Share Bazar Crash: सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा गिरा, निफ्टी 300 से ज्यादा टूटा
Share Bazar Crash: सेंसेक्स 900 अंक से ज्यादा गिरा, निफ्टी 300 से ज्यादा टूटा
Written By Vandana Bharti

शेयर बाजार में गिरावट देखा जा रहा है. (फोटो क्रेडिट- एआई)
Written By Vandana Bharti

शेयर बाजार में गिरावट देखा जा रहा है. (फोटो क्रेडिट- एआई)
अगर आप शेयर बाजार (Stock Market) में निवेश करते हैं या बाजार की हलचल पर नजर रखते हैं, तो 1 अक्टूबर 2026 का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी भारी साबित हो रहा है. गुरुवार को बाजार खुलते ही बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला और दोपहर 1 बजे के करीब सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई.
सेंसेक्स 920 अंक टूटकर 71,559 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी 313 अंक गिरकर 22,307 के पास पहुंच गया. इतना ही नहीं, भारतीय शेयर बाजार लगातार 8वें हफ्ते गिरावट की ओर बढ़ रहा है, जो पिछले 25 सालों में पहली बार हुआ है.
ऑटो इंडेक्स में 3% की बड़ी गिरावट आई. सितंबर बिक्री के कमजोर आंकड़ों के कारण Bajaj Auto 6% और Mahindra & Mahindra (M&M) 2.4% तक टूट गए. आईटी (IT) सेक्टर के शेयरों में करीब 0.9% की तेजी देखी गई. अमेरिका में महंगाई दर उम्मीद से कम रहने से आईटी स्टॉक्स को थोड़ा सहारा मिला. कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) का शेयर करीब 3% चढ़ा, जब बैंक ने अनूप कुमार साहा को अपना नया सीईओ (CEO) नियुक्त करने का ऐलान किया.
शेयर बाजार क्रैश होने के 4 बड़े कारण
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आज शेयर बाजार में आई इस भारी गिरावट के पीछे चार मुख्य वजहें हैं:
FIIs की ताबड़तोड़ बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसे निकालना जारी रखा है. 30 सितंबर को अकेले FIIs ने 10000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे. विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकालकर अमेरिका जैसे बाजारों में लगा रहे हैं.
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में ऐतिहासिक उछाल
अमेरिका में 10-साल वाले सरकारी बॉन्ड की यील्ड (US Treasury Yield) बढ़कर 5.33% तक पहुँच गई है, जो साल 2002 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है. जब अमेरिका में बिना रिस्क के 5% से ज्यादा का ब्याज मिल रहा हो, तो विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों से पैसा निकालने लगते हैं.
रुपये की कमजोरी
डॉलर इंडेक्स मजबूत होने के कारण भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 95.98 के स्तर पर पहुंच गया. रुपये की कमजोरी से आयात (Import) महंगा होता है, जिससे विदेशी निवेशकों को दोहरा नुकसान होता है.
इंडिया विक्स (India VIX) में उछाल
शेयर बाजार में डर और अस्थिरता को मापने वाला इंडेक्स India VIX करीब 5% बढ़कर 14.13 पर पहुंच गया. इंडिया विक्स का बढ़ना इस बात का संकेत है कि बाजार में अनिश्चिता और निवेशकों के बीच डर का माहौल काफी बढ़ गया है.
बाजार में इस तरह की तेज गिरावट देखकर घबराने की जरूरत नहीं है. अगर आप लंबी अवधि के निवेशक (Long-term Investor) हैं, तो अच्छे और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर्स में सिप (SIP) या किस्तों में खरीदारी का यह एक अच्छा मौका हो सकता है. अल्पकालिक ट्रेडिंग करने वालों को फिलहाल बाजार में ठहराव आने तक सावधानी बरतनी चाहिए.
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