गिलोय का काढ़ा कैसे बनाया जाता है? बाबा रामदेव ने बताया Giloy Kadha कब और कैसे पीना चाहिए

Giloy Benefits: गिलोय औषधीय गुणों से भरपूर होने के चलते सेहत को दुरुस्त रखता है. ऐसे में यहां जानिए बाबा रामदेव किस तरह गिलोय का काढ़ा बनाकर पीने की सलाह दे रहे हैं.

Giloy Ka kadha

गिलोय का काढ़ा बनाने की विधि क्या है, जानिए यहां.

Giloy Ka Kadha: गिलोय सेहत को फायदा देने वाली एक बेहद ही लाभकारी आयुर्वेदिक औषधि है जिसे संस्कृत में अमृता कहा जाता है. योगगुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev) अक्सर ही गिलोय के फायदे गिनाते हैं. बाबा रामदेव के अनुसार, गिलोय के सेवन से शरीर निरोगी बनता है. बीमारियों को दूर रखने के लिए और बीमारी हो जाने पर उसे ठीक करने पर गिलोय का काढ़ा बनाकर पिया जाता है. बाबा रामदेव बताते हैं डेंगू जैसी बीमारी में गिलोय का काढ़ा खासतौर से फायदेमंद होता है. जिन्हें भयंकर आर्थराइटिस है, बार-बार सर्दी जुकाम होता है और सर्दी लगती है वे एक गिलास काढ़ा बनाकर पी सकते हैं, वहीं स्वस्थ लोग आधा गिलास गिलोय का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं. ऐसे में चलिए बाबा रामदेव से ही जानते हैं किस तरह बनाएं गिलोय का काढ़ा.

विज्ञापन

गिलोय का काढ़ा कैसे बनाया जाता है

गिलोय का काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले गिलोय को अच्छे से कूटा जाता है. डेढ़ गिलास पानी में एक मुट्ठीभर के करीब गिलोय डालकर उबालें. जब पानी एक गिलास के करीब बचे तो इसे छानकर निकाल लें. इस मिश्रण को गिलास में निकालने के बाद इसमें शहद डाला जा सकता है या इसे बिना शहद के भी पिया जा सकता है. हालांकि, इसका स्वाद बेहद कड़वा होता है इस बात का ध्यान रखें.

विज्ञापन

गिलोय का काढ़ा पीने के क्या फायदे हैं

विज्ञापन
  • बाबा रामदेव के अनुसार, गिलोय का काढ़ा शरीर को एक नहीं बल्कि कई फायदे देता है. गिलोय से डेंगू और चिकुनगुनिया के मरीजों के प्लेटलेट्स बढ़ते हैं.
  • यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी लाभकारी होता है.
  • मोटापा कम करने के लिए गिलोय का काढ़ा बनाकर पिया जा सकता है.
  • तनाव और चिंता को कम करने में गिलोय का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं.
  • गिलोय गठिया और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाता है.
  • पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में गिलोय के फायदे (Giloy Ke Fayde) नजर आते हैं. यह कब्ज और गैस की दिक्कत को दूर करता है.
  • बुखार में गिलोय के सेवन से बुखार कम होता है.

कब और कैसे पिएं गिलोय का काढ़ा

बाबा रामदेव की सलाह है कि रात के समय गिलोय को कूटकर पानी में भिगोकर रख दें. इस पानी को अगली सुबह पकाकर काढ़ा तैयार किया जा सकता है. पानी को उबालकर आधा होने तक पकाएं और फिर पिएं. खाली पेट गिलोय का काढ़ा पीना बेहद फायदेमंद होता है.

विज्ञापन

सबसे ज्यादा फायदेमंद सूखी गिलोय है या ताजा

गिलोय की ताजा डंडी का इस्तेमाल करना चाहिए या सूखी हुई डंडी लें, इसपर बाबा रामदेव की सलाह है कि गिलोय को ताजा इस्तेमाल करना ही सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है. ताजा गिलोय सेहत को ज्यादा फायदे देता है.

विज्ञापन

सर्दी के मौसम में गिलोय का काढ़ा पीने पर क्या होता है

बाबा रामदेव बताते हैं कि सर्दियों में सुबह-सुबह गिलोय का काढ़ा पिया जाए तो इससे मौसमी दिक्कतें जैसे सर्दी-जुकाम की दिक्कत दूर होती है. जिन लोगों को ज्यादा सर्दी लगती है उन्हें खासतौर से गिलोय का काढ़ा पीना चाहिए. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ ही शरीर को गर्म रखता है.

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ