क्या बिना ऑपरेशन के बवासीर ठीक हो सकता है? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने कहा करेंगे ये 4 काम तो नहीं आएगी सर्जरी की नौबत

Piles Treatment Without Surgery: बवासीर एक ऐसी दिक्कत है जिसमें शुरुआत में ही अगर जीवनशैली और खानपान में बदलाव कर दिए जाएं तो इसे बढ़ने से रोका जा सकता है और सर्जरी से बच सकते हैं. इस बारे में आयुर्वेदिक डॉक्टर का क्या कहना है आप भी जान लीजिए.

piles treatement

क्या बिना सर्जरी के बवासीर पूरी तरह ठीक हो सकता है, जानिए यहां. Image Credits - Pexels

Bawasir Ka Ilaj: बवासीर में सर्जरी की नौबत तब आती है जब यह जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है और मस्सों के कारण मलत्याग करना दर्दनाक होने लगता है. लेकिन, बवासीर (Piles) की शुरुआत में ही अगर जीवनशैली और खानपान में बदलाव कर दिए जाएं तो सर्जरी से बचा जा सकता है. ट्रीटमेंट के साथ-साथ ही कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखा जा सकता है. इसी बारे में बताते हुए आयुर्वेदिक डॉक्टर साहिल चौहान ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने बताया है कि बवासीर को किस तरह बिना सर्जरी या ऑपरेशन के ठीक किया जा सकता है. आप चाहे तो डॉक्टर के बताए टिप्स फॉलो कर सकते हैं.

विज्ञापन

बिना सर्जरी कैसे ठीक होगा बवासीर

आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताया ये 4 काम करने पर बवासीर में सर्जरी (Surgery In Piles) की जरूरत नहीं पड़ती है और बवासीर ठीक होने लगता है –

विज्ञापन

पानी पीते रहें – शरीर में पानी की कमी के चलते बवासीर हो सकता है. इसीलिए कोशिश करें कि कम से कम दिन में 4 लीटर पानी पिएं जिससे बवासीर कम होने में मदद मिल सके. डॉक्टर की सलाह है कि चाहे आपको प्यास लगे या ना लगे पानी पीते रहना जरूरी है.

फाइबर खाना – बवासीर होने के कारणों में खानपान में फाइबर की कमी होना भी शामिल है. ऐसे में अपनी डाइट में फाइबर को बढ़ाना जरूरी है. दलिया, फल, सलाद और भुने हुए चने को भी खानपान का हिस्सा बनाएं.

विज्ञापन

तनाव कम करना – तनाव के कारण बवासीर बढ़ता है. ऐसे में अपने तनाव को कम करने की कोशिश करें. ओवरथिंकिंग कम करने के साथ ही 8 घंटे की पूरी नींद लेना शुरू करें.

प्रोबायोटिक्स लेना – खानपान में प्रोबायोटिक्स की कमी से भी बवासीर हो जाता है. ऐसे में प्रोबायटिक्स लेते रहें. दही और छाछ को लंच या फिर डिनर में जरूर शामिल करें. इसके अलावा, चाय या कॉफी वगैरह से परहेज करें.

विज्ञापन

आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह है कि बवासीर की शुरुआत में इन बातों का ध्यान रखने पर बवासीर ठीक होने लगता है. आप अपने ट्रीटमेंट के साथ-साथ इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं. अगर बवासीर की दिक्कत कुछ दिनों में कम नहीं होती है तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है जिससे बवासीर को जड़ से खत्म किया जा सके.

बवासीर के शुरुआती लक्षण कैसे दिखते हैं

विज्ञापन

खून आना – मलत्याग करते हुए मल में लाल रंग यानी खून (Blood In Stool) नजर आने लगता है. यह बवासीर का सबसे बड़ा लक्षण माना जाता है.

जलन और दर्द होता है – बवासीर होने पर मलत्याग करते हुए व्यक्ति को दर्द और जलन होने लगती है.

विज्ञापन

छूने पर महसूस होता है दर्द – बवासीर होने पर यदि व्यक्ति अपने रेक्टम या मलद्वार को छूता है तो उसे स्किन नाजुक महसूस होती है और स्किन छूने पर ही दर्द होने लगता है.

निकलता है म्यूकस – मलत्याग करने के दौरान म्यूकस निकलता हुआ दिख सकता है. कई बार मल के साथ ही मांस के छोटे टुकड़े भी निकल सकते हैं. ऐसा हेमोरॉइड्स में होता है.

विज्ञापन

लगता है पेट साफ नहीं हुआ है – मलत्याग करने के बाद भी व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है जैसे उसकी आंतें या पेट अच्छे से साफ नहीं हुई हैं और मल अभी भी शरीर में अटका हुआ है.

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ