क्या मल में खून आना पेट के कैंसर का लक्षण है? जानिए स्टूल ब्लीडिंग Cancer का संकेत है या नहीं

Blood In Stool Causes: मल में खून आना एक ऐसी दिक्कत है जिससे कई लोग दोचार होते हैं. ऐसे में व्यक्ति के लिए समझना मुश्किल हो जाता है कि यह क्यों हो रहा है. यहां जानिए किन दिक्कतों में मल में खून दिख सकता है.

Stool problems

मल में खून क्यों आता है? Image Credits - AI

Blood In Stool: कैंसर बॉडी सेल्स की अनकंट्रोल्ड और अनकोर्डिनेटेड ग्रोथ होती है जो अपने आस-पास के नॉर्मल टिशूज को नष्ट करने लगती है और आस-पास के अंगों तक फैल सकती है. इसीलिए इसकी समय रहते पहचान करना और कैंसर की सेल्स को रोकना जरूरी होता है. कैंसर होने पर शरीर अलग-अलग तरह से संकेत देने लगता है. कैंसर में बहुत सी दिक्कतें लंबे समय तक बनी रहती हैं और जाती नहीं हैं. मल में खून नजर आना (Mal Me Khoon) भी ऐसी ही एक दिक्कत है जिसे अक्सर कैंसर से जोड़कर देखा जाता है. लेकिन, क्या मल से खून आना कैंसर (Cancer) ही है? आइए जानते हैं क्या कहता है भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद का डाटा.

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मल से खून आना कैंसर का लक्षण है या नहीं

ICMR के अनुसार, मल में खून आने का मतलब है डाइजेस्टिव ट्रैक में कहीं भी ब्लीडिंग हो रही है. अगर टॉयलेट जाने के बाद मलत्याग करते हुए थोड़ा-थोड़ा खून नजर आता है तो यह पाइल्स, हेमोरॉइड्स या एनल फिशर्स के कारण हो सकता है. हेमोरॉइड्स सूजन होती है जो एनस और लोअर रेकटम में कहीं भी हो सकती है. हालांकि, ब्लीडिंग कैंसरस या प्रीकैंसरस भी हो सकती है. यह आंतों और मलद्वार के कैंसर का लक्षण भी हो सकता है. ऐसे में स्पेशलिस्ट से जांच कराना जरूरी है.

किन दिक्कतों में मल में खून दिखता है

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बवासीर की दिक्कत में मल में खून नजर आ सकता है. इसके अलावा, इंटेस्टिनल बाउल सिंड्रोम या इंटेस्टिनल बाउल डिजीज में ऐसा हो सकता है. आंतों के कैंसर (Colon Cancer), पेट के कैंसर, मलद्वार के कैंसर या मलाशय के कैंसर में मल में खून दिख सकता है. ऐसे में अगर मल में खून नजर आता है तो डॉक्टर से जांच कराने में देरी नहीं करनी चाहिए.

इन लक्षणों पर रखें नजर

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ऐसे कुछ लक्षण हैं जो मल में खून के साथ ही नजर आ रहे हैं तो इन्हें इग्नोर नहीं करना चाहिए –

  • बाउल प्रॉब्लम्स होते रहना, लंबे समय तक कब्ज या फिर दस्त की दिक्कत रहना
  • मल पेंसिल की तरह पतला आना
  • शरीर में हर समय थकान रहना, कमजोरी महसूस होना और चक्कर आना
  • पेट में दर्द रहना, भूख में कमी आना और भारीपन महसूस होना
  • लगातार और बिना कोशिश के वजन कम होना.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.


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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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