स्पेन के PM पेड्रो सांचेज ने क्यों किया वक्त से पहले चुनाव का ऐलान? इन मुद्दों पर लड़ा जाएगा इलेक्शन

Spain News: स्पेन में तय वक्त से पहले आम चुनाव होने वाले हैं, जिसकी तारीख 29 नवंबर 2026 रखी गई है. इसका ऐलान खुद वहां के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने किया, जिन्हें कई मुद्दों पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है. उम्मीद है कि इस इलेक्शन में हाउसिंग क्राइसिस का मुद्दा सबसे अहम रहेगा.

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स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेज (Photo-X/@sanchezcastejon)

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Spain PM Pedro Sanchez Calls Early Election: स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेज ने 29 नवंबर 2026 को वक्त से पहले आम चुनाव कराने का फैसला किया है. उन्होंने चुनाव की तारीख को तकरीबन 8 महीने पहले शेड्यूल कर दिया है, क्योंकि उनकी सरकार स्पेन में घरों की कमी और मकानों की बढ़ती कीमतों को लेकर जनता की बढ़ती चिंता का फायदा उठाना चाहती है.

हाउसिंग क्राइसिस चुनाव का बड़ा मुद्दा

ये ऐलान स्पेन भर में घरों की बढ़ती कीमतों, लोगों को घरों से निकाले जाने और सस्ते घरों की कमी के खिलाफ हफ्तों तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद की गई है. मैड्रिड में एक 87 साल की महिला को उसके घर से निकाले जाने की घटना की हर तरफ चर्चा के बाद जनता का गुस्सा और बढ़ गया था और विरोध प्रदर्शन के दौरान कई जगह आगजनी की घटना हुई थी.

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स्पेन में प्रदर्शन के दौरान आगजनी की घटनाएं हुईं थीं (Photo-PTI)

पेड्रो सांचेज की अल्पमत सरकार को पिछले हफ्ते एक बड़ा झटका भी लगा था, जब विपक्षी दलों ने कमजोर किराएदारों की सुरक्षा और प्रॉपर्टी की सट्टेबाजी को रोकने के लिए लाए गए इमरजेंसी उपायों को रोक दिया था. इस हार से प्रधानमंत्री पर दबाव बढ़ गया और ऐसी अटकलें तेज हो गईं कि वो तय वक्त से पहले चुनाव करवा सकते हैं.

सांचेज ने की प्रोग्रेसिव सपोर्ट की अपील

टीवी पर दिए एक भाषण में सांचेज ने कहा कि मतदाताओं को ये तय करना होगा कि स्पेन किस राजनीतिक दिशा में आगे बढ़े. उन्होंने तर्क दिया कि संसद में एक ब्रॉडर प्रोग्रेसिव मेजॉरिटी उनकी सरकार को देश की बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए ज्यादा गुंजाइश देगा.

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54 साल के सांचेज 2018 से प्रधानमंत्री हैं और 2023 से वामपंथी ‘सुमार’ पार्टी के साथ मिलकर अल्पमत गठबंधन सरकार चला रहे हैं. उनकी सरकार कानून पास करने के लिए कई छोटी पार्टियों पर निर्भर है, जिससे अहम नीतियों को संसद से मंजूरी दिलाना मुश्किल हो जाता है.

प्रधानमंत्री सांचेज को अपनी सोशलिस्ट पार्टी के मेंबर्स, जिनमें उनकी पत्नी और भाई भी शामिल हैं, उनसे जुड़ी भ्रष्टाचार की जांच को लेकर भी राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ा है; इन सदस्यों ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है. इसके अलावा, सेउटा में माइग्रेशन के मुद्दों से निपटने के तरीके को लेकर भी उनकी सरकार की आलोचना हुई है.

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विपक्ष ने सांचेज को घेरा

चुनाव में सांचेज का मुकाबला ‘पॉपुलर पार्टी’ के नेता अल्बर्टो नुनेज फीजू से होगा, जो अगली सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं. फीजू ने इस ऐलान का स्वागत किया और कहा कि चुनाव से मतदाताओं को देश का राजनीतिक भविष्य तय करने का मौका मिलेगा. संसद को औपचारिक रूप से भंग करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी जरूरी है, जिसके लिए सांचेज ने ऐलान के बाद मीटिंग बुलाई.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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