अमेरिका और इजरायल मिलकर एक के बाद एक ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं, जिसकी वजह से हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अभी जो हमले हुए हैं, वे सिर्फ शुरुआत हैं और आगे इससे भी ज्यादा तेज और मजबूत हमले देखने को मिल सकते हैं. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने ईरान को साफ संदेश देने के लिए शुरुआती कार्रवाई की है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने जवाबी हमला किया या हालात और बिगाड़े, तो अमेरिका और उसके सहयोगी पूरी ताकत के साथ जवाब देंगे. ट्रंप के इस बयान से दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है.
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ट्रंप ने आगे क्या कहा?
सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सेना बेहद ताकतवर है और ईरान को बुरी तरह से मार रही है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने अभी तक उन पर पूरी ताकत से हमला किया भी नहीं है, अभी बड़ी लहर आई भी नहीं है. बहुत जल्दी ही बड़ा हमला आने वाला है. ट्रंप ने कहा कि अभी हालात और भी ज्यादा खराब होने वाले हैं. ट्रंप ने कहा कि उन्हें ईरान पर किए हमले का कोई अफसोस नहीं है. उन्होंने कहा कि ईरान न्यूक्लियर प्रोग्राम बंद नहीं कर रहा था. ट्रंप का कहना है कि अगर अमेरिका नहीं हमला करता तो ईरान खतरनाक मिसाइल तैयार करने ही वाला था. ट्रंप ने कहा कि ईरान को रोकने के लिए अमेरिका को हमला करना पड़ा.
'अमेरिका अपनी रक्षा के लिए कुछ भी करेगा'
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में ये भी कहा कि अमेरिका अपनी सुरक्षा और सहयोगी देशों की रक्षा के लिए कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं और दुनिया को इसके लिए तैयार रहना चाहिए. इस बढ़ते तनाव का असर आम लोगों पर भी दिखने लगा है. मिडिल ईस्ट के कई इलाकों में डर का माहौल है. हवाई हमलों और मिसाइल हमलों की आशंका के चलते लोग सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं. वहीं, इस संकट का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ा है और तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं संभाले गए, तो ये संघर्ष बड़े युद्ध का रूप ले सकता है. फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका, इजरायल और ईरान पर टिकी हुई है कि आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.
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अमेरिका और इजरायल मिलकर एक के बाद एक ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं, जिसकी वजह से हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अभी जो हमले हुए हैं, वे सिर्फ शुरुआत हैं और आगे इससे भी ज्यादा तेज और मजबूत हमले देखने को मिल सकते हैं. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने ईरान को साफ संदेश देने के लिए शुरुआती कार्रवाई की है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने जवाबी हमला किया या हालात और बिगाड़े, तो अमेरिका और उसके सहयोगी पूरी ताकत के साथ जवाब देंगे. ट्रंप के इस बयान से दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है.
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ट्रंप ने आगे क्या कहा?
सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सेना बेहद ताकतवर है और ईरान को बुरी तरह से मार रही है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने अभी तक उन पर पूरी ताकत से हमला किया भी नहीं है, अभी बड़ी लहर आई भी नहीं है. बहुत जल्दी ही बड़ा हमला आने वाला है. ट्रंप ने कहा कि अभी हालात और भी ज्यादा खराब होने वाले हैं. ट्रंप ने कहा कि उन्हें ईरान पर किए हमले का कोई अफसोस नहीं है. उन्होंने कहा कि ईरान न्यूक्लियर प्रोग्राम बंद नहीं कर रहा था. ट्रंप का कहना है कि अगर अमेरिका नहीं हमला करता तो ईरान खतरनाक मिसाइल तैयार करने ही वाला था. ट्रंप ने कहा कि ईरान को रोकने के लिए अमेरिका को हमला करना पड़ा.
‘अमेरिका अपनी रक्षा के लिए कुछ भी करेगा’
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में ये भी कहा कि अमेरिका अपनी सुरक्षा और सहयोगी देशों की रक्षा के लिए कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं और दुनिया को इसके लिए तैयार रहना चाहिए. इस बढ़ते तनाव का असर आम लोगों पर भी दिखने लगा है. मिडिल ईस्ट के कई इलाकों में डर का माहौल है. हवाई हमलों और मिसाइल हमलों की आशंका के चलते लोग सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं. वहीं, इस संकट का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ा है और तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं संभाले गए, तो ये संघर्ष बड़े युद्ध का रूप ले सकता है. फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका, इजरायल और ईरान पर टिकी हुई है कि आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.
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