जुलाई में ही था फ्लाईदुबई को क्रैश करने का प्लान, फिर ओमानी पायलट ने क्यों बदला इरादा?

Flydubai attack: फ्लाईदुबई की घटना के बाद एक के बाद एक दावे सामने आ रहे हैं, एक नई रिपोर्ट के मुताबित ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ये अपने प्लान को 30 सितंबर की जगह जुलाई 2026 में ही अंजाम देने वाला था, लेकिन फिर उसने प्लान चेंज कर दिया.

Flydubai PTI

फ्लाई दुबई (Photo-PTI)

विज्ञापन

Hammam Al-Hammami Plan Inside Story: फ्लाईदुबई की घटना ने फ्लाइट सेफ्टी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच से जुड़े दावों के मुताबिक ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने विमान को हाईजैक कर इजरायल में क्रैश करने की प्लान काफी पहले बना लिया था. बताया जा रहा है कि वो जुलाई में ही इस घटना को अंजाम देना चाहता था, लेकिन बाद में उसने अपना इरादा बदल दिया.

फ्लाईदुबई को ही क्यों चुना?

जांच में सामने आए कथित बयानों के मुताबिक अल-हम्मामी ने फ्लाईदुबई में नौकरी हासिल करने से पहले ही विमान को क्रैश कराने का प्लान तैयार कर लिया था. उसने ऐसी एयरलाइन की तलाश की थी, जिसकी उड़ानें रेगुलरली तेल अवीव जाती हों. इसी वजह से उसने फ्लाईदुबई को अपने कथित प्लान के लिए चुना. रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उसने इजरायल की पिछली जर्नी के दौरान वहां के एयरपोर्ट और आसपास के हालात की जानकारी भी जुटाई थी. उसका कथित मकसद प्लान को तेल अवीव पहुंचाकर बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाना था.

विज्ञापन

कैप्टन स्मित मच्छर थे पहला निशाना

इस कथित साजिश के तहत सबसे पहले इंडियन कैप्टन स्मित मच्छार को रास्ते से हटाकर विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने का प्लान था. उड़ान के दौरान जब उसने कैप्टन पर हमला किया, तब विमान जॉर्डन के ऊपर था. हमले में मच्छार घायल हुए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. वो कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे. इसके बाद पैसेंजर्स ने भी तेजी से रिस्पॉन्ड किया और हमलावर को काबू करने में मदद की.

पैसेंजर्स ने ऐसे बचाया विमान

हालात बिगड़ने के बाद विमान में मौजूद 2 ऐसे मिस्ट्री पायलटों ने भी कंट्रोल संभालने में मदद की, जो उस वक्त ड्यूटी पर नहीं थे. पैसेंजर्स ने कथित हमलावर को पकड़कर बांध दिया. इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब की तरफ ले जाया गया. अगर मुसाफिरों और रिजर्व पायलटों ने वक्त रहते दखल नहीं दिया होता, तो घटना के अंजाम बेहद खतरनाक हो सकते थे.

विज्ञापन

बेन गुरियन एयरपोर्ट और US बेस का ऑप्शन

जांच से जुड़े दावों के मुताबिक अल-हम्मामी के पास कथित तौर पर एक से ज्यादा ऑप्शंस थे. पहला टारगेट तेल अवीव में किसी इमारत या विमान से टक्कर कराना बताया गया. इसके बाद बेन गुरियन एयरपोर्ट को निशाना बनाने की प्लान. अगर ये दोनों ऑप्शंस कामयाब नहीं होते, तो विमान को जॉर्डन में मौजूदा अमेरिकी सैन्य ठिकाने की तरफ मोड़ने का कथित प्लान भी तैयार था.

जुलाई में क्यों टली साजिश?

रिपोर्ट्स के मुताबिक ओमानी पायलट अल-हम्मामी ने जुलाई में ही हमला करने का प्लान बनाया था. हालांकि क्रू के एक मेंबर के साथ उसकी दोस्ती होने के बाद उसने कथित तौर पर उस वक्त अपना प्लान टाल दिया. बाद में इसी साजिश को आगे बढ़ाने का दावा किया जा रहा है. इटली के अखबार ‘Corriere della Sera’ की रिपोर्ट में भी विमान के कंट्रोल में कथित दखल का जिक्र किया गया है. हालांकि, पैसेंजर्स, क्रू मेंबर्स और दूसरे पायलटों के क्विक एक्शन से विमान पर दोबारा कंट्रोल हासिल कर लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ