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Alaya F को हुई थी आंतों की दिक्कत SIBO, 3 महीनों तक कंडीशन का नहीं चला था पता, बताया कैसे दिखते थे लक्षण

Alaya F SIBO: अलाया एफ ने सोशल मीडिया पर अपनी आंतों की दिक्कत का जिक्र किया था. अलाया ने बताया था कि कैसे उन्हें आंतों की कंडीशन सीबो से दोचार होना पड़ा था.

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What Is SIBO: एक्ट्रेस अलाया एफ (Alaya F) सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव रहती हैं. कभी अलाया अपने स्किन केयर रूटीन का जिक्र करती हैं तो कभी चैलेंजिंग एक्सरसाइज करते हुए वीडिया शेयर किया करती हैं. अपने ऐसे ही एक वीडियो में अलाया ने आंतों की दिक्कत सीबो का जिक्र किया है, सीबो यानी स्मॉल इंटेस्टिनल बैक्टीरियल ओवरग्रोथ. अलाया ने बताया कि उन्हें 3 महीनों तक पता ही नहीं था कि यह मिस्ट्री रोग क्या है. अलाया का पेट जोकि हमेशा फ्लैट रहता था इस दिक्कत के कारण बाहर निकला हुआ और फूला हुआ नजर आने लगा था. अलाया ने वीडियो में बताया कि उन्हें सीबो होने पर कैसा महसूस होता था.

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3 महीनों तक अलाया नहीं पहचान सकीं SIBO

अलाया ने बताया, “3 महीनों तक मुझे एक मिस्ट्री बीमारी हुई थी जिसका हमें पता ही नहीं चल पा रहा था. बाद में पता चला कि यह SIBO का गंभीर मामला था.”

सीबो के लक्षण कैसे दिखते हैं

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सीबो के बारे में बताते हुए अलाया ने जिक्र किया कि “सीबो होने पर हर समय पेट फूला हुआ रहता है, शरीर में थकान रहती है, इंफ्लेमेशन हो जाती है, न्यूट्रिएंट्स मालएब्जॉर्प्शन होने लगता है, मसल रिकवरी धीमी हो जाती है, स्ट्रेंथ कम हो जाती है और ब्रेन फॉग होने लगता है.” अलाया ने कहा कि यह सबसे बुरी चीज है जो किसी के साथ हो सकती है. अलाया ने बताया कि उन्हें सीबो के कारण 50 दिनों से ज्यादा एंटीबायोटिक्स पर रहना पड़ा.

क्या है सीबो

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सीबो इंटेस्टिनल बैक्टीरियल ओवरग्रोथ है जिसमें छोटी आंत (Small Intestine) में एब्नॉर्मल बैक्टीरियल ग्रोथ होने लगती है. यह वो बैक्टीरिया होता है जो आमतौर पर आंतों के इस हिस्से में नहीं होता है. इस कंडीशन को कई बार ब्लाइंड लूप सिंड्रोम भी कहते हैं. सीबो आमतौर पर तब होता है जब सर्जरी या किसी बीमारी के कारण डाइजेस्टिव ट्रैक्ट में फूड और वेस्ट प्रोडक्ट्स का रास्ता धीमा हो जाता है और बैक्टीरिया पनपने लगते हैं. बैक्टीरिया बहुत ज्यादा बढ़ जाने पर कई बार डायरिया हो जाता है और व्यक्ति का वेट लॉस भी हो सकता है.

स्मॉल इंटेस्टिनल बैक्टीरियल ओवरग्रोथ की चपेट में आने पर व्यक्ति की भूख में कमी आ सकती है, पेट में दर्द महसूस होता है, जी मितलाने लगता है, पेट फूल जाता है, ऐसा महसूस होता है कि थोड़ा सा खाकर ही पेट भर गया है, दस्त लग जाते हैं, बिना किसी वजह वजन कम होने लगता है और व्यक्ति कुपोषण का शिकार हो सकता है. अगर शरीर पर ऐसे लक्षण नजर आते हैं तो व्यक्ति को डॉक्टर से जांच कराने में देर नहीं करनी चाहिए.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.  

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First published on: Aug 18, 2026 03:32 PM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा को अपनी परफॉर्मेंस और सबसे ज्यादा नंबर जनरेटिंग स्टोरी के लिए वेल डन कार्ड्स मिल चुके हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. अपनी फिक्शन स्टोरी के लिए सीमा को 2 बार बेस्ट स्टोरी इन फिक्शन का अवॉर्ड मिला है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. इसी चलते सीमा को NDTV से रिवॉर्ड एंड रेकेग्निशन (एम्पलॉई ऑफ द मंथ) मिला है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. अपने कॉलेज के दिनों में सीमा कई सोसाइटीज से जुड़ी रही हैं और लिटररी सोसाइटी में प्रेसिडेंट की भूमिका निभा चुकी हैं. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. सीमा वर्क और पर्सनल लाइफ बैलेंस पर विश्वास करती हैं. जब वे काम नहीं कर रही होती हैं तो किताबें पढ़ना पसंद करती हैं या गाने सुन रही होती हैं. अपने बुकशेल्फ को फ्लॉन्ट करना और अपनी प्लेलिस्ट के लिए तारीफ सुनना सीमा को अच्छा लगता है. सीमा ट्रेवलिंग, फैमिली मूवी टाइम, अच्छी किताबें पढ़ना, कथक करना (जोकि वे सीख रही हैं) और अपने दोस्तों से घंटों लंबी बातें करना टॉप टियर एक्सपीरियंस मानती हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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