डोनाल्ड ट्रंप को ईरान का झटका, स्विट्जरलैंड में मीटिंग से किया वॉकआउट और आगे वार्ता के लिए रखी शर्त, जानें क्यों बिगड़ी बात?

US Iran Switzerland Talks Result: अमेरिका और ईरान की परमाणु समझौता शांति वार्ता बिना नतीजे के रद्द हो गई। क्योंकि ईरान ने बीच में ही मीटिंग से वॉकआउट कर दिया और अमेरिका के साथ आगे बातचीत करने के लिए शर्त रख दी। ईरान के इस रवैये की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं।

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अंतरिम समझौते की शर्त के अनुसार दोनों देश परमाणु समझौता करने के लिए बातचीत की टेबल पर बैठे थे।

स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में अमेरिका और ईरान की परमाणु समझौता वार्ता रद्द हो गई है। हालांकि ईरान ने आगे समझौता वार्ता करने से इनकार नहीं किया, लेकिन आगे बातचीत करने के लिए शर्त रखी और बीच में ही वार्ता से वॉकआउट कर लिया। ईरान के वॉकआउट की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं। क्योंकि उन्होंने बातचीत शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही ईरान को धमकी दे दी थी। इससे ईरानी प्रतिनिधिमंडल भड़क गया और धमकी को बातचीत के खिलाफ मानते हुए मीटिंग हॉल से चला गया। अमेरिकी प्रतिनिधि जेडी वेंस और मध्यस्थ देश प्रतिनिधि शहबाज शरीफ खड़े देखते रह गए।

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ईरान की आगे बातचीत के लिए शर्त

ट्रंप की धमकी से भड़के ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ फोटो सेशन में शामिल होने से इनकार कर दिया। वार्ता शुरू होने से पहले दोनों पक्षों के बीच हाथ मिलाते हुए जॉइंट फोटो खिंचवाने का प्रस्ताव था, लेकिन ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फोटो सेशन से मना कर दिया। ईरानी वार्ताकारों ने मीटिंग शुरू करने से पहले औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई। कुछ देर बातचीत के बाद शर्त रखी कि अगले दौर की बातचीत तभी होगी, जब लेबनान में पूर्ण युद्धविराम हो जाएगा। जब तक लेबनान विवाद का समाधान नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। अगर लेबनान में युद्ध समाप्त नहीं हुआ तो किसी विषय पर वार्ता आगे नहीं बढ़ेगी।

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डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को ये धमकी

स्विट्जरलैंड में मीटिंग शुरू होने से कुछ मिनट पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान को धमकाते हुए एक पोस्ट की। उन्होंने लिखा कि ईरान को लेबनान में अपनी फंडिंग वाले प्रॉक्सी ग्रुप बंद करने होंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो ईरान पर फिर बहुत बड़ा हमला करेंगे। फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने ईरान के द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की धमकी पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि जरूरत पड़ी तो अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को अपने कब्जे में लेगा और इससे टोल टैक्स वसूलेगा। इस धमकी के चलते ही ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने वॉकआउट किया।

ईरान ने धमकी पर किया पलटवार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल का जवाब आया। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि ट्रंप सावधानी से भाषा का प्रयोग करेंगे। क्या उन्हें नहीं लगता कि अगर उनकी धमकियों का ईरान पर कोई असर होता तो वे आज हताशा से भरी इस स्थिति में नहीं पहुंचते? अमेरिका की धमकियों का हमारे लिए कोई महत्व नहीं है। उन्हें अपने बयानों को लेकर ज्यादा सावधान बरती चाहिए। हमारी सशस्त्र सेनाएं तैयार हैं उन्हें जवाब देने के लिए और ट्रंप जैसी कार्रवाई करेंगे, उसी कार्रवाई में उन्हें जवाब मिलेगा। ईरान न डरने वाला है और न ही दबाव में झुकने वाला है।

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पहले दौर में इन मुद्दों पर हुई वार्ता

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के अनुसार, स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ 80 मिनट चली पहले दौर की वार्ता में युद्ध खत्म करने, प्रतिबंधों में राहत और फ्रीज किए गए फंड को जारी करने पर फोकस रहा। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने वार्ता से पहले तस्नीम न्यूज एजेंसी से कहा कि समझौता ज्ञापन (MoU) की सभी शर्तें हमारे पक्ष में हैं। इस आधार पर होने वाली वार्ताओं तथा बातचीत के परिणाम जल्द सामने आएंगी। कतर में फ्रीज ईरान के 6 अरब डॉलर समझौते के तहत ही वापस किए जाएंगे।

पेजेश्कियान बोले- एटम बम नहीं चाहते

पेजेश्कियान ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर भी निशाना साधा और कहा कि स्विट्जरलैंड में हो रही वार्ता से इजरायल के प्रधानमंत्री सबसे ज्यादा असंतुष्ट होंगे। अमेरिका की केवल एक ही शर्त है कि ईरान के पास परमाणु बम नहीं होना चाहिए। हम परमाणु बम नहीं चाहते। अमेरिका कहता है कि लिखकर दे दो तो हम लिखकर देने के लिए तैयार हैं।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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