Watch: क्या आने वाला है प्रलय? युद्ध के बीच इजरायल के आसमान में दिखा हजारों कौवों का झुंड, लोगों में डर का माहौल!

वीडियो में तेल अवीव की ऊंची-ऊंची इमारतों के ऊपर हजारों की संख्या में कौवों का झुंड उड़ता हुआ दूसरी दिशा में जाता दिखाई दे रहा है. इसी तरह कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ये वीडियो सर्कुलेट किया जा रहा है.

Tel Aviv crows viral video

ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध को एक महीना पूरा होने जा रहा है, ऐसे में सीजफायर की कई कोशिशों के बाद भी जंग खत्म होने का आसार नजर नहीं आ रहा है. इस बीच सोशल मीडिया पर इजरायल के तेल अवीव से सामने आए वीडियो और तस्वीरों ने इलाके में रहने वाले लोगों को डरा दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में तेल अवीव के आसमान में हजारों कौवों का झुंड उड़ता नजर आ रहा है. वायरल वीडियो को देख कई लोगों ने इस घटना को आने वाली किसी प्रलय का संकेत माना तो कई यूजर्स इसकी वजह ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध को बता रहे हैं.

विज्ञापन

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुआ वीडियो


वीडियो में तेल अवीव की ऊंची-ऊंची इमारतों के ऊपर हजारों की संख्या में कौवों का झुंड उड़ता हुआ दूसरी दिशा में जाता दिखाई दे रहा है. एक्स पर वीडियो शेयर करने वाले यूजर एसियन विक्टर ने कैप्शन में लिखा, ‘एक वायरल वीडियो में तेल अवीव के आसमान में भारी संख्या में कौवे उड़ते और मंडराते हुए दिखाई दे रहे हैं.’ इसी तरह कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ये वीडियो सर्कुलेट किया जा रहा है. कई वीडियो में तो सड़कों और गाड़ियों पर सैंकड़ों-हजारों की संख्या में कौवे नजर आ रहे हैं.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: FBI प्रमुख काश पटेल का निजी ईमेल हैक, ईरान से जुड़े हैकरों के ग्रुप ने किया दावा

क्या इजरायल पर मंडरा रहा कोई बड़ा संकट?


कई सोशल मीडिया पोस्ट में इस घटना को धार्मिक और भविष्यवाणी से जोड़ा गया. कुछ यूजर्स ने बाइबिल का हवाला देकर कहा कि युद्ध के बाद नाश और तबाही के बाद चील, कौवा जैसे शव खाने वाले पक्षियों का ऊपर मंडराना कोई आम घटना नहीं है. वीडियो को लेकर यह चर्चा भी तेज हो गई कि कहीं ये इजरायल के लिए आने वाली ‘बड़ी आपदा’ या ‘कयामत’ का इशारा तो नहीं. हालांकि वीडियो को लेकर किए जा रहे दावों की News24 पुष्टि नहीं करता है. कौवों के इस बर्ताव की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है.

विज्ञापन

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?


वैज्ञानिक और पर्यावरण विशेषज्ञों का नजरिया इंटरनेट यूजर्स के दावों से बिल्कुल अलग है. वे बताते हैं कि कौवे और अन्य बड़े पक्षी अक्सर निश्चित समय पर, खास तापमान या खान‑पान की उपलब्धता के कारण समूह में उड़ते हैं और अपना स्थान परिवर्तन करते हैं. ऐसे झुंड कई बार मौसम में बदलाव, शहरी वातावरण में फूड सोर्स की कमी या रात बिताने के स्थान के आसपास इकट्ठा होते हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह का पक्षी व्यवहार प्राकृतिक और सामान्य है और इसे किसी अलौकिक या राजनीतिक संकेत के तौर पर देखना वैज्ञानिक रूप से गलत होगा.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ