Hammam Al-Hammami Plan Inside Story: फ्लाईदुबई की घटना ने फ्लाइट सेफ्टी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच से जुड़े दावों के मुताबिक ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने विमान को हाईजैक कर इजरायल में क्रैश करने की प्लान काफी पहले बना लिया था. बताया जा रहा है कि वो जुलाई में ही इस घटना को अंजाम देना चाहता था, लेकिन बाद में उसने अपना इरादा बदल दिया.
फ्लाईदुबई को ही क्यों चुना?
जांच में सामने आए कथित बयानों के मुताबिक अल-हम्मामी ने फ्लाईदुबई में नौकरी हासिल करने से पहले ही विमान को क्रैश कराने का प्लान तैयार कर लिया था. उसने ऐसी एयरलाइन की तलाश की थी, जिसकी उड़ानें रेगुलरली तेल अवीव जाती हों. इसी वजह से उसने फ्लाईदुबई को अपने कथित प्लान के लिए चुना. रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उसने इजरायल की पिछली जर्नी के दौरान वहां के एयरपोर्ट और आसपास के हालात की जानकारी भी जुटाई थी. उसका कथित मकसद प्लान को तेल अवीव पहुंचाकर बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाना था.
कैप्टन स्मित मच्छर थे पहला निशाना
इस कथित साजिश के तहत सबसे पहले इंडियन कैप्टन स्मित मच्छार को रास्ते से हटाकर विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने का प्लान था. उड़ान के दौरान जब उसने कैप्टन पर हमला किया, तब विमान जॉर्डन के ऊपर था. हमले में मच्छार घायल हुए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. वो कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे. इसके बाद पैसेंजर्स ने भी तेजी से रिस्पॉन्ड किया और हमलावर को काबू करने में मदद की.
पैसेंजर्स ने ऐसे बचाया विमान
हालात बिगड़ने के बाद विमान में मौजूद 2 ऐसे मिस्ट्री पायलटों ने भी कंट्रोल संभालने में मदद की, जो उस वक्त ड्यूटी पर नहीं थे. पैसेंजर्स ने कथित हमलावर को पकड़कर बांध दिया. इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब की तरफ ले जाया गया. अगर मुसाफिरों और रिजर्व पायलटों ने वक्त रहते दखल नहीं दिया होता, तो घटना के अंजाम बेहद खतरनाक हो सकते थे.
बेन गुरियन एयरपोर्ट और US बेस का ऑप्शन
जांच से जुड़े दावों के मुताबिक अल-हम्मामी के पास कथित तौर पर एक से ज्यादा ऑप्शंस थे. पहला टारगेट तेल अवीव में किसी इमारत या विमान से टक्कर कराना बताया गया. इसके बाद बेन गुरियन एयरपोर्ट को निशाना बनाने की प्लान. अगर ये दोनों ऑप्शंस कामयाब नहीं होते, तो विमान को जॉर्डन में मौजूदा अमेरिकी सैन्य ठिकाने की तरफ मोड़ने का कथित प्लान भी तैयार था.
जुलाई में क्यों टली साजिश?
रिपोर्ट्स के मुताबिक ओमानी पायलट अल-हम्मामी ने जुलाई में ही हमला करने का प्लान बनाया था. हालांकि क्रू के एक मेंबर के साथ उसकी दोस्ती होने के बाद उसने कथित तौर पर उस वक्त अपना प्लान टाल दिया. बाद में इसी साजिश को आगे बढ़ाने का दावा किया जा रहा है. इटली के अखबार ‘Corriere della Sera’ की रिपोर्ट में भी विमान के कंट्रोल में कथित दखल का जिक्र किया गया है. हालांकि, पैसेंजर्स, क्रू मेंबर्स और दूसरे पायलटों के क्विक एक्शन से विमान पर दोबारा कंट्रोल हासिल कर लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया.