---विज्ञापन---

दुनिया angle-right

मिडिल ईस्ट में फिर मचा हड़कंप, ईरान ने 4 समुद्र जहाजों पर दागी मिसाइलें, अमेरिकी फाइटर जेट गिराने का दावा

Middle East War: मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिका ने ईरान पर आत्मरक्षा का हवाला देते हुए हमले किए तो ईरान ने भी पलटवार करते हुए सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर समुद्री जहाजों पर हमला किया है और अमेरिका के लड़ाकू विमान को ढेर करने का दावा किया है।

---विज्ञापन---

मिडिल ईस्ट में फिर भयानक युद्ध की दस्तक हो गई है। अमेरिका और ईरान में तनाव फिर गहरा गया है। एक और दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म करने के लिए एक डील पर सहमति बन गई है। दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं। बीते दिन ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में 4 समुद्री जहाजों पर मिसाइलें दागीं। वहीं बुशहर शहर में अमेरिका के एक फाइटर जेट को मार गिराने का दावा भी किया है, जिससे अमेरिकी सेना ने साफ इनकार भी किया है।

हमलों के बीच अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर डील पर बनी सहमति, ट्रंप की ‘आखिरी मुहर’ बाकी

---विज्ञापन---

ईरान के हमले से फिर मचा हड़कंप

होर्मुज स्ट्रेट व्यापार के लिहाज से दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुद्री मार्ग है। इस रास्ते से पूरी दुनिया को 20 प्रतिशत कच्चा तेल सप्लाई होता है, लेकिन इस रास्ते पर व्यापारिक जहाजों पर हमला होने से एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बाजार में हड़कंप मच गया है। दुनिया भर के देश होर्मुज स्ट्रेट में संवेदनशील हालातों पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट में तनाव का सीधा असर वैश्विक शेयर बाजारों और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है।

ईरान के दावे को अमेरिका ने नकारा

बुशहर प्रांत के गवर्नर मसूद तंगेस्तानी के आधिकारिक बयान जारी करके दावा किया है कि ईरानी सेना ने जाम प्रांत के बुशहर क्षेत्र में अमेरिका के एक सैन्य विमान को मार गिराया है। अमेरिका ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि ईरान में अमेरिका के किसी विमान को नुकसान नहीं पहुंचा है। वहीं दुनियाभर के रक्षा विशेषज्ञों कहते हैं कि अगर अमेरिकी विमान ढेर होता तो मिडिल ईस्ट में पहले से बड़ा पूर्ण सैन्य टकराव हो सकता है।

---विज्ञापन---

60 दिन के समझौते पर बनी सहमति

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन क समझौते को लेकर सहमति बन गई है, लेकिन समझौते को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई दोनों ही औपचारिक मंजूरी का इंतजार है। समझौते का उद्देश्य मिडिल ईस्ट में तनाव कम करना। तत्काल युद्धविराम, होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों की आवाजाही के लिए खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर औपचारिक बातचीत शुरू करना शामिल है।

अमेरिकी हमलों से बौखलाए ईरान का पलटवार, कुवैत में US मिलिट्री बेस पर दागी मिसाइलें, सीजफायर तोड़ने का आरोप

---विज्ञापन---

अमेरिका ने ईरान पर लगाए नए प्रतिबंध

बता दें कि अमेरिका ने ईरान के तेल कारोबार पर नई पाबंदियां लगा दी हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने इन प्रतिबंधों के बारे में बताया और कहा कि ईरान के कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई करने वाले 8 जहाजों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। इनमें मार्शल आइलैंड्स, कोमोरोस और पनामा में रजिस्टर्ड जहाज शामिल हैं। वहीं इन नए प्रतिबंधों का मकसद ईरान को तेल से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने में करने से रोकना है।

First published on: May 29, 2026 06:05 AM

End of Article

About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola