शादी-ब्याह का सीजन हो और दूल्हा-दुल्हन को लिफाफे और महंगे तोहफे न मिलें, ऐसा भला कैसे हो सकता है. हाल ही में सोशल मीडिया पर एक दुल्हन को शादी में 10 लाख रुपये के तोहफे मिलने की खबर वायरल हुई, जिसके बाद इंटरनेट पर एक ही बहस छिड़ गई- क्या इतने बड़े वेडिंग गिफ्ट पर भी इनकम टैक्स देना पड़ता है?
अगर आपके घर में भी किसी की शादी हुई है या होने वाली है, तो यह सवाल आपकी नींद उड़ा सकता है. आइए, समझते हैं कि इन्कम टैक्स एक्ट का Section 56(2)(x) शादी के तोहफों पर क्या कहता है और आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
क्या शादी में मिले 10 लाख रुपये के गिफ्ट पर टैक्स लगेगा?
बिल्कुल नहीं. आयकर अधिनियम (Income Tax Act) की धारा 56(2)(x) के तहत, अगर किसी व्यक्ति को उसकी खुद की शादी के मौके पर रिश्तेदारों, दोस्तों या मेहमानों से कितना भी बड़ा कैश, चेक, गहने या प्रॉपर्टी गिफ्ट में मिले, तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगता. चार्टर्ड अकाउंटेंट्स फर्म नारायण कुमार एंड कंपनी के सीए नारायण कुमार झा के मुताबिक भारत में शादी के मौके पर मिले तोहफे आमतौर पर टैक्स-फ्री होते हैं. कानून के तहत शादी के अवसर से जुड़े उपहार पूरी तरह से छूट (Exempt) के दायरे में आते हैं, भले ही रकम कितनी भी बड़ी क्यों न हो.
यानी अगर शादी में 10 लाख रुपये या 50 लाख रुपये का गिफ्ट भी मिल जाए, तो सिर्फ रकम बड़ी होने की वजह से इनकम टैक्स का नोटिस नहीं आएगा.
फिर यह 50000 की लिमिट वाला भ्रम कहां से आता है?
आम जनता में अक्सर इस बात को लेकर कंफ्यूजन रहता है कि 50000 से ज्यादा का गिफ्ट मिलते ही टैक्स लग जाता है. दरअसल, इनकम टैक्स का नियम यह कहता है कि अगर किसी वित्तीय वर्ष (Financial Year) में आपको गैर-रिश्तेदारों (Non-relatives) से 50000 रुपये से अधिक के गिफ्ट मिलते हैं, तो वह आपकी Income from Other Sources में जुड़ जाता है और उस पर टैक्स लगता है.
ध्यान देने वाली बात :
अगर किसी दोस्त ने आपको जन्मदिन पर 60000 रुपये का गिफ्ट दिया, तो केवल 10000 रुपये पर नहीं, बल्कि पूरे 60000 पर टैक्स लगेगा. शादी को इस नियम से विशेष छूट दी गई है. शादी में चाहे दोस्त दें या दूर के रिश्तेदार, 50000 रुपये की लिमिट लागू नहीं होती.
रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट्स का क्या?
शादी के अलावा भी, अगर आपको किसी भी मौके पर खास रिश्तेदारों (Specified Relatives) से गिफ्ट मिलता है, तो वह पूरी तरह से टैक्स-फ्री होता है. कानून के अनुसार रिश्तेदारों की सूची में शामिल हैं:
- पति या पत्नी
- भाई और बहन
- माता-पिता और उनके भाई-बहन
- आपके या जीवनसाथी के सीधे पूर्वज या वंशज
बड़े गिफ्ट्स मिले हैं? तो ये 3 काम जरूर करें
भले ही शादी के गिफ्ट टैक्स-फ्री हों, लेकिन अगर आपको बड़ी रकम कैश में या महंगी संपत्ति के रूप में मिली है, तो समझदारी इसी में है कि आप सुरक्षित रहें. किस रिश्तेदार या दोस्त ने कितना कैश या गिफ्ट दिया, इसका एक बेसिक हिसाब (Record) रखें. कैश लिफाफों का पैसा एक साथ बैंक में जमा करते समय ध्यान रखें कि अगर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कभी सवाल पूछे, तो आप बता सकें कि यह शादी का तोहफा है.
अगर कोई रिश्तेदार आपको बहुत महंगी प्रॉपर्टी या भारी रकम चेक से दे रहा है, तो एक साधारण गिफ्ट डीड बनवा लेना भविष्य के लिए सबसे सुरक्षित कदम होता है.
अपनी या बच्चों की शादी में दिल खोलकर गिफ्ट्स का स्वागत कीजिए. टैक्स डिपार्टमेंट शादी के इन सुनहरे पलों में अड़ंगा नहीं लगाता. बस ध्यान रखिए कि यह छूट सिर्फ शादी के अवसर पर ही मिलती है, बर्थडे या हाउसवार्मिंग पार्टी पर नहीं.