अमेरिका की सबसे खूंखार 'आर्मी'… जानें क्या है सेंटकॉम फोर्स? जिसने पलक झपकते ही आसमान में ब्लास्ट की ईरानी मिसाइलें

US Centcom Force: अमेरिका की सेना, नौसेना, वायुसेना, CIA, FBI के बारे में दुनिया जानती है, लेकिन अमेरिका की एक फोर्स ऐसी भी है, जिसके बारे में शायद ही कोई जानत हो। जी हां, सेंटकॉम फोर्स जिसे अरब देशों समेत 21 देशों में तैनात किया गया है और यह इतनी खतरनाक है कि इसके पलक झपकते ही मिसाइल आसमान में फट जाती है।

US Centcom Forces
विज्ञापन

US Centcom Force Explainer: इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया। ताबड़तोड़ बमबारी और गोलाबारी की। दनादन मिसाइलें दागीं और ड्रोन अटैक करके पूरे देश में तबाही मचाई। इजरायल की IDF ने हमला करके घेराव किया और अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन ने मिसाइलें दागकर ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को मौत के घाट उतार दिया। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने इजरायल समेत 9 देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, जिन्हें अमेरिका की सेंटकॉम फोर्स ने नाकाम किया।

अमेरिका की सेंटकॉम फोर्स क्या है?

अमेरिकी की सेंटकॉम फोर्स का पूरा नाम यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड है। यह फोर्स दुनिया के सबसे संवेदनशील और अशांत इलाके मध्य पूर्व में तैनात है। पेंटागन की 11 कॉम्बैटेंट कमांड्स में से एक सेंटकॉम फोर्स का हेड ऑफिस फ्लोरिडा के टाम्पा में मैकडिल एयर फोर्स बेस में है। एक फॉरवर्ड हेड ऑफिस कतर के अल उदेद एयर बेस में है। थल सेना, वायु सेना, नौसेना और मरीन कॉर्प्स के साथ मिलकर यह फोर्स काम करती है।

विज्ञापन

अमेरिका ने सेंटकॉम फोर्स क्यों बनाई?

जनवरी 1983 में बनाई गई सेंटकॉम फोर्स को अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने हितों की रक्षा के लिए बनाया था। 1979 में रूस ने जब अफगानिस्तान पर हमला किया था, तब अमेरिका को डर हो गया था कि रूस खाड़ी देशों के तेल भंडार पर कब्जा कर लेगा। अमेरिका ऐसा नहीं चाहता था, इसलिए अमेरिका ने खाड़ी देशों के तेल भंडार की सिक्योरिटी के लिए इस फोर्स को बनाया, ताकि रूस के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित न हो।

अमेरिका की सेंटकॉम का काम क्या?

सेंटकॉम फोर्स का काम मध्य पूर्व और मध्य एशिया में शांति बनाए रखना, अल-कायदा, ISIS और अन्य आतंकी संगठनों का मुकाबला करना। होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों को बंद न होने देना। जॉर्डन, इजरायल और सऊदी अरब को सैन्य सहायता प्रदान करना। ईरान की परमाणु गतिविधियों और उसके द्वारा समर्थित आतंकी संगठनों की निगरानी करना। युद्ध या प्राकृतिक आपदा के समय राहत कार्य करना।

विज्ञापन

21 देशों में सेंटकॉम फोर्स की तैनाती

बता दें कि अमेरिका की सेंटकॉम फोर्स मध्य पूर्व, मध्य एशिया और दक्षिण एशिया दुनियाभर के 21 देशों मे तैनात है। इसे बहरीन, मिस्र, ईरान, इराक, इजराइल, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कुवैत, किर्गिस्तान, लेबनान, ओमान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), उज्बेकिस्तान और यमन में तैनात किया गया है। कतर, बहरीन, कुवैत और UAE में अमेरिकी सेना की बड़ी मौजूदगी रहती है।

विज्ञापन

ईरान से तनाव में फोर्स की भूमिका

ईरान के साथ जंग में सेंटकॉम फोर्स ने अहम भूमिका निभाई। जंग में यह फोर्स सबसे आगे है और ईरान की मिसाइलों को नाकाम कर रही है। ईरान समर्थित आतंकी गुटों हिजबुल्लाह, हूती और हमास के हमले को नाकाम कर रही है। वहीं ईरान इस फोर्स को आतंकवादी संगठन मानता है, जबकि अमेरिका ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) को आतंकी संगठन घोषित कर चुका है। सेंटकॉम फोर्स सैन्य बल नहीं है, बल्कि यह मध्य पूर्व में अमेरिका की आंख-कान है।

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ