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सर्वाइकल कैंसर को पूरी तरह खत्म कर सकती है यह वैक्सीन! ऑस्ट्रेलिया ने चलाई मुहीम, जानिए क्या कहती है रिसर्च

Cervical Cancer: ऑस्ट्रेलिया दशकों से सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने की पहल चला रहा है जिसके तहत स्कूली छात्राओं को वैक्सीन लगाकर सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना को कम करने की कोशिश की जा रही है. ऐसे में जानिए कौन सी है यह वैक्सीन और क्या ऑस्ट्रेलिया सफलता की ओर बढ़ रहा है.

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Written By: Seema Thakur Updated: May 2, 2026 12:58
cervical cancer
क्या किसी कैंसर को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है?

Cervical Cancer Treatment: सर्वाइकल कैंसर महिलाओं को होने वाला कैंसर है जो सर्विक्स की सेल्स में डेवलप होता है. सर्विक्स गर्भाशय और योनी को जोड़ने वाली ट्यूब होती है. ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के संक्रमण में आने से और बार-बार HPV से संक्रमित होने से सर्वाइकल कैंसर हो सकता है. 99% मामलों में सर्वाइकल कैंसर की वजह बार-बार होने वाला HVP वायरस ही है. इसके अलावा, धूम्रपान करना और कमजोर रोग प्रतिशोधक क्षमता होना भी इस कैंसर की वजह बन सकता है. सर्वाइकल कैंसर दुनियाभर की महिलाओं को चौथा सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर है. सर्वाइकल कैंसर को जड़ से खत्म करने की पहल में ऑस्ट्रेलिया अहम कदम उठाता दिख रहा है. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया पहले ऐसा देश बनने जा रहा है जो इस कैंसर को पूरी तरह खत्म कर सकता है.

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स्कूली बच्चों को दी जा रही है यह वैक्सीन

सर्वाइकल कैंसर को पूरी तरह खत्म करने की पहल में ऑस्ट्रेलिया के स्कूलों में 12 -13 साल की लड़कियों को नैशनल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के तहत ह्यूमन पैपिलोमावायरस यानी HPV वैक्सीन भी दी जा रही है. HPV से संक्रमित होने पर कुछ खास लक्षण नजर नहीं आते हैं और यह बिना ट्रीटमेंट भी ठीक हो जाता है, लेकिन हाई रिस्क स्ट्रेन में इस संक्रमण के कारण सर्वाइकल कैंसर पनप सकता है. ऐसे में इस वैक्सीन को लगाने से सर्वाइकल कैंसर का रिस्क कम हो सकता है या सर्वाइकल कैंसर से बचा जा सकता है.

दो दशकों से हो रही है रिसर्च

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साल 2006 में यूनिवर्सिटी ऑफ क्वीनसलैंड की लैब में एक ब्रेकथ्रू मिला. दशकों की रिसर्च के बाद ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने गार्डासिल वैक्सीन डेवलप की जिससे HPV से बचा जा सकता है. साल 2013 में लड़कों को भी वैक्सिनेशन प्रोग्राम के तहत टीके लगाए गए क्योंकि लड़के इस वायरस के कैरियर्स साबित हो सकते हैं. साल 2017 में ऑस्ट्रेलिया पैप स्मेयर टेस्ट से ज्यादा सेंसिटिव HPV बेस्ड सर्वाइकल स्क्रीनिंग की तरफ बड़ा जोकि पांच साल में सिर्फ एक बार करवाना होता है. ऑस्ट्रेलिया ने महिलाओं को खुद का सैंपल लेने की आजादी दी जिसे सरकार ने गेम चेंजर कहा. जो महिलाएं पेल्विक टेस्ट से घबराती थीं उनके लिए भी अब टेस्ट करवाना सुविधाजनक हो गया.

दिखने लगे परिणाम

ऑस्ट्रेलिया की वैक्सीनेशन पहल के चलते सर्वाइकल कैंसर के मामलों में गिरावट देखने को मिली. 2021 के डाटा के अनुसार, 25 साल की उम्र से कम की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के मामले देखने को नहीं मिले. हालांकि, हर उम्र की महिलाएं अबतक सर्वाइकल कैंसर से नहीं बच सकी हैं लेकिन पहल सफलता की ओर बढ़ती हुई दिख रही है.

क्या भारत अपना सकता है यह तरीका

एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया की पहल को निम्न और मध्यम आय वाले देश अपनाने से झिझक सकते हैं या उन्हें मुश्किल आ सकती है क्योंकि इन वैक्सीन की लागत कम नहीं है. लेकिन, सर्वाइकल कैंसर को खत्म ना करना सिर्फ स्वास्थ्य के नजरिए से नहीं बल्कि आगे चलकर आर्थिक रूप से भी सभी के लिए फायदेमंद होगा. ऑस्ट्रेलिया पब्लिक मनी और समाज सेवकों की मदद से अपने पड़ोसी देशों की मदद कर रही है कि वे भी देशवासियों को यह वैक्सीन उपलब्ध करवा सकें और HPV से निपटकर सर्वाइकल कैंसर को पूरी तरह खत्म कर सकें.

भारत में सर्वाइकल कैंसर से महिलाओं को बचाने के लिए स्वदेशी एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया है जिसमें 9 से 14 वर्ष की बच्चियों को शामिल किया है. साथ ही, कोशिशें की जा रही हैं कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूक किया जा सके.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

First published on: May 02, 2026 12:58 PM

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