iPhone Users Good News: भारत में शुरू हुई Apple Pay सर्विस, जानिए बिना OTP और PIN के कैसे होंगे पेमेंट

Apple Pay Launched in India: आखिरकार भारत में Apple Pay लॉन्च हो गया है. लेक‍िन क्‍या आप इसे लेकर RBI के नए 2FA नियमों के बारे में जानते हैं? इसके प्राइवेसी फीचर्स से लेकर UPI के मुकाबले इसके फायदे और नुकसान के बारे में यहां जानें.

apple pay launched in india

आखिर भारत आ ही गया Apple Pay! पर क्या यह UPI के देश में झंडे गाड़ पाएगा? जानिए पूरी इनसाइड स्टोरी (Photo Credit - AI)

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क्लिक, टैप और काम खत्म… अगर आप आईफोन (iPhone) यूजर हैं, तो आप इस खबर का इंतजार पिछले 12 सालों से कर रहे होंगे. आखिरकार 30 सितंबर 2026 को एपल ने भारत में अपनी बहुचर्चित पेमेंट सर्विस Apple Pay लॉन्च कर दी है.

अब आपको कहीं भी पेमेंट करने के लिए बटुआ निकालने, कार्ड ढूंढने या ओटीपी (OTP) का इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. बस जेब से आईफोन निकालिए, साइड बटन डबल-क्लिक कीजिए, अपना चेहरा (Face ID) दिखाइए और मशीन से छुआ दीजिए- पेमेंट झटपट हो गया.

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लेकिन रुकिए… जिस देश में सब्जी वाले से लेकर मॉल तक हर कोई क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन करके UPI से पेमेंट कर रहा हो, वहां Apple Pay का क्या भविष्य होगा? क्या यह हमारे अपने UPI को टक्कर दे पाएगा? आइए, एकदम आसान भाषा में समझते हैं पूरी बात.

12 साल की लंबी देरी का क्या था कारण?

अमेरिका में Apple Pay साल 2014 में ही आ गया था, तो भारत आते-आते इसे 2026 क्यों बज गए? इसका असली कारण था भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का कड़ा सुरक्षा नियम. भारत में क्रेडिट या डेबिट कार्ड से पेमेंट करने के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य है, यानी आपको OTP डालना पड़ता है या PIN दर्ज करना होता है. लेकिन Apple Pay की खासियत ही यही है कि यह बिना OTP/PIN के चलता है.

फिर बात कैसे बनी? अप्रैल 2026 में RBI ने अपने नियमों में थोड़ा बदलाव किया और माना कि अगर कोई इंसान अपने Face ID या Touch ID से पेमेंट को अप्रूव करता है, तो वो OTP या PIN जितना ही, बल्कि उससे भी ज्यादा सुरक्षित है. बस, RBI से हरी झंडी मिलते ही एपल ने भारत में एंट्री मार दी.

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इसे सेटअप करना कितना आसान है?
क्‍योंक‍ि एपल पे को फ‍िलहाल एक बैंक (Axis Bank ) सपोट कर रहा है, इसलि‍ए अगर आपके पास Axis Bank का मास्टरकार्ड (Mastercard) या वीजा (Visa) क्रेडिट/डेबिट कार्ड है, तो आप इसे मिनटों में चालू कर सकते हैं. अपने आईफोन में Wallet App खोलें.

अपने कार्ड को फोन के कैमरे के सामने रखें, फोन NFC के ज़रिए कार्ड की डिटेल्स खुद पढ़ लेगा. CVV डालें और एक बार का OTP दर्ज करें, बस काम हो गया.

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एपल का दावा है कि आपका असली कार्ड नंबर न तो एपल के पास सेव होता है और न ही दुकानदार के पास जाता है. हर ट्रांजैक्शन के लिए एक सीक्रेट डिवाइस आईडी जनरेट होती है. अगर आपका फोन गुम भी हो जाए, तो Find My ऐप से आप इसे दूर बैठे ही लॉक कर सकते हैं.

Apple Pay बनाम UPI: क्या एपल टिक पाएगा?
अब आते हैं सबसे बड़े सवाल पर. भारत में डिजिटल पेमेंट का मतलब ही UPI (Google Pay, PhonePe, Paytm) है. ऐसे में Apple Pay को भारत में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा?

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Apple Pay के सामने 3 बड़ी चुनौतियां:

  1. बैंकों का नखरा: खबर है कि एपल हर ट्रांजैक्शन पर बैंकों से अपना कमीशन (कट) मांग रहा है, जिसे HDFC और ICICI जैसे बड़े बैंक फिलहाल देने को तैयार नहीं दिख रहे हैं. इसी वजह से अभी सिर्फ एक्सिस बैंक ही मैदान में उतरा है.
  2. RuPay कार्ड्स का न होना: भारत में RuPay कार्ड्स का बोलबाला है, जबकि Apple Pay फिलहाल सिर्फ वीजा और मास्टरकार्ड को सपोर्ट कर रहा है.
  3. UPI की आदत: भारतीय ग्राहकों को QR स्कैन करने की ऐसी आदत पड़ चुकी है कि उन्हें टैप-एंड-पे के लिए मनाना थोड़ा मुश्किल होगा.

अगर आप एक आईफोन यूजर हैं, शॉपिंग मॉल या रेस्टोरेंट में अक्सर क्रेडिट कार्ड स्वाइप करते हैं और प्राइवेसी को लेकर जागरूक हैं, तो Apple Pay आपके लिए एक जादुई अहसास जैसा होगा. हालांकि, सब्जी-भाजी खरीदने या चाय की दुकान पर पेमेंट करने के लिए आपको अभी भी अपने UPI ऐप का ही सहारा लेना पड़ेगा.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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