मोदी कैबिनेट की बैठक में 2 अहम फैसलों पर मुहर लगी
(Photo: ANI)
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मंगलवार को मोदी कैबिनेट की अहम बैठक हुई, जिसमें 2 बड़े फैसलों पर मुहर लगी. बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, साथ ही MSME कंपनियों को ग्रोथ कैपिटल देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का एक फंड बनाया जाएगा.
#WATCH दिल्ली: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "आज कैबिनेट बैठक में 2 बड़े निर्णय लिए गए हैं। पहला इस बारे में है कि देश के लिए किस तरह से इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स की योजना बने। दुनिया के कई देशों में ऐसा पहले से ही हो रहा है। इसके लिए एक संस्था बनाई जाएगी जो… pic.twitter.com/tf9xxDjAM0
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ITLA इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स प्लानिंग, रिसर्च, प्रोजेक्ट के मूल्यांकन और निगरानी, पॉलिसी सपोर्ट और डेटा एनालिटिक्स के लिए मुख्य संस्था के तौर पर काम करेगी. उन्होंने कहा कि ITLA एक लंबी अवधि का ट्रांसपोर्ट प्लान तैयार करेगी. इसमें सड़कें, रेलवे, पोर्ट और शिपिंग, सिविल एविएशन, इनलैंड वॉटरवे, कोस्टल शिपिंग, शहरी मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स शामिल होंगे.
कैसे काम करेगा SGF?
मोदी सरकार ने भविष्य की बड़ी कंपनियां बनाने के लिए छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) में सीधे इक्विटी निवेश करने के मकसद से SME ग्रोथ फंड (SGF) के लिए 10 हजार करोड़ रुपये देने का वादा किया. SME ग्रोथ फंड भारत के छोटे और मध्यम उद्योगों के विकास के लिए पूंजी जुटाने में मदद करेगा. ये मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन-बेस्ड सेक्टर और रणनीतिक वैल्यू चेन में भारतीय कंपनियों को चैंपियन बनाएगा. इस फंड की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई थी. इस पहल के तहत, सरकार SGF फ्रेमवर्क के तहत बनाए गए ‘अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड’ (AIF) को कुल 10 हजार करोड़ रुपये की मदद देगी.