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Explainer: क्या होती है समुद्री नाकेबंदी, जो आज से होर्मुज स्ट्रेट में लगाएंगे ट्रंप, भारत पर क्या असर?

ट्रंप का बड़ा वार: आज शाम 7:30 बजे से ईरान की समुद्री नाकेबंदी! क्या है ये नौसैनिक रणनीति और क्यों इससे पूरी दुनिया में मच सकता है हाहाकार? जानिए भारत की जेब पर इसका क्या और कितना बुरा असर पड़ेगा. पूरी जानकारी यहां पढ़ें.

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पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान के साथ शांति वार्ता फेल होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13 अप्रैल 2026 को भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू करने का आदेश दिया है. नौसेना की नाकाबंदी एक युद्धक कार्यवाही है जिसके तहत किसी देश के बंदरगाहों या तटीय क्षेत्रों में जहाजों के प्रवेश और निकास को पूरी तरह से रोक दिया जाता है. प्रवेश और निकास पर रोक लगने से न केवल उस देश का सामान बाहर जा पाएगा, बल्कि उसे मिलने वाली दवाइयां, खाना या हथियार भी समुद्र के रास्ते उस तक नहीं पहुंच पाएंगे. यदि होर्मुज स्ट्रेट बंद होता है तो भारत पर बुरा असर पड़ना तय है.

क्या होती है समुद्री नाकेबंदी?

सरल शब्दों में कहें तो यह किसी देश की समुद्री सीमाओं पर ‘ताला’ लगाने जैसा है. जब कोई ताकतवर देश अपनी नौसेना के जरिए किसी दूसरे देश के बंदरगाहों को चारों तरफ से घेर लेता है, ताकि वहां न तो कोई जहाज आ सके और न ही जा सके तो इसे नाकेबंदी कहते हैं. ‘समुद्री नाकेबंदी’ को सबसे घातक हथियारों में से एक माना जाता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज शाम 7:30 बजे से ईरान के खिलाफ इसी हथियार का इस्तेमाल करने का फैसला किया है. इसका उद्देश्य दुश्मन देश की आर्थिक कमर तोड़ना होता है.

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होर्मुज स्ट्रेट ही क्यों चुना गया?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया की वो ‘नब्ज’ है जिसे दबाते ही पूरी दुनिया में हाहाकार मच जाता है. यह एक संकरा समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया का 20% कच्चा तेल गुजरता है. ट्रंप यहां नाकाबंदी करके ईरान के तेल व्यापार को पूरी तरह शून्य करना चाहते हैं.

यह एक ‘अघोषित युद्ध’ जैसा है

इंटरनेशनल कानून के मुताबिक, नाकेबंदी को अक्सर युद्ध की कार्रवाई माना जाता है. ट्रंप ने इसके लिए शाम 7:30 बजे का समय तय किया है. जैसे ही अमेरिकी युद्धपोत ईरानी बंदरगाहों के पास तैनात होंगे, वहां से गुजरने वाले हर कमर्शियल जहाज को रोक दिया जाएगा या उनका रास्ता बदल दिया जाएगा.

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भारत के लिए यह क्यों है ‘बुरी खबर’?

भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है. यदि होर्मुज स्ट्रेट बंद होता है, तो कच्चे तेल की सप्लाई कम हो जाएगी. डिमांड ज्यादा और सप्लाई कम होने से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं. खाड़ी में तनाव बढ़ते ही निवेशकों में डर पैदा होता है, जिससे भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है.

First published on: Apr 13, 2026 08:51 AM

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About the Author

Vijay Kumar

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.

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