मुसीबत में नेपाल का मददगार बना भारत, ब्रिज से लेकर DNA टीम तक… जानें अब तक पड़ोसी और ‘दोस्त’ को क्या-क्या भेजा?
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद भारत राहत और बचाव अभियान में लगातार मदद पहुंचा रहा है. भारत ने राहत सामग्री के साथ भोजन, दवाइयां, मेडिकल टीम, डीएनए और फॉरेंसिक विशेषज्ञ, टनल रेस्क्यू टीम और पुल निर्माण से जुड़ा सामान भी नेपाल भेजा है.
Edited By : Versha Singh|Updated: Aug 30, 2026 11:18
Share :
नेपाल की तबाही में भारत की मदद, ब्रिज से लेकर DNA टीम तक… जानें अब तक क्या-क्या भेजा (फोटो- AI/ANI)
---विज्ञापन---
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. इस बीच भारत ने बड़े पैमाने पर राहत सहायता नेपाल भेजी है. बिगड़े हालात के बीच भारत ने राहत और बचाव अभियान को और तेज कर दिया है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जानकारी दी कि भारत की ओर से 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी फ्लाइट नेपाल के लिए रवाना की गई है. इस बीच सवाल ये उठ रहा है कि नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच भारत ने अब तक वहां क्या-क्या भेजा है?
मिली जानकारी के अनुसार, भारत की ओर से नेपाल के लिए अब तक चार राहत उड़ानें भेजी जा चुकी हैं. इन उड़ानों के जरिए कुल 68.5 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंचाई गई है. इसमें जरूरी दवाइयां, भोजन के पैकेट, पानी साफ करने वाली गोलियां, पोर्टेबल जनरेटर, टेंट, कंबल और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं.
---विज्ञापन---
The 4th flight from 🇮🇳 with 11 tonne assistance is now airborne. The @IAF_MCC C-130 aircraft is carrying:
➡️ A Tunnel technical contingent along with equipment for search & rescue operations.
➡️ A team of Forensics experts for DNA analysis along with Forensic equipment.
भारत की पहली राहत उड़ान में करीब 10 टन आपातकालीन सामग्री भेजी गई थी. इसमें अस्थायी आश्रय के लिए सामान, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं. इसके बाद भारतीय वायुसेना के C-17 विमान से 37.5 टन राहत सामग्री भेजी गई, जिसमें बड़ी मात्रा में टेंट, कंबल, स्वच्छता से जुड़ी सामग्री, डी-वॉटरिंग पंप, किचन सेट, जनरेटर, दवाइयां और खाद्य सामग्री थी.
तीसरी उड़ान में राहत सामग्री के साथ भारतीय सेना की सुरंग बचाव विशेषज्ञ टीम और मेडिकल टीम को नेपाल भेजा गया. प्रभावित इलाकों में कई लोग सुरंगों और जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे होने की आशंका के चलते यह टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.
अब भारत ने चौथी उड़ान के जरिए 11 टन अतिरिक्त सहायता भेजी है. भारतीय वायुसेना के C-130 विमान से पहुंची इस मदद में सुरंगों में खोज और बचाव के लिए तकनीकी दल, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और डीएनए जांच से जुड़े उपकरण शामिल हैं. फॉरेंसिक टीम का उद्देश्य आपदा में मारे गए लोगों की पहचान करने में नेपाली अधिकारियों की मदद करना है. इसके अलावा कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट भी भेजे गए हैं.
---विज्ञापन---
ब्रिज बनाने के लिए 16 ट्रकों से सामान नेपाल पहुंचा
भारत ने सिर्फ हवाई राहत तक खुद को सीमित नहीं रखा है. बाढ़ में कई पुलों के बह जाने से प्रभावित इलाकों का संपर्क टूट गया है. इसे देखते हुए भारत ने 230 फीट लंबे सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण से जुड़ा सामान 16 ट्रकों के जरिए नेपाल पहुंचाया है. इसके अलावा सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए उपकरण और तकनीकी टीमें भेजी जानी हैं.
नेपाल पहुंचाई गई 68.5 टन राहत सामग्री
नेपाल में जारी राहत अभियान के तहत भारत लगातार जरूरी सामान भेज रहा है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर के मुताबिक, अब तक 68.5 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंचाई जा चुकी है. इसमें दवाइयों के अलावा पोर्टेबल जनरेटर, खाने के पैकेट, पानी को शुद्ध करने वाली गोलियां और बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले जरूरी तकनीकी उपकरण शामिल हैं. इससे पहले भी भारतीय वायुसेना के कई विमानों के जरिए नेपाल तक राहत सामग्री पहुंचाई गई थी.
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के कारण कई इलाकों में हालात बेहद खराब हैं. बाढ़ के पानी में सड़कें और पुल बह जाने से प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाना बड़ी चुनौती बना हुआ है. ऐसे मुश्किल हालात में भारत ने नेपाल की मदद के लिए राहत सामग्री के साथ तकनीकी विशेषज्ञों की टीम और अस्थायी पुल तैयार करने से जुड़ा सामान भी भेजा है.
---विज्ञापन---
भारत की ओर से साफ किया गया है कि नेपाल में राहत और बचाव कार्य पूरा होने तक हरसंभव सहायता जारी रखी जाएगी. भारतीय वायुसेना के साथ अन्य संबंधित एजेंसियां भी अभियान में जुटी हैं और जरूरत के मुताबिक प्रभावित इलाकों तक आवश्यक संसाधन पहुंचाए जा रहे हैं.