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हेल्थ

डायबिटीज में नसों को डैमेज करती हैं आपकी ये 5 गलतियां, डॉक्टर ने बताया शुगर में क्या नहीं करना चाहिए

Diabetes Management: डायबिटीज में व्यक्ति को अपने ब्लड शुगर लेवल्स को मैनेज करने पर ध्यान देने की जरूरत होती है. लेकिन, मरीज अक्सर जाने-अनजाने ऐसी गलतियां कर देते हैं जिनसे नसें खराब होने लगती हैं. डॉ. सुमित कपाड़िया से जानिए डायबिटीज के मरीजों को कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए.

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Written By: Seema Thakur Updated: Jan 16, 2026 11:01
Diabetes Nerve Damage
डायबिटिक न्यूरोपैथी का इलाज क्या है?

Diabetes Nerve Damage: डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो शरीर को कई तरह से प्रभावित करती है. इसमें शरीर का ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है और नसें डैमेज होने लगती हैं. डायबिटीज को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता है लेकिन मरीज हाई ब्लड शुगर (High Blood Sugar) को मैनेज करना सीख जाता है. लेकिन, अक्सर ही जाने-अनजाने डायबिटीज के मरीज ऐसी कुछ गलतियां कर देते हैं जिनसे नर्व डैमेज तेजी से होता है. इंस्टाग्राम पर वैस्कुलर सर्जन और वेरिकोज वीन स्पेशलिस्ट डॉ. सुमित कपाड़िया ने पोस्ट शेयर करके बताया है कि वो कौन सी गलतियां हैं जो डायबिटीज के मरीजों को नहीं करनी चाहिए. आप भी जानिए डॉक्टर का क्या कहना है.

डायबिटीज में किन गलतियों से नर्व डैमेज होता है

डॉ. सुमित कपाड़िया का कहना है कि डायबिटीज रातभर में आपकी नसों को डैमेज नहीं करती है बल्कि ये आपके आदतें हैं जो धीरे-धीरे नर्व्स डैमेज होने की वजह बनती हैं. यहां ऐसी ही कुछ गलतियों का जिक्र किया जा रहा है जिनके कारण लोगों को आगे चलकर नर्व डैमेज, ब्लॉकेज और अल्सर जैसी दिक्कतें हो जाती हैं –

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सिर्फ शुगर नंबर देखना – गुड फास्टिंग शुगर या HbA1c का मतलब हमेशा यह नहीं होता है कि आपकी धमनियां सुरक्षित हैं. इंसुलिन रेजिस्टेंस, इंफ्लेमेशन और लिपिड डैमेज धीरे-धीरे होता चला जाता है.

ब्लड प्रेशर और कॉलेस्ट्रोल को इग्नोर करना – डायबिटीज + हाई ब्लड प्रेशर + कॉलेस्ट्रोल धमनियों के लिए खतरनाक कॉम्बिनेशन है. ऐसे में सिर्फ शुगर को कंट्रोल करना काफी नहीं है.

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कम चलना – पैरों में दिक्कत होने के कारण बहुत से मरीज कम चलते हैं. थकान और पैर का दर्द होता है तो लगता है चलने में दिक्कत हो इससे बेहतर चले हीं ना. लेकिन, ना चलने से या कहें इनएक्टिविटी से ब्लड सर्कुलेशन खराब होता है और धमनियों को ज्यादा डैमेज होने लगता है.

पैरों पर ध्यान ना देना – डायबिटीज के मरीजों के एक बड़ी गलती यह भी है कि जबतक पैरों पर घाव ना बनने लगे या अल्सर ना निकल आए तब तक वे पैरों का ख्याल नहीं रखते हैं और जब पैरों पर ध्यान जाता है तबतक स्थिति कई हद तक बिगड़ जाती है. पैर सुन्न होना और पांव की त्वचा का रंग बदलना इस दिक्कत के शुरुआती लक्षणों (Nerve Damage Symptoms) में शामिल है.

लक्षण पर ध्यान देना, लाइफस्टाइल ना सुधारना – डायबिटीज के मरीज अक्सर ही शरीर पर दिखने वाले लक्षणों को ठीक करने लगते हैं लेकिन अपने लाइफस्टाइल को नहीं बदलते. कम नींद लेना, खराब डाइट और घंटों तक बैठे रहने की आदत को बदलना ज्यादा जरूरी है.

डायबिटीज का मतलब सिर्फ शरीर के शुगर लेवल्स बढ़ना ही नहीं है बल्कि यह शरीर को अलग-अलग तरह से प्रभावित करने वाली कंडीशन है. यह आपके दिल, दिमाग, पैरों और किडनी को भी प्रभावित करती है. ऐसे में वैस्कुलर डैमेज को स्लो करने के लिए और इससे बचने के लिए समय रहते दिक्कतों को पहचानना और छुटकारा पाना जरूरी होता है. ऐसे में एक बार स्क्रीनिंग करवाने से काम नहीं बनता है. अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो आपको रेग्यूलर वैस्कुलर स्क्रीनिंग करवाना जरूरी है. दर्द शुरू होने से पहले से ही धमनियां ब्लॉक होने लगती हैं जिनका कुछ सिंपल टेस्ट से पता चल जाता है. ऐसे में दिक्कत बढ़े उसे पहले ही रेग्यूलर स्क्रीनिंग करवानी चाहिए.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

First published on: Jan 16, 2026 11:00 AM

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