Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

एंटरटेनमेंट

Satish Kaushik Death: गिर गया सतीश कौशिक की जिंदगी के थियेटर का पर्दा, हमेशा के लिए चला गया ‘कैलेंडर’

अश्विनी कुमार: उन्हें पप्पू पेजर कहिए, कैलेंडर कहिए, सतीश कौशिक ने सिनेमा को जिया और जब तक रहें, फिल्मों को, एक्टिंग को सेलिब्रेट करते रहें। होली के बाद की सुबह को अचानक जब, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के दिनों से उनके दोस्त रहे एक्टर अनुपम खेर ने ट्वीट करके बताया कि सतीश कौशिक नहीं रहें, […]

Author
Edited By : Nancy Tomar Updated: Mar 10, 2023 11:02
Satish Kaushik Death
Satish Kaushik Death

अश्विनी कुमार: उन्हें पप्पू पेजर कहिए, कैलेंडर कहिए, सतीश कौशिक ने सिनेमा को जिया और जब तक रहें, फिल्मों को, एक्टिंग को सेलिब्रेट करते रहें।

होली के बाद की सुबह को अचानक जब, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के दिनों से उनके दोस्त रहे एक्टर अनुपम खेर ने ट्वीट करके बताया कि सतीश कौशिक नहीं रहें, तो जैसे सिनेमा के चाहने वाले हर शख़्स को एक सदमा सा लग गया।

---विज्ञापन---

गिर गया सतीश कौशिक की जिंदगी के थियेटर का पर्दा

होली के ऐन बाद दिल्ली आए, सतीश कौशिक कार में थे, जब उन्हे हॉर्ट अटैक आया। गुरुग्राम के फोर्टिस अस्तपाल में उन्हें ले जाया गया… मगर तब तक देर हो चुकी थी। हिंदी सिनेमा को 42 साल से अपनी मौजूदगी से रौशन करते रहे, थियेटर को अपनी पहली दिलरूबा मानने वाले 66 साल के सतीश कौशिक ने ज़िंदगी के थियेटर का पर्दा गिरा दिया।

‘यंग जेनरेशन की यही बात मुझे पसंद है’- फिल्म छतरीवाली

बस दो ही दिन पहले सतीश कौशिक ने अपनी हंसती-मुस्कुराती होली पार्टी की तस्वीरें, सोशल मीडिया पर डाली थीं। मुंबई के जूहू में जानकी कुटीर की होली पार्टी पर उनकी तस्वीरें, उनकी हंसी… अब सतीश कौशिक के चाहने वालों के लिए उनकी आख़िरी यादें हैं। फिल्म छतरीवाली में उनका अंदाज ‘यंग जेनरेशन की यही बात मुझे पसंद है’ को सुनकर सभी मुस्कुरा उठे थे।

---विज्ञापन---

सतीश कौशिक ने कभी हार नहीं मानी 

यही खास बात थी कि सतीश कौशिक साहब की हार मानना तो उन्होंने सीखा ही नहीं था और फिल्मों से उनके प्यार की कहानियां वो बड़ी शान से सुनाते थे। दिल्ली के करोलबाग इलाके की नाई वाली गली में सतीश कौशिक का सिनेमा से याराना शुरु हुआ।

ऐसे फिल्म देखने गए थे सतीश कौशिक

मां की आलमारी से पांच रूपये चुराकर खुद और अपने दोस्त के साथ देवानंद और वहीदा रहमान की सुपरहिट फिल्म गाइड देखने थियेटर गए और वापस आए, तो ऐसी पिटाई हुई की पूछिए नहीं, लेकिन सतीश कौशिक को तब इस पिटाई का मलाल नहीं हुआ, बल्कि गाइड की खुशी हुई।

और पढ़िए – Satish Kaushik Viral Video: निधन से 50 दिन पहले सतीश कौशिक ने शुरू किया था जिम, वीडियो वायरल

पापा के साथ चारपाई पर बैठकर सतीश ने कही थी ये बात

पापा बनवारी लाल कौशिक, तीन सौ रूपये में हैरीसन तालों के सेल्समैन की नौकरी करते थे, मगर बेटे सतीश कौशिक को कुछ करने से रोकते नहीं। तब नन्हें सतीश कौशिक, पापा के साथ चारपाई पर बैठकर कहते कि पापा मुझे अपना नाम अखबारों में चाहिए और किस्मत ने उनकी सुनी भी।

थियेटर ग्रुप प्लेयर्स किया ज्वाइन

सतीश कौशिक को एक्टिंग और थियेटर का चस्का, दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से लगा, जहां उन्होंने थियेटर ग्रुप प्लेयर्स को ज्वाइन किया था। कॉलेज के इन प्लेज के दौरान शुरुआत में सतीश कौशिक ये भी भूल जाते थे, कि वो स्टेज पर हैं…. कॉलेज ऑडिटोरियम में बच्चों की हूटिंग के दौरान वो ऑडियंस से बातें भी करने लगते।

प्रोफेसर ने एक्टिंग में करियर बनाने की सलाह दी

कॉलेज से निकलते वक्त, उनके एक पसंदीदा प्रोफेसर ने, जो थियेटर ग्रुप के हेड भी थे, उन्होंने सतीश कौशिक को घर बुलाया और एक्टिंग में करियर बनाने की सलाह दी। सतीश हैरान हुए, उन्होने कहा- कि उनकी शक्ल-ओ-सूरत वाले शख़्स को फिल्मों में एक्टर कौन बनाएगा… मगर प्रोफेसर साहब ने उनसे कहा, ‘ऐसा मत सोचो सतीश, तुम्हें जब मैं स्टेज पर परफॉर्म करते हुए देखता हुआ हूं, तो तुम मुझे सबसे ज़्यादा खूबसूरत लगते हो।

सतीश कौशिक ने अपनी राह चुन ली थी

सतीश कौशिक को नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा में एडमिशन भी उन्हीं ने दिलाया। मगर जब सतीश जी के भाईयों को इस बात का पता चला, तो उन्होंने कहा कि ‘कोई नौकरी करो, छोटा-मोटा काम करो, इस सूरत के साथ कहां एक्टर बनोगे।‘, मगर सतीश कौशिक ने तो अपनी राह चुन ली थी।

सिनेमा को एक निर्देशक की नजर से देखना और समझना

एनएसडी के कोर्स के दौरान, सतीश कौशिक की मुलाकात अनुपम खेर से भी हुई, जो एक अटूट दोस्ती में बदल गई। यहां सतीश कौशिक ने शानदार प्ले किए, बायोग्रॉफ़ीज़ पढ़ी और फिर एनएसडी और FFTI पूणे के ज्वाइंट कोर्स के दौरान, आख़िरी के 6 महीने उन्होंने फिल्मों की पढ़ाई शुरु की। पूणे में ही सतीश कौशिक को लगा कि उन्हें डायरेक्टर बनना है, सिनेमा को एक निर्देशक की नजर से देखना और समझना है।

अरोड़ा टेक्सटाइल्स मिल्स में की नौकरी

एक्टिंग की पढ़ाई के बाद, फिल्मों में अपनी किस्मत आजमाने के लिए मुंबई तो जाना ही था, मगर सतीश कौशिक उनमें से नहीं थे, जो स्ट्रगल करने सीधे मायानगरी पहुंच जाएं, क्योंकि उन्हे खाने को बहुत शौक था… बिना खाने के तो वह रह ही नहीं सकते थे। तो सतीश कौशिक ने सोचा कि क्यों ना एक साल तक मुंबई में नौकरी की जाए और बाकी वक्त में एक्टिंग की कोशिश। मुंबई में पापा की सिफारिश से उन्हें अरोड़ा टेक्सटाइल्स मिल्स में नौकरी मिल गई।

पृथ्वी थियेटर में की एक्टिंग

सुबह सतीश कपड़ा मिल में नौकरी करते और शाम को पृथ्वी थियेटर में एक्टिंग। यही उनकी अदाकारी के हुनर ने पहली फिल्म चक्र में एक छोटा सा रोल दिलाया, जिसमें नसीरूद्दीन शाह और स्मिता पाटिल थे।

मिस्टर इंडिया में किया कैलेंडर का रोल

पृथ्वी थियेटर के ही एक स्पॉट ब्वॉय ने सतीश कौशिक को बताया कि डायरेक्टर शेखर कपूर, अपनी नई फिल्म मासूम कर रहे हैं… उन्हें असिस्टेंट चाहिए, तो सतीश कौशिक उनसे मिलने के लिए बिना टिकट, एयरपोर्ट के अंदर चले गए और अपने लिए काम मांगा। यहां से फिल्म मासूम में एक्टिंग करने का भी मौका मिला। शेखर कपूर के साथ बनी इसी जोड़ी ने, उन्हें मिस्टर इंडिया में कैलेंडर का रोल दिलाया, जो सतीश कौशिक की सबसे बड़ी पहचान बनी।

और पढ़िए – Satish Kaushik Death: पिता के जाने के बाद बेटी वंशिका ने शेयर की तस्वीर, फोटो देख हर किसी की आंखें हुई नम

सिप्पी साहब ने मांगा सतीश के काम का वीडियो

इससे पहले हर छोटे-छोटे किरदार के लिए सतीश कौशिक को डायरेक्टर्स के पास सिफारिश लगानी पड़ती थी। जावेद अख़्तर, सतीश कौशिक की बड़ी मदद करते थे, उन्होंने डायरेक्टर रमेश सिप्पी के पास सतीश कौशिक को भेजा… तो सिप्पी साहब ने सतीश जी से उनके काम का वीडियो मांगा।

‘सतीश जाने भी दो यारों का वीडियो मत देना…

तब तक कुंदन शाह की जाने भी दो यारों आ चुकी थी, जिसमें सतीश कौशिक भी थे। सतीश कौशिक ने सोचा कि ये वीडियो, रमेश सिप्पी को दे दें, तो काम बन जाएगा… तो जावेद अख़्तर ने उन्हें रोक दिया, बोले ‘सतीश जाने भी दो यारों का वीडियो मत देना, उसमें तुमसे भी अच्छे एक्टर हैं’।

ये फिल्में रही फ्लॉप

मिस्टर इंडिया के कैलेंडर बनने के बाद सतीश कौशिक के करियर की गाड़ी चल निकली। फिल्मों में काम भी मिलने लगा। अनिल कपूर के साथ तो उनकी जोड़ी बहुत ज़्यादा मजबूती जुड़ गई। अनिल कपूर और श्रीदेवी के साथ उन्होंने अपनी पहली बड़ी बजट फिल्म बनाई, जो बिल्कुल फ्लॉप रही। उनकी दूसरी बड़ी फिल्म प्रेम भी फ्लॉप रही… मगर अनिल कपूर का भरोसा सतीश कौशिक पर बना रहा।

चल पड़ा सतीश कौशिश का सिक्का

अनिल कपूर ने हम आपके दिल में रहते हैं के प्रोड्यूसर को मनाया कि सतीश जी इस फिल्म को डायरेक्ट करें और इसी के साथ डायरेक्शन में भी सतीश कौशिश का सिक्का चल पड़ा। इसके बाद हमारा दिल आपके पास हैं और तेरे नाम जैसी सुपर डुपर हिट फिल्मों ने सतीश कौशिक का कद बहुत बढ़ा दिया। उनकी आखिरी डायरेक्टोरियल फिल्म कागज थी, जो ओटीटी पर रिलीज हुई और बहुत ज़्यादा कामयाब रही।

सतीश कौशिक ने दुनिया को कहा अलविदा

66 की उम्र में भी सतीश कौशिक की अदाकारी का लोहा हर कोई मानता रहा। कैरेक्टर आर्टिस्ट को उन्होंने नए अंदाज में देखना और दिखना सिखाया। हंसल मेहता की वेब सीरीज 1992 स्कैम में मनु मुंदरा के किरदार में सतीश कौशिक को देखकर लोगों की आंखें फटी रह गईं और कंगना रनौत की फिल्म एमरजेंसी में भी सतीश कौशिक ने बाबू जगजीवन राम के किरदार की शूटिंग पूरी कर ली थी। हर रंग में खिलने वाले सतीश कौशिक ने होली में अपने रंग बिखेरकर दुनिया को अलविदा कहा, तो जैसे हर किसी के चेहरे से रंग उड़ गया।

और पढ़िए – मनोरंजन से जुड़ी अन्य बड़ी ख़बरें यहाँ पढ़ें

First published on: Mar 09, 2023 07:31 PM
संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.