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रेलवे का पानी पीने से लग सकते हैं दस्त, CAG की रिपोर्ट में E. coli का जिक्र, जानिए क्या है ई-कोलाई

E. coli In Water: भारतीय रेलवे के पानी में मौजूद ई-कोलाई गंभीर चिंता का विषय है. यहां जानिए ई-कोलाई क्या है, इसका संक्रमण कैसे अपनी चपेट में लेता है और इसके लक्षण शरीर पर कैसे नजर आते हैं.

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What Is E. coli: रेलवे के पीने के पानी को ना सिर्फ दूषित कहा गया है बल्कि इस पानी में E.coli पाया गया है. नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) ने देश के 512 रेलवे स्टेशनों का ऑडिट किया है जिसमें पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है. कई स्टेशनों पर पानी की नियमित जांच के बाद CAG ने रिपोर्ट जारी की है जिसमें कई जगहों पर पानी में क्लोरीन का स्तर निर्धारित मानकों से कम या ज्यादा पाया गया है, वहीं कई स्टेशनों पर पानी में ई-कोलाई और टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए हैं. पानी में ई-कोलाई होने का क्या मतलब है, ई-कोलाई क्या है और यह किस तरह अपने चपेट में लेता है, जानिए यहां.

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क्या होता है ई-कोलाई

एस्चेरिया कोलाई या ई-कोलाई एक प्रकार का बैक्टीरिया है जो आमतौर पर जानवरों और इंसानों की आंतों में पाया जाता है और हानिकारक नहीं होता है. लेकिन, ऐसे कुछ ई-कोलाई के प्रकार हैं जो बीमारी का कारण बन सकता है. इनमें ई-कोलाई की ऐसी कुछ स्ट्रेन्स हैं जो टॉक्सिंस प्रोड्यूस करती हैं और दस्त, पेट में दर्द, मल में खून और किडनी की बीमारियों का कारण बन सकती हैं. WHO ने ई-कोलाई को 2017 में सुपरबग की कैटेगरी में रखा था.

पानी में ई-कोलाई होना कैसे खतरनाक है

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CAG की रिपोर्ट में दक्षिण रेलवे के कोयंबटूर और पलक्कड जंक्शन, दक्षिण मध्य रेलवे के हैदराबाद स्टेशन, मध्य रेलवे के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, भिवंडी रोड, कल्याण और लोनावला और पूर्व रेलवे के मधुपुर स्टेशन के वाटर कूलरों से लिए गए सैंपल्स में ई-कोलाई पाया गया है. पानी में ई-कोलाई ( E. coli in water) होना एक वॉर्निंग साइन हो सकता है. ई-कोलाई आंतों में होता है, ऐसे में पानी में ई-कोलाई होने का मतलब है कि पानी मनुष्य या जानवरों के मल के संपर्क में आया है. मल में बीमारी वाले बैक्टीरिया, वायरस और पैरेसाइट्स हो सकते हैं जिससे टायफाइड, कॉलेरा और एमोबियासिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं.

जब ई-कोलाई से संक्रमित पानी को पिया जाता है तो इसमें मौजूद बीमारी वाले माइक्रोऑर्गेनिज्म गैस्ट्रोइंटेस्टिनल ट्रैक्ट में जा सकते हैं. ये व्यक्ति को फूड पॉइजनिंग या दस्त जैसी दिक्कतों का शिकार बना सकते हैं.

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ई कोलाई से संक्रमित होने पर कैसे लक्षण दिखते हैं

गंदा पानी पीने के बाद शरीर में अगर ये दिक्कतें दिखना ई-कोलाई के संपर्क में आने का लक्षण हो सकता है –

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  • पेट में तेज ऐंठन महसूस हो सकती है
  • पानी जैसे दस्त आते हैं
  • मल में खून दिख सकता है
  • शरीर में थकान और कमजोरी रहती है
  • हल्का बुखार आ सकता है
  • बहुत ज्यादा पेशाब आ सकता है या बिल्कुल पेशाब नहीं आता है
  • त्वचा का रंग पीला होने लगता है
  • बार-बार चक्कर आ सकते हैं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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First published on: Aug 18, 2026 10:08 AM

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About the Author

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती है. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं. अनुभव - 7 साल शिक्षा - जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा पिछला अनुभव - NDTV, दिल्ली प्रेस, डायमंड पब्लिशिंग हाउस

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