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Income Tax Refund Rule: इस बार रिफंड कम आया है? इन 7 जगहों पर हुई होगी आपसे चूक; उठाएं ये कदम

Income Tax Refund Status: क्या आपका इनकम टैक्स रिफंड क्लेम से कम आया है? इसके पीछे बड़े कारण हो सकते हैं. आइये एक्‍सपर्ट से जानते हैं वो 7 कारण कौन से हैं, ज‍िनकी वजह से टैक्‍स र‍िफंड कम आ सकता है और उसका सॉल्‍यूशन क्‍या है.

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अगर आपका इनकम टैक्स रिफंड (Income Tax Refund) उम्मीद से कम आया है, तो निराश होने के बजाय इसके कारणों को समझना जरूरी है. अक्सर लोग जितना रिफंड क्लेम करते हैं, बैंक खाते में उससे कम रकम जमा होती है.

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जब आपके आईटीआर (ITR) को प्रोसेस करता है, तो वह फॉर्म 26AS, AIS, TIS और आपके TDS स्टेटमेंट्स का मिलान करता है. इस डेटा वेरिफिकेशन के दौरान अगर कोई भी अंतर या गड़बड़ी पाई जाती है, तो रिफंड की रकम घटा दी जाती है. Narayan Kumar & Co के सीए और इनकम टैक्‍स एक्‍सपर्ट नारायण कुमार झा ने बताया क‍ि रिफंड कम आने की 7 मुख्‍य वजहें हो सकती हैं. आइये जानते हैं क‍ि एक्‍सपर्ट के अनुसार वो 7 वजहें कौन सी हैं और इसके बाद आपको क्या करना चाहिए.

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रिफंड कम आने के 7 वजहें

TDS या TCS डिटेल्स में अंतर: आपके नियोक्ता (Employer) या बैंक के काटे गए TDS और आपने जो आंकड़े द‍िए हैं, उनमें अंतर होना.

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अतिरिक्त आय को न द‍िखाना: बैंक ब्याज (Savings Bank/FD Interest) या शेयर बाजार/प्रॉपर्टी से हुए कैपिटल गेंस (Capital Gains) की जानकारी छोड़ देना.

गलत डिडक्शन क्लेम करना: बिना किसी ठोस कागजात या सबूत के गलत टैक्स छूट (Tax Deductions) का दावा करना.

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एडवांस टैक्स या सेल्फ असेसमेंट टैक्स में गलती: एडवांस टैक्स या चालान डिटेल्स भरते समय चालान नंबर या रकम में गलती होना.

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टैक्स कैलकुलेशन में एरर: कुल टैक्स लायबिलिटी की गणना में मानवीय या तकनीकी गलती.

धारा 234A, 234B और 234C के तहत ब्याज: लेट आईटीआर फाइल करने या एडवांस टैक्स समय पर न भरने के कारण लगा ब्याज रिफंड से काट लिया जाता है.

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पुराने साल का बकाया टैक्स (Outstanding Tax Demand): अगर पिछले किसी असेसमेंट ईयर का टैक्स बकाया है, तो विभाग उसे इस साल के रिफंड से एडजस्ट कर लेता है.

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट भेजता है नोटिस
जब भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिफंड में कोई कटौती या एडजस्टमेंट करता है, तो वह आपको Section 143(1) के तहत एक इंटीमेशन (Notice) भेजता है. इस नोटिस में साफ लिखा होता है कि आपने कितना रिफंड क्लेम किया था, डिपार्टमेंट के कैलकुलेशन के हिसाब से कितना बनता है और किस कारण से कटौती की गई है. अगर पुराना बकाया एडजस्ट किया गया है, तो उसकी जानकारी भी पोर्टल पर पहले दी जाती है.

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रिफंड कम आया है तो अब क्या करें?
इंटीमेशन नोटिस पढ़ें:
सबसे पहले ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर 143(1) नोटिस को ध्यान से देखें.

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रेक्टिफिकेशन (Rectification) डालें: अगर आपको लगता है कि आपकी तरफ से कोई गलती नहीं थी और डिपार्टमेंट से गणना में चूक हुई है, तो आप ऑनलाइन Rectification Request डाल सकते हैं.

दस्तावेज सुरक्षित रखें: फॉर्म 16, फॉर्म 26AS, AIS, TIS, बैंक स्टेटमेंट और निवेश के प्रूफ हमेशा अपने पास सुरक्षित रखें.

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अगली बार पूरा रिफंड पाने के लिए टिप्स

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  • ITR भरने से पहले अपने Form 26AS, AIS और TIS का सही मिलान करें.
  • सेविंग्स अकाउंट के ब्याज और अन्य आय को कभी न छिपाएं.
  • अपना बैंक अकाउंट पोर्टल पर Pre-validate रखें.
  • आईटीआर भरने के तुरंत बाद E-verify करना न भूलें.

First published on: Aug 19, 2026 09:15 AM

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About the Author

Vandana Bharti

परिचय वन्‍दना भारती, BAG नेटवर्क के माल‍िकाना हक वाले News 24 के साथ बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एड‍िटर स‍ितंबर 2025 से कार्यरत हैं. मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर लिखने के साथ-साथ एजुकेशन की भी जिम्मेदारी संभालती हैं. वन्‍दना के पेशेवर सफर में देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों का योगदान रहा है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार के फीचर पेज से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे बड़े न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में जुड़ी रही हैं. आजतक ड‍िज‍िटल में उन्‍होंने एजुकेशन और फीचर बीट पर काम क‍िया. इसके बाद India.com में कर‍ियर पेज की नींव रखी और उसे साथ में लाइफस्‍टाइल का कारभार भी संभाला. News18.com के साथ वन्‍दना ने कर‍ियर पेज पर टीम लीड की भूम‍िका भी न‍िभाई है. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है. करीब दो दशक के अपने अनुभव में वन्‍दना ने जटिल विषयों को सरल और सटीक रूप में पेश करने में महारत हासिल की है. उनकी सबसे बड़ी खासियत जटिल और तकनीकी वित्तीय आंकड़ों को आम पाठकों के लिए बेहद सरल, रोचक और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करना है. Vandana Bharti का सोशल मीडिया प्रोफाइल linkedin Facebook

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