जब भी हम टैक्स बचाने की बात करते हैं, तो अक्सर हमारा ध्यान 80C या अलग-अलग जगह निवेश (Deductions) करने पर ही जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनकम टैक्स कानून में कुछ ऐसी कमाइयां भी हैं जिन्हें एक्सेम्प्ट इनकम (Exempt Income) कहा जाता है? यानी अगर आप इन 10 तरीकों से पैसा कमाते हैं, तो उस पर सरकार आपसे 1 रुपये का भी टैक्स नहीं लेती. आइए समझते हैं कि वे कौन-कौन सी 10 कमाइयां हैं और उनके नियम क्या हैं:
इन कमाइयों पर 1 रुपये भी टैक्स नहीं लगता
- कृषि से होने वाली आय (Agricultural Income)
भारत में कृषि भूमि पर खेती करके, फसल बेचकर या खेती की जमीन से किराया कमाकर होने वाली आय पूरी तरह से टैक्स-फ्री होती है. बता दें यह नियम सिर्फ भारत में मौजूद कृषि भूमि पर ही लागू होता है, विदेश की जमीन पर नहीं.
- रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट और वसीयत (Gifts & Inheritance)
शादी के मौके पर मिले गिफ्ट्स या किसी नजदीकी रिश्तेदार से मिली नकदी/प्रॉपर्टी पर टैक्स नहीं लगता. माता-पिता या पूर्वजों से वसीयत में मिली संपत्ति या पैसा पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है.
- स्कॉलरशिप और पढ़ाई के लिए मिली मदद (Scholarships)
चाहे स्कॉलरशिप सरकार से मिले, किसी ट्रस्ट से या प्राइवेट ऑर्गनाइजेशन से, अगर उसका इस्तेमाल पढ़ाई के खर्चों के लिए हो रहा है, तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगता.
- रिटायरमेंट पर मिलने वाली ग्रैच्युटी (Gratuity Benefits)
नौकरी छोड़ने या रिटायर होने पर मिलने वाली ग्रैच्युटी टैक्स-फ्री होती है. सरकारी कर्मचारियों के लिए पूरी ग्रैच्युटी राशि टैक्स-फ्री होती है, जबकि प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए इसकी एक तय लिमिट होती है.
- बची हुई छुट्टियों का पैसा (Leave Encashment)
रिटायरमेंट के समय अगर आप अपनी बची हुई छुट्टियों को कैश में बदलते हैं (Leave Encashment), तो सरकारी कर्मचारियों के लिए यह पूरी तरह टैक्स-फ्री है. गैर-सरकारी कर्मचारियों को भी इसमें नियमों के तहत एक सीमा तक छूट मिलती है.
- HUF (हिंदू अविभाजित परिवार) से मिला हिस्सा
अगर आप किसी हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के सदस्य हैं और परिवार की आय से आपको कोई हिस्सा मिलता है, तो उस पर आपको दोबारा टैक्स नहीं देना होता, क्योंकि उस कमाई पर HUF पहले ही टैक्स दे चुका होता है.
- पार्टनरशिप फर्म से प्रॉफिट का हिस्सा (Share of Profit)
यदि आप किसी पार्टनरशिप फर्म या LLP में पार्टनर हैं, तो बिजनेस के कुल मुनाफे (Profit) में से आपको मिलने वाले हिस्से पर टैक्स नहीं लगता, क्योंकि फर्म उस मुनाफे पर पहले ही टैक्स जमा कर चुकी होती है. हालांकि, फर्म से मिलने वाली सैलरी या ब्याज पर टैक्स लगता है.
- कुछ खास खातों का ब्याज (Tax-Free Interest)
यूं तो बैंक ब्याज पर टैक्स लगता है, लेकिन कुछ सरकारी योजनाओं से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है:
- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) का ब्याज.
- सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) का ब्याज.
- सरकार द्वारा जारी टैक्स-फ्री बॉन्ड्स (Tax-Free Bonds).
- प्रोविडेंट फंड (PF) का पैसा निकालना
अगर आपने किसी रिकॉग्नाइज्ड प्रोविडेंट फंड (EPF/PF) में लगातार 5 साल तक नौकरी करने के बाद पैसा निकाला है, तो उस निकाली गई पूरी रकम और ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता.
- लाइफ इंश्योरेंस की मैच्योरिटी रकम (Life Insurance Maturity)
लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी की मैच्योरिटी (Maturity) पर मिलने वाला पैसा सेक्शन 10(10D) के तहत कुछ शर्तों और प्रीमियम लिमिट्स का पालन करने पर पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है.
Exempt Income और Tax Deduction में क्या अंतर है?
Exempt Income (कर-मुक्त आय): यह वह कमाई है जो आपकी कुल करयोग्य आय (Taxable Income) में जुड़ती ही नहीं है.
Tax Deduction (कर कटौती): यह आपकी कुल आय की गणना करने के बाद निवेश (जैसे 80C) के आधार पर घटाई जाती है.
स्मार्ट टैक्स प्लानिंग का मतलब सिर्फ टैक्स बचाना नहीं, बल्कि यह जानना भी है कि कौन सी कमाई पर कानूनन टैक्स बनता ही नहीं है. इन 10 टैक्स-फ्री जरियों की सही जानकारी रखकर आप अपनी मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा सुरक्षित रख सकते हैं.