Sleeping On Wrong Pillow: गलत तकिये पर सोने से ना सिर्फ सिर या गर्दन में दर्द होता है बल्कि इससे स्वास्थ संबंधी दिक्कतों की संभावना भी बढ़ जाती है. सर्वाइकल से लेकर हाई ब्लड प्रेशर तक की दिक्कत की वजह बन सकता है गलत तकिये पर सोना. इसी बारे में बता ही हैं जनरल फिजीशियन डॉक्टर शालिनी सिंह सालुंके. डॉक्टर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो शेयर करके बताया है कि गलत तकिये पर सोने से कौन सी दिक्कतें हो सकती हैं और सही तकिया किस तरह चुना जा सकता है.
यह भी पढ़ें - रोज नींद नहीं हो रही पूरी तो दिमाग पर हो सकता है ऐसा असर, जानिए नींद की कमी से क्या होता है
गलत तकिये पर सोने से क्या होता है
डॉ. शालिनी सिंह सालुंके बताती हैं कि गलत तकिये पर सोने से सर्वाइकल नर्व अनअलाइमेंट हो जाएगा जिससे मसल पर दबाव पड़ेगा, नर्व दबेगी और ब्लड सर्कुलेशन गर्दन की तरफ होने लगेगा जिससे आपको गहरी नींद नहीं आ पाएगी. गहरी नींद मे ही शरीर अपनेआप को रिपेयर करता है. गहरी नींद ना ली जाए तो शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस और इंफ्लेमेशन होती है. इससे डायबिटीज, हाई कॉलेस्ट्रोल (High Cholesterol) और बीपी सब बढ़ जाता है.
नींद की कमी को लेकर डॉक्टर का कहना है कि 70% मामलों में खराब नींद की वजह गलत तकिया और बेड होता है.
कैसे चुनें सही तकिया
- तकिए की ऊंचाई इतनी होनी चाहिए कि गर्दन और रीढ़ की हड्डी का अलाइनमेंट बिल्कुल सीधा रहे.
- फोम वाले तकिए को चुनें जो ना सख्त हो और ना ज्यादा मुलायम.
- सूती के तकिये पर सूती का ही कवर चढ़ाएं जिससे कि सांस लेने में आसानी हो और कंफर्ट भी मिले.
- तकिए का साइज भी सही होना चाहिए. अपनी स्लीपिंग पॉजीशन के हिसाब से तकिए का साइज चुनें. अगर आप सीधा सो रहे हैं तो पतला तकिया लें और साइड में सो रहे हैं तो मोटा.
कितने समय में बदलना चाहिए तकिया
डॉ. शालिनी सिंह सालुंके की सलाह है कि अपने तकिए को हर 2 से 3 साल में दोबारा भरें या फिर बदल लें. लंबे समय तक एक ही तकिये को इस्तेमाल करने से तकिये की शेप बदलने लगती है, असर कम होने लगता है और यह बैक्टीरिया का घर भी बन सकता है.
यह भी पढ़ें – गंदे यूरिक एसिड को शरीर से निचोड़कर बाहर कर देगी यह चटनी, इस तरह घर पर करें तैयार
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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गलत तकिये पर सोने से क्या होता है
डॉ. शालिनी सिंह सालुंके बताती हैं कि गलत तकिये पर सोने से सर्वाइकल नर्व अनअलाइमेंट हो जाएगा जिससे मसल पर दबाव पड़ेगा, नर्व दबेगी और ब्लड सर्कुलेशन गर्दन की तरफ होने लगेगा जिससे आपको गहरी नींद नहीं आ पाएगी. गहरी नींद मे ही शरीर अपनेआप को रिपेयर करता है. गहरी नींद ना ली जाए तो शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस और इंफ्लेमेशन होती है. इससे डायबिटीज, हाई कॉलेस्ट्रोल (High Cholesterol) और बीपी सब बढ़ जाता है.
नींद की कमी को लेकर डॉक्टर का कहना है कि 70% मामलों में खराब नींद की वजह गलत तकिया और बेड होता है.
कैसे चुनें सही तकिया
- तकिए की ऊंचाई इतनी होनी चाहिए कि गर्दन और रीढ़ की हड्डी का अलाइनमेंट बिल्कुल सीधा रहे.
- फोम वाले तकिए को चुनें जो ना सख्त हो और ना ज्यादा मुलायम.
- सूती के तकिये पर सूती का ही कवर चढ़ाएं जिससे कि सांस लेने में आसानी हो और कंफर्ट भी मिले.
- तकिए का साइज भी सही होना चाहिए. अपनी स्लीपिंग पॉजीशन के हिसाब से तकिए का साइज चुनें. अगर आप सीधा सो रहे हैं तो पतला तकिया लें और साइड में सो रहे हैं तो मोटा.
कितने समय में बदलना चाहिए तकिया
डॉ. शालिनी सिंह सालुंके की सलाह है कि अपने तकिए को हर 2 से 3 साल में दोबारा भरें या फिर बदल लें. लंबे समय तक एक ही तकिये को इस्तेमाल करने से तकिये की शेप बदलने लगती है, असर कम होने लगता है और यह बैक्टीरिया का घर भी बन सकता है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.