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दुनिया

‘हार मानने से इनकार करेगा ईरान तो ट्रंप ‘नर्क’ बना देंगे’, व्हाइट हाउस की दो टूक चेतावनी

अमेरिका-ईरान युद्ध के एक महीने पूरे होने की ओर बढ़ते हुए व्हाइट हाउस ने अब तक की सबसे सख्त चेतावनी दे दी है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लीविट ने साफ कर दिया है कि अगर ईरान ने अपनी हार स्वीकार नहीं की और बातचीत की मेज पर नहीं आया तो ट्रंप ईरान के लिए 'नर्क' के दरवाजे खोल देंगे.

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Edited By : Vijay Jain Updated: Mar 26, 2026 09:51
White House warning

व्हाइट हाउस प्रेस सचिव करोलाइन लीविट ने कहा कि पिछले तीन दिनों से अमेरिका ईरान के साथ बातचीत कर रहा है और आंशिक युद्धविराम लागू किया गया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने योजनाबद्ध हमलों को अस्थायी रूप से रोकने का निर्देश दिया है, खासकर ईरानी पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर. राष्ट्रपति ट्रंप शांति चाहते हैं. लड़ाई में अब और मौतें और तबाही की कोई जरूरत नहीं है. ईरान को यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि वह बच निकलेगा. अगर ईरान अपनी सैन्य हार को स्वीकार नहीं करता, तो ट्रंप सुनिश्चित करेंगे कि उसे पहले से कहीं ज्यादा कठोरता से मारा जाए. राष्ट्रपति ट्रंप जो कहते हैं वो करते हैं, वे ईरान को ‘नर्क’ बना देंगे.

15 सूत्री युद्धविराम प्रस्ताव पर पेंच

लीविट ने उन रिपोर्टों पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें कहा गया था कि ईरान ने अमेरिका के 15-सूत्री युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. उन्होंने कहा कि बातचीत अभी भी जारी है और कुछ हद तक पॉजिटिव भी है. हालांकि, जमीन पर तनाव कम नहीं हुआ है. ईरान ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बड़ा हमला किया है, जिसके जवाब में पेंटागन अब मिडिल ईस्ट में 82वीं एयरबोन डिवीजन के 1000 से ज्यादा अतिरिक्त सैनिकों को भेजने की तैयारी कर रहा है. हालांकि उन्होंने कुछ मीडिया रिपोर्टों को पूरी तरह सही नहीं बताया, लेकिन प्रस्ताव में कुछ सच्चाई होने की बात स्वीकारी है.

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ईरान वक्त की गंभीरता नहीं समझता

लीविट ने प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट रूप से कहा कि अगर ईरान इस वक्त की गंभीरता नहीं समझता कि उसे सैन्य रूप से हरा दिया गया है और आगे भी हराया जाएगा। अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ अपने मुख्य उद्देश्यों को हासिल करने के बहुत करीब है. ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता, नौसेना और परमाणु महत्वाकांक्षा को भारी नुकसान पहुंचाया जा चुका है. इससे पहले ईरानी राजदूत ने कहा था कि भारत मध्य पूर्व तनाव कम करने में विश्वसनीय मध्यस्थ बन सकता है. अब व्हाइट हाउस की इस नई चेतावनी के साथ क्षेत्रीय कूटनीति और जटिल होती जा रही है. ट्रंप प्रशासन का रुख साफ है कि कूटनीति पहला विकल्प, लेकिन अगर ईरान समझौता नहीं करता तो सैन्य कार्रवाई और तेज होगी.

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First published on: Mar 26, 2026 08:13 AM

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