मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है और अमेरिका-ईरान के बीच टकराव गहराता जा रहा है। अमेरिका ने जहां लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले किए, वहीं ईरान ने भी होर्मुज में UAE के जहाज को निशाना बनाया है। इस बीच अमेरिका ने बड़ा ऐलान किया है। अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की है कि अमेरिकी नौसेना आज शाम 4 बजे ईरान की बंदरगाहों की नाकाबंदी फिर से शुरू करेगी। ईरान की बंदरगाहों तक आने-जाने वाले समुद्री यातायात को प्रतिबंधित करेगी। आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश है।
जहाजों को उल्लंघन न करने का निर्देश
सेंटकॉम ने बताया कि नाकेबंदी की कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर की जा रही है। इसके बाद ईरान की बंदरगाहों पर कोई जहाज नहीं जा पाएगा और न ही वहां से कोई आ पाएगा। अमेरिका की नाकाबंदी का उल्लंघन करने का प्रयास जहाज न करें। अगर वे आदेश मानेंगे तो उन्हें क्षेत्रीय समुद्री मार्गों से सुरक्षित गुजरने दिया जाएगा। अब से पहले 13 अप्रैल से 18 जून तक नाकेबंदी रही और 140 से ज्यादा जहाजों का मार्ग बदला गया था। 9 जहाजों को इनैक्टिव किया और 50 से ज्यादा जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई थी।
ट्रंप का होर्मुज से टोल वसूलने का ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बहुत बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर लिखा है कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान को छोड़कर बाकी सभी देशों के लिए खुला है और खुला रहेगा। ईरान के कह देने से यह बंद नहीं होगा, क्योंकि अब होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का कंट्रोल होगा। अब अमेरिका ही होर्मुज का संरक्षक है। इस बेहद संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए इंतजाम किए जाएंगे और इस पर होने वाले खर्च पूरे करने के लिए कार्गो शिपमेंट पर 20% टोल टैक्स वसूला जाएगा।
टाेल वसूलने के दावे पर ईरान का पलटवार
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के होर्मुज स्ट्रेट से टोल वसूलने के दावे पर ईरान ने पलटवार किया है कि ईरान टोल वसूले तो आपत्ति है और अब खुद टोल वसूलने का दावा कर रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने ट्रंप के 20% टोल वसूलने के दावे का मजाक उड़ाते हुए कहा कि होर्मुज का असली गार्डियन हमेशा से ईरान रहा है और ईरान ही रहेगा। 20% टोल तो बहुत ज्यादा है तो इस मामले में ईरान ही बेहतर है। अगर अमेरिकी सेना ने ईरान के शिपिंग रूट से बाहर और ईरानी सेना की इजाजत के बिना कमर्शियल जहाजों और तेल टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजारने दिया तो कड़ा जवाब दिया जाएगा।
मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है और अमेरिका-ईरान के बीच टकराव गहराता जा रहा है। अमेरिका ने जहां लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले किए, वहीं ईरान ने भी होर्मुज में UAE के जहाज को निशाना बनाया है। इस बीच अमेरिका ने बड़ा ऐलान किया है। अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की है कि अमेरिकी नौसेना आज शाम 4 बजे ईरान की बंदरगाहों की नाकाबंदी फिर से शुरू करेगी। ईरान की बंदरगाहों तक आने-जाने वाले समुद्री यातायात को प्रतिबंधित करेगी। आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश है।
जहाजों को उल्लंघन न करने का निर्देश
सेंटकॉम ने बताया कि नाकेबंदी की कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर की जा रही है। इसके बाद ईरान की बंदरगाहों पर कोई जहाज नहीं जा पाएगा और न ही वहां से कोई आ पाएगा। अमेरिका की नाकाबंदी का उल्लंघन करने का प्रयास जहाज न करें। अगर वे आदेश मानेंगे तो उन्हें क्षेत्रीय समुद्री मार्गों से सुरक्षित गुजरने दिया जाएगा। अब से पहले 13 अप्रैल से 18 जून तक नाकेबंदी रही और 140 से ज्यादा जहाजों का मार्ग बदला गया था। 9 जहाजों को इनैक्टिव किया और 50 से ज्यादा जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई थी।
ट्रंप का होर्मुज से टोल वसूलने का ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बहुत बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर लिखा है कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान को छोड़कर बाकी सभी देशों के लिए खुला है और खुला रहेगा। ईरान के कह देने से यह बंद नहीं होगा, क्योंकि अब होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का कंट्रोल होगा। अब अमेरिका ही होर्मुज का संरक्षक है। इस बेहद संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए इंतजाम किए जाएंगे और इस पर होने वाले खर्च पूरे करने के लिए कार्गो शिपमेंट पर 20% टोल टैक्स वसूला जाएगा।
टाेल वसूलने के दावे पर ईरान का पलटवार
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के होर्मुज स्ट्रेट से टोल वसूलने के दावे पर ईरान ने पलटवार किया है कि ईरान टोल वसूले तो आपत्ति है और अब खुद टोल वसूलने का दावा कर रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने ट्रंप के 20% टोल वसूलने के दावे का मजाक उड़ाते हुए कहा कि होर्मुज का असली गार्डियन हमेशा से ईरान रहा है और ईरान ही रहेगा। 20% टोल तो बहुत ज्यादा है तो इस मामले में ईरान ही बेहतर है। अगर अमेरिकी सेना ने ईरान के शिपिंग रूट से बाहर और ईरानी सेना की इजाजत के बिना कमर्शियल जहाजों और तेल टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजारने दिया तो कड़ा जवाब दिया जाएगा।