क्या है अमेरिका का घातक 'LUCAS' ड्रोन? जिसने पलक झपकते ही दहला दिया पूरा ईरान

अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में पहली बार घातक LUCAS सुसाइड ड्रोन का इस्तेमाल कर ईरान में तबाही मचाई है. इसी सस्ते और सटीक ड्रोन ने खामेनेई के सुरक्षित ठिकाने को निशाना बनाया.

America LUCAS drone (1)

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने हालिया सैन्य अभियान में एक ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया है जिसने पूरी दुनिया के सैन्य जानकारों को हैरान कर दिया है. इस मिशन को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया गया जिसमें अमेरिका ने पहली बार अपने सबसे नए और कम लागत वाले ड्रोन LUCAS (लो कॉस्ट अनमैन्ड कॉम्बैट अटैक सिस्टम) का इस्तेमाल किया. इजरायल के साथ मिलकर किए गए इस तालमेल वाले हमले में लुकास ड्रोन ने ईरान के रक्षा तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. इसी हमले के नतीजे में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई बड़े अधिकारियों की मौत हो गई. यह पहली बार है जब अमेरिका ने अपनी पारंपरिक महंगी मिसाइलों के साथ इन सस्ते लेकिन बेहद सटीक ऑटोनॉमस ड्रोनों को जंग के मैदान में उतारा है.

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ईरान के शाहेद ड्रोन की नकल

दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका का यह नया लुकास ड्रोन असल में ईरान के ही शाहेद-136 ड्रोन की तर्ज पर विकसित किया गया है. जिस तरह ईरान ने सस्ते सुसाइड ड्रोनों के जरिए अपनी धाक जमाई थी, अमेरिका ने उसी रणनीति को अब ईरान के खिलाफ इस्तेमाल किया है. लुकास एक वन-वे अटैक ड्रोन है जिसका मतलब है कि यह एक आत्मघाती ड्रोन की तरह काम करता है और लक्ष्य से टकराकर खुद को तबाह कर लेता है. कम कीमत होने की वजह से अमेरिकी सेना इसे सैकड़ों की तादाद में एक साथ दुश्मन के ठिकानों पर भेज सकती है. यूएस सेंट्रल कमांड की टास्क फोर्स स्कॉर्पियन स्ट्राइक ने इस ऑपरेशन के जरिए युद्ध के इतिहास में पहली बार इस तरह के बड़े ड्रोन हमले को अंजाम देकर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है.

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महंगी मिसाइलों और आधुनिक जेट का मिलाजुला वार

अमेरिका ने इस हमले में केवल ड्रोनों का ही सहारा नहीं लिया बल्कि अपनी रणनीति में एक बड़ा बदलाव करते हुए इसे हाइब्रिड वॉरफेयर का रूप दिया. ऑपरेशन में लुकास ड्रोनों के साथ-साथ टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों और दुनिया के सबसे आधुनिक फाइटर जेट F-35 और F/A-18 का भी इस्तेमाल किया गया. सेंट्रल कमांड द्वारा जारी तस्वीरों से साफ पता चलता है कि जहां एक तरफ फाइटर जेट और मिसाइलों ने भारी तबाही मचाई, वहीं लुकास ड्रोनों ने चुपके से सटीक ठिकानों को अपना निशाना बनाया. इस रणनीति की वजह से ईरान के रडार सिस्टम यह समझ ही नहीं पाए कि हमला किस दिशा से और किस हथियार से किया जा रहा है. यह हमला तकनीक और सामरिक सूझबूझ का एक खतरनाक मेल साबित हुआ है.

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मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और जवाबी कार्रवाई

खामेनेई की मौत और इस घातक ड्रोन हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया है. ईरान ने इस हमले को कायरतापूर्ण बताते हुए अमेरिका और इजरायल को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है. रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागनी शुरू कर दी हैं. लुकास ड्रोन के सफल प्रयोग ने अब भविष्य की जंगों का स्वरूप बदल दिया है क्योंकि अब महंगी मिसाइलों की जगह ये सस्ते और प्रभावी सुसाइड ड्रोन बड़े से बड़े टारगेट को खत्म करने के लिए काफी हैं. पूरी दुनिया अब इस बात को लेकर चिंतित है कि तकनीक की यह होड़ कहीं तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत न बन जाए.

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लेखक के बारे में

Raja Alam

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
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