मिडिल ईस्ट को क्यों कहते हैं खाड़ी देश, जानिए कैसे मिला ये नाम, इसमें कौन-कौन से मुल्क शामिल?

ईरान पर इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के बीच ऑनलाइन चर्चाओं और खबरों की हेडलाइन्स में लोगों का ध्यान ‘मिडिल ईस्ट’ और ‘खाड़ी देश’ जैसे शब्दों की परिभाषा की ओर भी जाने लगा है. आइए जानते हैं इसके पीछे की असली वजह.

MIDDLE EAST MAP.jpg

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर से युद्ध का रूप ले चुका है. हाल के हमलों में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर बड़े पैमाने पर एयर स्ट्राइक की, जिसमें राजधानी तेहरान सहित अन्य प्रमुख शहरों को गंभीर नुकसान पहुंचा है. इसी हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर आई है. ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर इजरायल और मिडिल ईस्ट के कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसालिम की बारिश की है, जिससे पूरा क्षेत्र तनाव की आग में घिरता नजर आ रहा है.

विज्ञापन

‘खाड़ी देश’ में कौन-कौन शामिल?


इसी बीच ऑनलाइन चर्चाओं और खबरों की हेडलाइन्स में लोगों का ध्यान मिडिल ईस्ट और ‘खाड़ी देश’ जैसे शब्दों की परिभाषा की ओर भी जाने लगा है. जब भी न्यूज रिपोर्ट्स में ‘खाड़ी देश’ का जिक्र किया जाता है, आमतौर पर उसका सीधा मतलब गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के सदस्य मुल्कों से होता है. GCC में छह देश शामिल हैं- सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान.

विज्ञापन

क्यों कहा जाता है ‘खाड़ी देश’?


ये सभी अरब प्रायद्वीप पर स्थित हैं और फारस की खाड़ी (पार्सियन गल्फ) के किनारे बसे हैं. इसी भौगोलिक स्थिति की वजह से इन्हें ‘खाड़ी देश’ कहा जाता है. आम तौर पर जब खबरों में कहा जाता है कि खाड़ी देशों में हमले या राजनीतिक घटनाएं चल रही हैं, तो यह इन्हीं छह GCC देशों की तरफ इशारा होता है, न कि पूरे मिडिल ईस्ट की तरफ.

विज्ञापन

मिडिल ईस्ट क्या है?


मिडिल ईस्ट हालांकि एक लचीली, थोड़ी ‘लूज’ परिभाषा वाला भौगोलिक क्षेत्र है, जिसमें आमतौर पर पश्चिमी एशिया और उत्तरी अफ्रीका के कुछ देश शामिल माने जाते हैं. इस क्षेत्र में सऊदी अरब, ईरान, इराक, तुर्की, मिस्र, इजरायल, यमन, ओमान, जॉर्डन, लीबिया समेत करीब 17–18 देश आते हैं. ‘मिडिल ईस्ट’ यह नाम किसी एक व्यक्ति ने नहीं दिया, बल्कि यूरोपीय भूगोल और भाषा की दृष्टि से इसे गढ़ा गया.

कैसे पड़ा ‘मिडिल ईस्ट’ नाम?


19वीं और 20वीं सदी में यूरोप को दुनिया का केंद्र माना जाता था, इसलिए आस–पास के इलाकों को अपनी दूरी के हिसाब से नाम दिए गए. यूरोप के सबसे करीब के देशों को ‘नियर ईस्ट’ (Near East) कहा गया, जिसमें बाल्कन देशों के अलावा इजरायल, तुर्की और लेवेंट क्षेत्र शामिल हैं. जो इलाके यूरोप से बहुत दूर थे, जैसे जापान, चीन, वियतनाम और कोरिया, उन्हें ‘फार ईस्ट’ (Far East) कहा गया. इन दोनों के बीच में आने वाले फारस, तुर्की, अरब प्रायद्वीप और उत्तरी अफ्रीका के इलाके को यूरोपीय नक्शाकारों और राजनीतिज्ञों ने ‘मिडिल ईस्ट’ का नाम दिया.

विज्ञापन

क्या इजरायल है मिडिल ईस्ट का देश?


हां, इजरायल भी मिडिल ईस्ट के ही देशों में गिना जाता है, लेकिन भौगोलिक रूप से इसकी सीमाएं फारस की खाड़ी के साथ नहीं जुड़तीं. इजरायल भूमध्य सागर के किनारे स्थित है और इसकी पहुंच लाल सागर तक है. इस कारण इसे खाड़ी देशों की श्रेणी में शामिल नहीं किया जाता. जब भी किसी रिपोर्ट में कहा जाता है कि खाड़ी देशों में कोई घटना हो रही है, तो आमतौर पर इसका मतलब GCC देशों तक ही होता है, जैसे सऊदी अरब, UAE, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान. इजरायल अलग कैटेगरी में रखा जाता है, भले ही भूखंडीय रूप से यह उसी बड़े क्षेत्र में स्थित हो.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ