21 जून ही क्यों है पृथ्वी पर सबसे बड़ा दिन? 14 घंटे तक रहता है उजाला, जानें इस खगोलीय घटना का रहस्य

आध्यात्मिक और वैज्ञानिक रूप से क्यों है यह दिन बेहद खास ? क्या है इसका महत्व और क्या असर होता है इसका आपके दैनिक जीवन में, हम बताएंगे आपको 21 जून का खगोलीय और धार्मिक महत्व.

June 21

21 जून कैलेंडर में सिर्फ एक तारीख है, लेकिन वैज्ञानिक और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका अलग ही महत्व है. पूरे साल में 365 से 366 दिन हैं, लेकिन साल में एक दिन ऐसा है जो पृथ्वी पर सबसे बड़ा या लंबा दिन होता है. 21 जून को दिन लगभग 13 घंटे 58 मिनट का होता है. इसे खगोल विज्ञान की भाषा में ग्रीष्म संक्रांति भी कहते हैं. इस दिन को सूर्य उत्तर से दक्षिण को ओर जाता है, जिसे उत्तरायण से दक्षिणायन होना कहते हैं. इस दिन सूर्य की किरणें धरती पर सीधी पड़ती हैं और गर्मी भी अपने चरम पर होती है.

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क्या है वैज्ञानिक महत्व?


वैज्ञानिकों का कहना है कि सौरमंडल में नौ ग्रह हैं, सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं. पृथ्वी भी सूर्य की परिक्रमा करती है और परिक्रमा करने के साथ-साथ वह अपने धुरी पर घूमती भी रहती है. पृथ्वी अपने धुरी पर सीधी नहीं है बल्कि साढ़े 23 डिग्री झुकी हुई है. चक्कर लगाते हुए पृथ्वी का उत्तरी गोलार्ध सूर्य के नजदीक आ जाता है और दक्षिणी गोलार्ध उससे दूर हो जाता है. इससे उत्तरी गोलार्ध पर दिन लंबे और दक्षिणी गोलार्ध पर दिन छोटे हो जाते हैं. भूमध्य सागर के उत्तर में कर्क रेखा पर सूर्य की किरणें सीधी 90 डिग्री के एंगल पर पड़ती हैं. उत्तरी गोलार्ध में अमेरिका, यूरोप, और एशिया के कुछ देश हैं जो कर्क रेखा को छूते हैं. इन पर सूर्य का सीधा प्रभाव पड़ता है.

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ज्योतिष के अनुसार महत्व


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन सूर्य मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश करता है, इसे कर्क संक्रांति भी कहते हैं. भारतीय कैलेंडर विक्रम संवत को दो भागों में बांटा गया है. यह उत्तरायण तथा दक्षिणायन के रूप में विभाजित है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि उत्तरायण, देवताओं का दिन तथा दक्षिणायन देवताओं का रात होता है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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