मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने एक बार फिर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है. यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें अमेरिकी वायुसेना के अत्याधुनिक B-1B लांसर बॉम्बर विमान मिडिल ईस्ट के आसमान में उड़ान भरते नजर आए. माना जा रहा है कि ये उड़ान ईरान को कड़ा संदेश देने और क्षेत्र में अमेरिकी सैना की मौजूदगी दिखाने के लिए की गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस मिशन के तहत B-1B लांसर बॉम्बर्स को क्षेत्र में तैनात किया. इन विमानों ने सहयोगी देशों के लड़ाकू विमानों के साथ संयुक्त अभ्यास भी किया. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह की उड़ानें आमतौर पर ‘शो ऑफ फोर्स’ यानी सैन्य शक्ति प्रदर्शन के लिए की जाती हैं.
ये भी पढ़ें: जंग के बीच भारत के लिए राहत की खबर, UAE से सुरक्षित निकला इंडियन ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’, 80800 टन तेल से भरा
क्या है अमेरिका का प्लान?
दरअसल, पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. अमेरिका और उसके सहयोगी इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. इसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति गंभीर बनी हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने अपने कई रणनीतिक बॉम्बर जैसे B-1B, B-2 और B-52 विमानों को भी तैनात किया है ताकि जरूरत पड़ने पर लंबी दूरी से हमले किए जा सकें. इन विमानों का इस्तेमाल अंडर ग्राउंड ठिकानों और मिसाइल लॉन्च साइट्स को निशाना बनाने के लिए किया जाता है.
कितना ताकतवर है B-1B लांसर?
B-1B लांसर अमेरिकी वायुसेना का एक सुपरसोनिक रणनीतिक बॉम्बर है, जिसे दुश्मन के इलाके में गहराई तक घुसकर हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है. ये विमान करीब 34 हजार किलोग्राम तक हथियार ले जाने में सक्षम है और लंबी दूरी तक बिना रुके उड़ान भर सकता है. इस विमान की सबसे खास बात इसकी वेरिएबल-स्वीप विंग टेक्नोलॉजी है, जिसकी मदद से ये धीमी और तेज दोनों स्पीड पर अच्छे से उड़ान भर सकता है. इसके अलावा इसमें अत्याधुनिक एवियोनिक्स और कम रडार सिग्नेचर जैसी खासियत भी हैं, जिससे दुश्मन के रडार से बचना आसान हो जाता है.
ये भी पढ़ें: ईरानी ड्रोन के हमले से दुबई एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक में लगी आग, फ्लाइट्स को रोका










