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‘चाची को जल्दी मार दो स्वामी’, मंदिर के दानपात्र में मिला अनोखी मन्नत वाला 20 रुपये का नोट

जैसे ही इस नोट की बात मंदिर परिसर से बाहर निकली, वहां मौजूद श्रद्धालुओं के बीच यह कौतूहल और बहस का विषय बन गई. कुछ लोगों के लिए यह पारिवारिक कलह का एक मजाकिया रूप था, तो वहीं कई लोगों ने इस पर गहरी चिंता और दुख जाहिर किया.

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आमतौर पर लोग जब मंदिर जाते हैं, तो सुख-समृद्धि, बेहतर स्वास्थ्य, नौकरी, संतान या विवाह जैसी मंगल कामनाएं लेकर जाते हैं. लेकिन आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां भगवान के दानपात्र से एक ऐसी अर्जी निकली जिसने मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं, दोनों के होश उड़ा दिए. यहां एक श्रद्धालु ने 20 रुपये के नोट पर अपनी चाची की मौत की मन्नत लिखकर उसे दानपात्र में डाल दिया. सोशल मीडिया पर अब यह अजीबोगरीब नोट तेजी से वायरल हो रहा है और चर्चा का विषय बना हुआ है.

दानपात्र की गिनती के दौरान खुला राज


यह पूरा मामला अनंतपुर जिले के प्रसिद्ध सुब्रह्मण्येश्वर स्वामी मंदिर का है. जानकारी के अनुसार, मंदिर प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी नियमित प्रक्रिया के तहत दानपात्र (हुंडी) में आए चढ़ावे और नकदी की गिनती कर रहे थे. इसी दौरान एक कर्मचारी की नजर 20 रुपये के एक नोट पर पड़ी, जिस पर हाथ से कुछ लिखा हुआ था. सामान्य तौर पर नोटों पर लिखे धार्मिक नामों या नंबरों से इतर, इस नोट पर लिखी बात बेहद चौंकाने वाली थी.

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‘चाची की प्रताड़ना अब सहन नहीं होती’


जब मंदिर के कर्मचारियों ने उस नोट को ध्यान से पढ़ा, तो उसमें भगवान सुब्रह्मण्येश्वर स्वामी से एक दर्दनाक और अजीब गुहार लगाई गई थी. नोट पर लिखा था, ‘स्वामी, मैं अब अपनी चाची की प्रताड़ना को और सहन नहीं कर सकता. कृपया उन्हें जल्दी मार दीजिए.’ इस संदेश को पढ़कर वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी कुछ देर के लिए ठिठक गए. प्रताड़ना से तंग आकर भगवान के दरबार में मौत की मन्नत मांगने का यह अपनी तरह का पहला और बेहद गंभीर मामला था.

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सोशल मीडिया पर यूजर्स का रिएक्शन


जैसे ही इस नोट की बात मंदिर परिसर से बाहर निकली, वहां मौजूद श्रद्धालुओं के बीच यह कौतूहल और बहस का विषय बन गई. कुछ लोगों के लिए यह पारिवारिक कलह का एक मजाकिया रूप था, तो वहीं कई लोगों ने इस पर गहरी चिंता और दुख जाहिर किया. श्रद्धालुओं का कहना था कि समाज में रिश्तों की कड़वाहट इस हद तक बढ़ चुकी है कि लोग अब भगवान से अपनों की मौत की दुआएं मांग रहे हैं.

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First published on: Jun 20, 2026 04:57 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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