मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा गया है। क्योंकि अमेरिका के हमलों से बौखलाए ईरान ने करारा पलटवार किया है। ईरान ने कुवैत में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हें। हमले में मिलिट्री बेस को नुकसान भी पहुंचा है। बीती रात दक्षिणी ईरान में बंदर अब्बास शहर में हुए हमलों का जवाब देते हुए ईरान ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका ने बीती रात पिछले 48 घंटे में दूसरी बार ईरान पर हमला किया था, जिसे सेंटकॉम ने आत्मरक्षा की कार्रवाई बताया था।
मिडिल ईस्ट में फिर छिड़ा युद्ध? 48 घंटे में ईरान पर दूसरा हमला, अमेरिकी सेना ने मार गिराए ड्रोन और बरसाए बम
बंदर अब्बास पोर्ट पर हमलों का जवाब
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका के मिलिट्री बेस पर हमला करने की पुष्टि की। अमेरिका ने बंदर अब्बास पोर्ट के पास हमले किए, जिनके जवाब में अमेरिकी सैन्य एयरबेस को निशाना बनाकर भीषण हमला किया गया है। वहीं कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी करके ईरान के हमलों की पुष्टि की और कहा कि वह अपने देश की ओर दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को रोक रहे हैं। क्योंकि यह हमला अमेरिकी सैन्य ठिकानों के साथ-साथ कुवैत पर भी है।
ईरान की अमेरिका को कड़ी चेतावनी
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अनुसार, अमेरिका को चेतावनी है कि वह सीजफायर का उल्लंघन न करे। अगर इसी तरह हमले होते रहे तो ईरान भी चुप नहीं बैठैगा। ईरान का हमला पहले से घातक हो सकता है और फिर जो नुकसान होगा, उसके लिए अमेरिका खुद जिम्मेदार होगा। अमेरिका एक तरफ समझौते करने की कोशिश कर रहा है। दूसरी तरफ आत्मरक्षा की आड़ में हमले का रहा है। इस तरह का दोहरा रवैया और धोखा ईरान बर्दाश्त नहीं करेगा, मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
‘… तो उड़ा देंगे, तबाह कर देंगे’, ओमान को ट्रंप की धमकी, होर्मुज पर ईरान से समझौते की अटकलों पर भड़के
ट्रंप ने ठुकराया ईरान का समझौता
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने की खबरें ईरानी मीडिया में प्रसारित की जा रही हैं। ईरान-अमेरिका का एक ड्राफ्ट समझौता ज्ञापन लीक हुआ है। जिसमें ओमान के साथ होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान के समझौते का जिक्र है। होर्मुज से टोल वसूलने का जिक्र भी है। लेकिन ट्रंप ने इन दोनों शर्तों को ठुकरा दिया है। उनका कहना है कि अगर ओमान ने होर्मुज को लेकर ईरान से समझौता किया तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई करेगा। वहीं ईरान की शर्तों पर समझौता न करने की बात कही।
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा गया है। क्योंकि अमेरिका के हमलों से बौखलाए ईरान ने करारा पलटवार किया है। ईरान ने कुवैत में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हें। हमले में मिलिट्री बेस को नुकसान भी पहुंचा है। बीती रात दक्षिणी ईरान में बंदर अब्बास शहर में हुए हमलों का जवाब देते हुए ईरान ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका ने बीती रात पिछले 48 घंटे में दूसरी बार ईरान पर हमला किया था, जिसे सेंटकॉम ने आत्मरक्षा की कार्रवाई बताया था।
मिडिल ईस्ट में फिर छिड़ा युद्ध? 48 घंटे में ईरान पर दूसरा हमला, अमेरिकी सेना ने मार गिराए ड्रोन और बरसाए बम
बंदर अब्बास पोर्ट पर हमलों का जवाब
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका के मिलिट्री बेस पर हमला करने की पुष्टि की। अमेरिका ने बंदर अब्बास पोर्ट के पास हमले किए, जिनके जवाब में अमेरिकी सैन्य एयरबेस को निशाना बनाकर भीषण हमला किया गया है। वहीं कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी करके ईरान के हमलों की पुष्टि की और कहा कि वह अपने देश की ओर दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को रोक रहे हैं। क्योंकि यह हमला अमेरिकी सैन्य ठिकानों के साथ-साथ कुवैत पर भी है।
ईरान की अमेरिका को कड़ी चेतावनी
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अनुसार, अमेरिका को चेतावनी है कि वह सीजफायर का उल्लंघन न करे। अगर इसी तरह हमले होते रहे तो ईरान भी चुप नहीं बैठैगा। ईरान का हमला पहले से घातक हो सकता है और फिर जो नुकसान होगा, उसके लिए अमेरिका खुद जिम्मेदार होगा। अमेरिका एक तरफ समझौते करने की कोशिश कर रहा है। दूसरी तरफ आत्मरक्षा की आड़ में हमले का रहा है। इस तरह का दोहरा रवैया और धोखा ईरान बर्दाश्त नहीं करेगा, मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
‘… तो उड़ा देंगे, तबाह कर देंगे’, ओमान को ट्रंप की धमकी, होर्मुज पर ईरान से समझौते की अटकलों पर भड़के
ट्रंप ने ठुकराया ईरान का समझौता
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने की खबरें ईरानी मीडिया में प्रसारित की जा रही हैं। ईरान-अमेरिका का एक ड्राफ्ट समझौता ज्ञापन लीक हुआ है। जिसमें ओमान के साथ होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान के समझौते का जिक्र है। होर्मुज से टोल वसूलने का जिक्र भी है। लेकिन ट्रंप ने इन दोनों शर्तों को ठुकरा दिया है। उनका कहना है कि अगर ओमान ने होर्मुज को लेकर ईरान से समझौता किया तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई करेगा। वहीं ईरान की शर्तों पर समझौता न करने की बात कही।