---विज्ञापन---

दुनिया angle-right

Explainer: क्या है संयुक्त राष्ट्र (UN)? कैसे काम करती है इसकी जनरल असेंबली

दुनिया के देशों को एक मंच पर लाने वाला संयुक्त राष्ट्र क्या है और इसकी जनरल असेंबली कैसे काम करती है, इसे समझना आज के वैश्विक दौर में बेहद जरूरी और दिलचस्प विषय है.

---विज्ञापन---

संयुक्त राष्ट्र (UN) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना दूसरे विश्व युद्ध के बाद 1945 में दुनिया भर में शांति बनाए रखने के लक्ष्य के साथ की गई थी. वर्तमान में इसमें 193 पूर्ण सदस्य देश शामिल हैं और दो गैर-सदस्य राज्य यानी वेटिकन सिटी और फिलिस्तीन भी इसके साथ जुड़े हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) इस संगठन की सबसे मुख्य बैठक होती है जिसमें सभी सदस्य देशों को अपनी बात रखने का समान अधिकार मिलता है. यह महासभा हर साल सितंबर के महीने में न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित की जाती है, जहां दुनिया भर के बड़े नेता वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए इकट्ठा होते हैं.

इस साल महासभा के एजेंडे में क्या है खास?

इस साल की महासभा में सतत विकास लक्ष्यों (SDG) पर खास जोर दिया जा रहा है जिसमें दुनिया से भूख और गरीबी खत्म करने के साथ-साथ साफ पानी और बेहतर शिक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. महासभा के दौरान होने वाली जनरल डिबेट में हर देश के प्रतिनिधि को अपनी चिंताओं को उठाने का मौका दिया जाता है. इसके अलावा जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक विशेष क्लाइमेट समिट का भी आयोजन किया जा रहा है. इस बार महासभा की अध्यक्षता त्रिनिदाद और टोबैगो के अनुभवी राजनयिक डेनिस फ्रांसिस कर रहे हैं जो आर्थिक विकास और वैश्विक महामारी जैसे गंभीर विषयों पर सम्मेलनों का नेतृत्व करेंगे.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: ईरान-US-इजरायल जंग को खत्म कराएगा भारत! ईरानी राजदूत ने बताया भरोसेमंद खिलाड़ी

महासभा की रोचक परंपराएं और नियम

संयुक्त राष्ट्र महासभा की कुछ परंपराएं बेहद पुरानी और दिलचस्प हैं जैसे कि जनरल डिबेट में पहला भाषण हमेशा ब्राजील का प्रतिनिधि देता है और उसके बाद मेजबान देश अमेरिका की बारी आती है. यह परंपरा इसलिए बनी क्योंकि शुरुआती दिनों में जब कोई देश पहले बोलने को तैयार नहीं था तब ब्राजील ने खुद आगे बढ़कर इसकी शुरुआत की थी. महासभा में प्रतिनिधि अपनी बात रखने के लिए छह आधिकारिक भाषाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं जिनमें अंग्रेजी, फ्रेंच और रशियन जैसी भाषाएं शामिल हैं. वक्ताओं को अपना भाषण 15 मिनट के भीतर खत्म करने की सलाह दी जाती है लेकिन क्यूबा के फिदेल कास्त्रो के नाम सबसे लंबा साढ़े चार घंटे का भाषण देने का रिकॉर्ड दर्ज है.

---विज्ञापन---

यादगार विवाद और बड़े नेताओं की गैर-मौजूदगी

महासभा के इतिहास में कई ऐसे मौके आए हैं जिन्हें दुनिया कभी नहीं भूल सकती जैसे 2019 में ग्रेटा थनबर्ग का नेताओं को फटकारना या 2006 में ह्यूगो शावेज द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति को शैतान कहना. इस साल की बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के शामिल होने की उम्मीद है लेकिन रूस, चीन और फ्रांस जैसे बड़े देशों के राष्ट्रपतियों के शामिल न होने की खबरें भी चर्चा में हैं. संयुक्त राष्ट्र केवल एक संगठन नहीं है बल्कि यह दुनिया के देशों के बीच कूटनीति का एक ऐसा जरिया है जहां बड़े-बड़े विवादों को बातचीत से सुलझाने की कोशिश की जाती है. यह मंच इस बात का गवाह है कि कैसे एक छोटे से विचार ने आज 193 देशों को एक साथ लाकर खड़ा कर दिया है.

First published on: Mar 26, 2026 09:21 AM

End of Article

About the Author

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में तीन वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. राजा ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Zee Media के डिजिटल प्लेटफॉर्म India.Com हिंदी से की थी. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

Read More

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में तीन वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. राजा ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Zee Media के डिजिटल प्लेटफॉर्म India.Com हिंदी से की थी. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola