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‘शांति वार्ता फेल हुई तो US वसूलेगा टोल टैक्स’, होर्मुज स्ट्रेट विवाद पर ट्रंप की ईरान को दो टूक

Strait of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से ईरान को कोई टैक्स नहीं वसूलने दिया जाएगा. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर स्विट्जरलैंड में होने वाली शांति डील फेल हुई, तो अमेरिका खुद वहां अपना टोल टैक्स लगा देगा.

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Strait of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा विवाद अब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर टैक्स वसूलने की जंग में बदलता दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि वह इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से किसी भी तरह का टोल टैक्स नहीं वसूल सकता. इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता नाकाम रहती है, तो अमेरिका खुद इस रूट पर अपना टोल टैक्स लागू कर देगा.

ट्रंप की ‘ट्रुथ सोशल’ पर खुली चेतावनी

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट लिखकर अमेरिका के इरादे साफ कर दिए. ट्रंप ने लिखा कि 60 दिनों के अंतरिम युद्धविराम के दौरान या इसके बाद भी होर्मुज स्ट्रेट में कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा और ईरान को ऐसा करने की इजाजत बिल्कुल नहीं होगी. हालांकि, ट्रंप ने आगे एक बड़ी शर्त जोड़ते हुए कहा, “अगर दोनों देशों के बीच यह शांति समझौता पूरा नहीं हो पाता है तो संयुक्त राज्य अमेरिका केवल अपने फायदे के लिए इस रास्ते पर टोल टैक्स लगा सकता है.”

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अमेरिकी खर्चों की भरपाई की तैयारी

ट्रंप ने इस टैक्स को जायज ठहराते हुए तर्क दिया कि अमेरिका लंबे समय से मिडिल ईस्ट के देशों के लिए एक रक्षक (गार्जियन एंजेल) की भूमिका निभाता आया है. ऐसे में वहां दी गई अमेरिकी सुरक्षा सेवाओं के पुराने और भविष्य के खर्चों को पूरा करने के लिए अमेरिका यह टोल टैक्स वसूल सकता है.

शांति वार्ता से ठीक पहले बढ़ा तनाव

ट्रंप का यह तीखा बयान ऐसे समय पर आया है जब स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच बेहद अहम तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू होने वाली है. पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में होने वाली इस बैठक में ईरान की तरफ से संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हो रहे हैं, जबकि अमेरिकी टीम की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जेरेड कुशनर कर रहे हैं. इस बातचीत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और फ्रीज की गई संपत्तियों जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा होनी है, लेकिन ट्रंप की इस नई चेतावनी ने बैठक से ठीक पहले कड़वाहट और बढ़ा दी है.

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First published on: Jun 21, 2026 06:54 AM

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About the Author

Vijay Kumar

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.

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