इस मिश्रण को गिलास में निकालने के बाद इसमें शहद डाला जा सकता है या इसे बिना शहद के भी पिया जा सकता है. हालांकि, इसका स्वाद बेहद कड़वा होता है इस बात का ध्यान रखें.
बाबा रामदेव के अनुसार, गिलोय का काढ़ा शरीर को एक नहीं बल्कि कई फायदे देता है. गिलोय से डेंगू और चिकुनगुनिया के मरीजों के प्लेटलेट्स बढ़ते हैं.
यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी लाभकारी होता है.
मोटापा कम करने के लिए गिलोय का काढ़ा बनाकर पिया जा सकता है.
तनाव और चिंता को कम करने में गिलोय का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं.
गिलोय गठिया और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाता है.
पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में गिलोय के फायदे (Giloy Ke Fayde) नजर आते हैं. यह कब्ज और गैस की दिक्कत को दूर करता है.
बुखार में गिलोय के सेवन से बुखार कम होता है.
कब और कैसे पिएं गिलोय का काढ़ा
बाबा रामदेव की सलाह है कि रात के समय गिलोय को कूटकर पानी में भिगोकर रख दें. इस पानी को अगली सुबह पकाकर काढ़ा तैयार किया जा सकता है. पानी को उबालकर आधा होने तक पकाएं और फिर पिएं. खाली पेट गिलोय का काढ़ा पीना बेहद फायदेमंद होता है.
सबसे ज्यादा फायदेमंद सूखी गिलोय है या ताजा
गिलोय की ताजा डंडी का इस्तेमाल करना चाहिए या सूखी हुई डंडी लें, इसपर बाबा रामदेव की सलाह है कि गिलोय को ताजा इस्तेमाल करना ही सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है. ताजा गिलोय सेहत को ज्यादा फायदे देता है.
सर्दी के मौसम में गिलोय का काढ़ा पीने पर क्या होता है
बाबा रामदेव बताते हैं कि सर्दियों में सुबह-सुबह गिलोय का काढ़ा पिया जाए तो इससे मौसमी दिक्कतें जैसे सर्दी-जुकाम की दिक्कत दूर होती है. जिन लोगों को ज्यादा सर्दी लगती है उन्हें खासतौर से गिलोय का काढ़ा पीना चाहिए. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ ही शरीर को गर्म रखता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Giloy Ka Kadha: गिलोय सेहत को फायदा देने वाली एक बेहद ही लाभकारी आयुर्वेदिक औषधि है जिसे संस्कृत में अमृता कहा जाता है. योगगुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev) अक्सर ही गिलोय के फायदे गिनाते हैं. बाबा रामदेव के अनुसार, गिलोय के सेवन से शरीर निरोगी बनता है. बीमारियों को दूर रखने के लिए और बीमारी हो जाने पर उसे ठीक करने पर गिलोय का काढ़ा बनाकर पिया जाता है. बाबा रामदेव बताते हैं डेंगू जैसी बीमारी में गिलोय का काढ़ा खासतौर से फायदेमंद होता है. जिन्हें भयंकर आर्थराइटिस है, बार-बार सर्दी जुकाम होता है और सर्दी लगती है वे एक गिलास काढ़ा बनाकर पी सकते हैं, वहीं स्वस्थ लोग आधा गिलास गिलोय का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं. ऐसे में चलिए बाबा रामदेव से ही जानते हैं किस तरह बनाएं गिलोय का काढ़ा.
गिलोय का काढ़ा कैसे बनाया जाता है
गिलोय का काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले गिलोय को अच्छे से कूटा जाता है. डेढ़ गिलास पानी में एक मुट्ठीभर के करीब गिलोय डालकर उबालें. जब पानी एक गिलास के करीब बचे तो इसे छानकर निकाल लें. इस मिश्रण को गिलास में निकालने के बाद इसमें शहद डाला जा सकता है या इसे बिना शहद के भी पिया जा सकता है. हालांकि, इसका स्वाद बेहद कड़वा होता है इस बात का ध्यान रखें.
बाबा रामदेव के अनुसार, गिलोय का काढ़ा शरीर को एक नहीं बल्कि कई फायदे देता है. गिलोय से डेंगू और चिकुनगुनिया के मरीजों के प्लेटलेट्स बढ़ते हैं.
यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी लाभकारी होता है.
मोटापा कम करने के लिए गिलोय का काढ़ा बनाकर पिया जा सकता है.
तनाव और चिंता को कम करने में गिलोय का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं.
गिलोय गठिया और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाता है.
पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में गिलोय के फायदे (Giloy Ke Fayde) नजर आते हैं. यह कब्ज और गैस की दिक्कत को दूर करता है.
बुखार में गिलोय के सेवन से बुखार कम होता है.
कब और कैसे पिएं गिलोय का काढ़ा
बाबा रामदेव की सलाह है कि रात के समय गिलोय को कूटकर पानी में भिगोकर रख दें. इस पानी को अगली सुबह पकाकर काढ़ा तैयार किया जा सकता है. पानी को उबालकर आधा होने तक पकाएं और फिर पिएं. खाली पेट गिलोय का काढ़ा पीना बेहद फायदेमंद होता है.
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सबसे ज्यादा फायदेमंद सूखी गिलोय है या ताजा
गिलोय की ताजा डंडी का इस्तेमाल करना चाहिए या सूखी हुई डंडी लें, इसपर बाबा रामदेव की सलाह है कि गिलोय को ताजा इस्तेमाल करना ही सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है. ताजा गिलोय सेहत को ज्यादा फायदे देता है.
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सर्दी के मौसम में गिलोय का काढ़ा पीने पर क्या होता है
बाबा रामदेव बताते हैं कि सर्दियों में सुबह-सुबह गिलोय का काढ़ा पिया जाए तो इससे मौसमी दिक्कतें जैसे सर्दी-जुकाम की दिक्कत दूर होती है. जिन लोगों को ज्यादा सर्दी लगती है उन्हें खासतौर से गिलोय का काढ़ा पीना चाहिए. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ ही शरीर को गर्म रखता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.